Shravana Krishna Ekadashi: the fast dedicated to Lord Vishnu
श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कथा सुनाई। पूर्व कर्मों के प्रभाव से उन्होंने अपना राज्य खो दिया, पत्नी और पुत्र से बिछुड़ गए, और श्मशान के एक रक्षक के यहाँ सेवक के रूप में बिक गए।
उस कठोर दशा में भी उन्होंने सत्य कभी नहीं छोड़ा। दुःख से थककर वे सोचते रहते कि उन्हें कभी मुक्ति कैसे मिलेगी। उसी समय महर्षि गौतम उनके पास आए, और उनकी कथा सुनकर उन्हें आने वाली कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी पर उपवास और रात्रि जागरण करने को कहा।
हरिश्चंद्र ने उपवास रखा और पूजा करते हुए पूरी रात जागते रहे। उसके पुण्य से उनके पाप नष्ट हो गए, उनके दुःख समाप्त हुए, वे अपने परिवार से फिर मिले, उन्हें राज्य वापस मिला, और अंत में वे स्वर्ग को गए। श्रीकृष्ण ने यह भी कहा कि इस कथा को सुनने से अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है।
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