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अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम 2071

इस वर्ष श्री अहोबिल मठ के सभी अऴगियसिंगर तिरुनक्षत्रम, आपके शहर के लिए

📍 Bangalore, India
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अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम · 2071
📍 Bangalore, India
इस वर्ष श्री अहोबिल मठ के सभी अऴगियसिंगर तिरुनक्षत्रम, आपके शहर के लिए
इस वर्ष की तिरुनक्षत्रम तिथियाँ · Bangalore
7 जनवरी 2071
बुधवार
41वें अऴगियसिंगर (श्री लक्ष्मीनृसिंह शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
मार्गळि · पूर्वाभाद्रपद
10 जनवरी 2071
शनिवार
8वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
मार्गळि · अश्विनी
14 जनवरी 2071
बुधवार
16वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
मार्गळि · मृगशिरा
22 जनवरी 2071
गुरुवार
15वें अऴगियसिंगर (श्री कल्याण वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
थाई · चित्रा
30 जनवरी 2071
शुक्रवार
42वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीरंग शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, इंजिमेडु)
थाई · उत्तराषाढ़ा
31 जनवरी 2071
शनिवार
3वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
थाई · श्रवण
3 फ़रवरी 2071
मंगलवार
6वें अऴगियसिंगर (श्री षष्ठ परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
थाई · पूर्वाभाद्रपद
11 फ़रवरी 2071
बुधवार
38वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
थाई · आर्द्रा
12 मार्च 2071
गुरुवार
37वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, पिळ्ळैप्पाक्कम)
मासी · पुष्य
14 मार्च 2071
शनिवार
19वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
मासी · मघा
13 अप्रैल 2071
सोमवार
21वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
पंगुनी · हस्त
26 अप्रैल 2071
रविवार
32वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
चित्तिरै · पूर्वाभाद्रपद
5 मई 2071
मंगलवार
24वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश रामानुज यतीन्द्र महादेशिक)
चित्तिरै · पुनर्वसु
12 मई 2071
मंगलवार
29वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश रामानुज यतीन्द्र महादेशिक)
चित्तिरै · चित्रा
22 मई 2071
शुक्रवार
27वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
वैकासी · धनिष्ठा
28 मई 2071
गुरुवार
39वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
वैकासी · भरणी
10 जून 2071
बुधवार
10वें अऴगियसिंगर
वैकासी · विशाखा
10 जून 2071
बुधवार
7वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
वैकासी · विशाखा
12 जून 2071
शुक्रवार
35वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, कळत्तूर)
वैकासी · ज्येष्ठा
21 जून 2071
रविवार
23वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · उत्तराभाद्रपद
28 जून 2071
रविवार
9वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · आर्द्रा
1 जुलाई 2071
बुधवार
46वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · मघा
13 जुलाई 2071
सोमवार
13वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · उत्तराषाढ़ा
23 जुलाई 2071
गुरुवार
22वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · रोहिणी
27 जुलाई 2071
सोमवार
36वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · पुष्य
29 जुलाई 2071
बुधवार
26वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · पूर्वाफाल्गुनी
2 अगस्त 2071
रविवार
25वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · स्वाती
9 अगस्त 2071
रविवार
14वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · उत्तराषाढ़ा
28 अगस्त 2071
शुक्रवार
44वें अऴगियसिंगर (श्री वेदान्त देशिक यतीन्द्र महादेशिक, मुक्कूर)
आवणी · हस्त
2 सितंबर 2071
बुधवार
2वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आवणी · ज्येष्ठा
3 सितंबर 2071
गुरुवार
28वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
आवणी · मूल
21 सितंबर 2071
सोमवार
18वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · आश्लेषा
22 सितंबर 2071
मंगलवार
12वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · पूर्वाफाल्गुनी
27 सितंबर 2071
रविवार
33वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · विशाखा
29 सितंबर 2071
मंगलवार
1वें अऴगियसिंगर (श्री आदिवण् शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · ज्येष्ठा
30 सितंबर 2071
बुधवार
20वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · मूल
6 अक्टूबर 2071
मंगलवार
17वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव वेदान्त यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · शतभिषा
28 अक्टूबर 2071
बुधवार
11वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
अइप्पसी · मूल
25 नवंबर 2071
बुधवार
43वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, देवनार्विळागम)
कार्तिकई · पूर्वाषाढ़ा
26 नवंबर 2071
गुरुवार
34वें अऴगियसिंगर (श्री रामानुज यतीन्द्र महादेशिक)
कार्तिकई · उत्तराषाढ़ा
2 दिसंबर 2071
बुधवार
45वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक, विल्लिवलम)
कार्तिकई · उत्तराभाद्रपद
6 दिसंबर 2071
रविवार
5वें अऴगियसिंगर (श्री सर्वतन्त्र स्वतन्त्र शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
कार्तिकई · कृत्तिका
12 दिसंबर 2071
शनिवार
31वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण वेदान्त यतीन्द्र महादेशिक)
कार्तिकई · मघा
28 दिसंबर 2071
सोमवार
41वें अऴगियसिंगर (श्री लक्ष्मीनृसिंह शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
मार्गळि · पूर्वाभाद्रपद
31 दिसंबर 2071
गुरुवार
8वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
मार्गळि · अश्विनी
दृश्य गणित क्या है?

