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ॐ

आडि सेव्वाय 1933

तमिल मास आडि का हर मंगलवार: अम्मन, मुरुगन और अव्वैयार नोन्बु

📍 बेंगलुरु, भारत
आडि सेव्वाय · 1933
📍 बेंगलुरु, भारत
मंगलवार, जुलाई 18, 1933
तमिल मास आडि का हर मंगलवार: अम्मन, मुरुगन और अव्वैयार नोन्बु
इस वर्ष आडि सेव्वाय की तिथियाँ · बेंगलुरु
1
आडि सेव्वाय 1
🗓 मंगलवार, जुलाई 18, 1933
🌅 सूर्योदय
06:02:41 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:48:54 अपराह्न
2
आडि सेव्वाय 2
🗓 मंगलवार, जुलाई 25, 1933
🌅 सूर्योदय
06:04:28 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:47:47 अपराह्न
3
आडि सेव्वाय 3
🗓 मंगलवार, अगस्त 1, 1933
🌅 सूर्योदय
06:06:02 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:45:56 अपराह्न
4
आडि सेव्वाय 4
🗓 मंगलवार, अगस्त 8, 1933
🌅 सूर्योदय
06:07:19 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:43:24 अपराह्न
5
आडि सेव्वाय 5
🗓 मंगलवार, अगस्त 15, 1933
🌅 सूर्योदय
06:08:17 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:40:12 अपराह्न
परिचय

आडि सेव्वाय

आडि सेव्वाय (ஆடி செவ்வாய்) तमिल मास आडि का प्रत्येक मंगलवार है, और आडि देवी का मास है। आडि वेळ्ळि के साथ आडि के मंगलवार पूरे तमिलनाडु में अम्मन की उपासना के महान दिन हैं।

मारियम्मन और ग्राम देवियों को पोंगल, कूऴ और नींबू की मालाएँ अर्पित की जाती हैं, और भक्त मंदिरों तक कुंभम् और पाल कुडम् ले जाते हैं। मंगलवार मुरुगन का भी दिन है, और उनके मंदिरों में भारी भीड़ रहती है।

आडि के मंगलवारों को स्त्रियाँ अव्वैयार नोन्बु (अव्वैयार व्रत) करती हैं: देर रात, जब कोई पुरुष उपस्थित नहीं होता, वे बिना नमक के कोऴुकट्टै बनाकर अव्वैयार को अर्पित करती हैं और परिवार के कल्याण के लिए प्रार्थना करती हैं।

परंपरा और विधि
🔱
अम्मन की उपासना
मारियम्मन और ग्राम देवियों को पोंगल, कूऴ और नींबू की मालाएँ अर्पित की जाती हैं।
🦚
मुरुगन
मंगलवार मुरुगन का दिन है, और आडि में उनके मंदिरों में भारी भीड़ रहती है।
🌙
अव्वैयार नोन्बु
स्त्रियाँ अव्वैयार के लिए बिना नमक के कोऴुकट्टै के साथ रात्रि व्रत करती हैं।
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