अक्षय तृतीया 2019
वैशाख शुद्ध तृतीया: अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया (वैशाख महिन्याच्या शुक्ल पक्षातील तृतीया) हिंदू पंचांगातील दुर्मीळ तिथींपैकी एक आहे: एक स्वयंसिद्ध मुहूर्त, जो कोणत्याही बाह्य गणनेशिवाय स्वतःच शुभ ठरतो. या दिवशी सुरू केलेले, दान केलेले किंवा पेरलेले काहीही अक्षय फळ देते: कधीही न संपणारे, अखंड फळ.
पुराणांनुसार याच दिवशी सत्ययुगाची सुरुवात झाली, देवी अन्नपूर्णा वाराणसीत प्रकट झाली, गंगा पृथ्वीवर अवतरली, आणि ऋषी जमदग्नींच्या पोटी भगवान परशुरामांचा जन्म झाला. भगवान कुबेराला अक्षय तृतीयेलाच त्यांची दिव्य संपत्ती प्राप्त झाली; भगवान सूर्याने युधिष्ठिराला कधीही न संपणारे अक्षय पात्र दिले, ज्यातून अन्न कधीच संपत नसे: या तिथीच्या नावाचा प्रत्यक्ष प्रतिध्वनी.
हा दिवस भारतभर आखा तीज म्हणून साजरा केला जातो. या दिवशी खरेदी केलेले सोने-चांदी वाढते आणि गुणित होते असे मानले जाते; अधिक खोलवर पाहिले तर ही परंपरा दानधर्माकडे निर्देश करते (उन्हाळ्यात गरजूंना अन्न, पाणी, छत्री आणि पादत्राणे देणे) हीच सर्वात टिकाऊ गुंतवणूक असल्याचे सांगते.
जैन धर्मात, हा दिवस पहिले तीर्थंकर ऋषभनाथ (आदिनाथ) यांनी वर्षभराचा उपवास ऊसाच्या रसाने सोडल्याचे स्मरण करतो. त्यामुळे जैन पंचांगातील हा सर्वाधिक पवित्र दिवस आहे.
चौघडिया मुहूर्त
| चौघडिया | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| लाभ | मे/7/2019 10:41:43 AM | मे/7/2019 12:16:21 PM |
| लाभ | मे/7/2019 08:00:13 PM | मे/7/2019 09:25:33 PM |
| शुभ | मे/7/2019 10:50:52 PM | मे/8/2019 12:16:11 AM |
| अमृत | मे/8/2019 12:16:11 AM | मे/8/2019 01:41:30 AM |
| चल | मे/8/2019 01:41:30 AM | मे/8/2019 03:06:49 AM |
| लाभम | मे/7/2019 07:32:27 AM – मे/7/2019 08:29:14 AM | |
| सुगम | मे/7/2019 10:41:43 AM – मे/7/2019 12:16:21 PM | |
| उत्ती | मे/7/2019 01:50:59 PM – मे/7/2019 03:25:38 PM | |
| अमृता | मे/7/2019 05:00:16 PM – मे/7/2019 06:34:54 PM |
| उत्ती | मे/7/2019 08:00:13 PM – मे/7/2019 09:25:33 PM | |
| अमृता | मे/7/2019 10:50:52 PM – मे/8/2019 12:16:11 AM | |
| लाभम | मे/8/2019 01:41:30 AM – मे/8/2019 03:06:49 AM | |
| धनम | मे/8/2019 03:06:49 AM – मे/8/2019 04:32:09 AM | |
| सुगम | मे/8/2019 04:32:09 AM – मे/8/2019 05:57:28 AM |
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