दृश्य का अर्थ है "जो दिखाई दे" और गणित का अर्थ है "गणना"। दृश्य गणित पंचांग वह है जिसकी बात आप अपनी आँखों से परख सकें। जब वह कहता है कि चंद्रमा किसी नक्षत्र में है, तो रात के आकाश में आप उसे वहीं पाएँगे। जब वह ग्रहण, अमावस्या या पूर्णिमा का समय बताता है, तो आकाश उसी समय वह दृश्य दिखाता है।

हमारा पंचांग इसी सिद्धांत पर चलता है। यह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध JPL ग्रह सारणी (एफ़ेमेरिस) के आधार पर आधुनिक खगोल विज्ञान से सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति की गणना करता है (यह साइट नासा या JPL से संबद्ध नहीं है और न ही उनके द्वारा समर्थित है), ताकि हर तिथि, नक्षत्र और पर्व का दिन स्वयं आकाश से मेल खाए।

सदियों से बड़े यत्न से संजोए गए पारंपरिक वाक्य पंचांग अपनी प्राचीन पद्धति का पालन करते हैं। इसलिए कभी-कभी यहाँ की कोई तिथि वाक्य पंचांग से एक दिन भिन्न हो सकती है। ऐसे हर अवसर पर कृपया अपने परिवार या मंदिर की परंपरा का पालन करें।

परिचय

अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम

श्री अहोबिल मठ दक्षिण भारत के महान श्रीवैष्णव मठों में से एक है। परंपरा के अनुसार इसकी स्थापना लगभग 1398 में आज के आंध्र प्रदेश की पहाड़ियों में स्थित अहोबिलम में हुई, जहाँ स्वयं भगवान लक्ष्मी नृसिंह ने युवा विद्वान श्रीनिवासाचार्य को संन्यास की दीक्षा दी और वे मठ के प्रथम जीयर श्रीवण् शठकोप स्वामी बने।

मठ के जीयरों को अहोबिलम के भगवान के नाम पर प्रेम से अऴगियसिंगर, "सुंदर सिंह", कहा जाता है। प्रत्येक अऴगियसिंगर मठ के अपने आराध्य श्री मालोल नृसिंह की आराधना करते हैं और संचार में उन्हें स्थान से स्थान ले जाते हुए विशिष्टाद्वैत और श्रीवैष्णव जीवन पद्धति का उपदेश देते हैं। यह परंपरा छह शताब्दियों से अधिक समय से बिना टूटे चली आ रही है; वर्तमान अऴगियसिंगर 46वें हैं, श्रीवण् शठकोप श्री रंगनाथ यतीन्द्र महादेशिक।

मठ प्रत्येक अऴगियसिंगर को उनके तिरुनक्षत्रम पर, अर्थात उनके जन्म के तमिल मास में उनके जन्म नक्षत्र के दिन, मठ और उसकी शाखाओं में विशेष पूजा, दिव्य प्रबंधम के पाठ और नैवेद्य के साथ स्मरण करता है।

ऊपर की सूची में आपके नगर के लिए इस वर्ष के सभी अऴगियसिंगर तिरुनक्षत्रम मास के क्रम से दिए गए हैं।

लक्ष्मीनाथसमारम्भां नाथयामुनमध्यमाम् ।
अस्मदाचार्यपर्यन्तां वन्दे गुरुपरंपराम् ॥
lakṣmīnāthasamārambhāṃ nāthayāmunamadhyamām |
asmadācāryaparyantāṃ vande guruparaṃparām ||
"I bow to the line of our Acharyas, which begins with Lakshminatha, Lord Sriman Narayana, has Sriman Nathamuni and Sri Yamunacharya in its middle, and reaches down to our own Acharya."
Guru Parampara Taniyan
केशवार्यकृपापात्रं धीशमादिगुणार्णवम् |
श्री शठारियतीशानं देशिकेन्द्रमहं भजे ||

प्रपद्ये निरवद्यानां निषद्यां गुणसम्पदाम् |
शरणं भवभीतानां शठकोप मुनीश्वरम् ||
keśavāryakṛpāpātraṃ dhīśamādiguṇārṇavam |
śrī śaṭhāriyatīśānaṃ deśikendramahaṃ bhaje ||

prapadye niravadyānāṃ niṣadyāṃ guṇasampadām |
śaraṇaṃ bhavabhītānāṃ śaṭhakopa munīśvaram ||
"I worship the great teacher Sri Satakopa Yati, vessel of the grace of Kesavarya and an ocean of wisdom, self-mastery and every virtue. I take refuge in Satakopa Muni, the home of flawless virtues and the refuge of those who fear the round of births."
Taniyan of Srivan Satakopa Swami (Adivan Satakopa Yatindra Mahadesikan), founder and 1st Azhagiyasingar (text as printed in the Sri Ahobila Mutt's Sri Sannidhi Thaniyans)
परंपरा और विधि
🦁
अऴगियसिंगर
"सुंदर सिंह": अहोबिलम के भगवान नृसिंह के नाम पर श्री अहोबिल मठ के प्रत्येक जीयर की उपाधि।
🛕
श्री मालोल नृसिंह
मठ के अपने आराध्य, जिनकी प्रत्येक अऴगियसिंगर आराधना करते हैं और संचार में साथ ले जाते हैं।
📿
46 अऴगियसिंगर
श्रीवण् शठकोप स्वामी (लगभग 1398) से वर्तमान 46वें तक जीयरों की अटूट परंपरा।
🙏
तिरुनक्षत्रम
प्रत्येक अऴगियसिंगर का स्मरण उनके तमिल मास में उनके जन्म नक्षत्र पर किया जाता है।
शास्त्री जी से पूछें
📅 अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम 2071 कब है? ⏰ 7 जनवरी 2071 (बुधवार) का मुहूर्त 📖 7 जनवरी 2071 (बुधवार) का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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