मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

आळ्वार तिरुनक्षत्र 2017

इस वर्ष हर वैष्णव आळवार तिरुनक्षत्रम, आपके शहर के लिए

📍 बेंगलुरु, भारत
इस वर्ष की तिरुनक्षत्रम तिथियाँ · बेंगलुरु
11 फ़रवरी 2017
शनिवार
തിരുമഴിസൈ ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
थाई · मघा · अलवर
8 मार्च 2017
बुधवार
കുലശേഖര ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
मासी · पुनर्वसु · अलवर
30 अप्रैल 2017
रविवार
രാമാനുജാചാര്യർ തിരുനക്ഷത്രം
चित्तिरै · आर्द्रा · Acharya
9 मई 2017
मंगलवार
മധുരകവി ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
चित्तिरै · चित्रा · अलवर
7 जून 2017
बुधवार
നമ്മാഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
वैकासी · विशाखा · अलवर
3 जुलाई 2017
सोमवार
പെരിയാഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
आनी · स्वाती · अलवर
5 जुलाई 2017
बुधवार
നാഥമുനി തിരുനക്ഷത്രം
आनी · अनुराधा · Acharya
26 जुलाई 2017
बुधवार
ആണ്ടാൾ തിരുനക്ഷത്രം
आडि · पूर्वाफाल्गुनी · अलवर
6 अगस्त 2017
रविवार
യാമുനാചാര്യർ തിരുനക്ഷത്രം
आडि · उत्तराषाढ़ा · Acharya
1 अक्टूबर 2017
रविवार
വേദാന്ത ദേശിക തിരുനക്ഷത്രം
पुरट्टासि · श्रवण · Acharya
25 अक्टूबर 2017
बुधवार
മണവാള മാമുനിഗൾ തിരുനക്ഷത്രം
अइप्पसी · मूल · Acharya
28 अक्टूबर 2017
शनिवार
പൊയ്‌കൈ ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
अइप्पसी · श्रवण · अलवर
29 अक्टूबर 2017
रविवार
ഭൂതത്താഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
अइप्पसी · धनिष्ठा · अलवर
30 अक्टूबर 2017
सोमवार
പേയ്‌ ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
अइप्पसी · शतभिषा · अलवर
2 दिसंबर 2017
शनिवार
തിരുമംഗൈ ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
कार्तिकई · कृत्तिका · अलवर
3 दिसंबर 2017
रविवार
തിരുപ്പാണാഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
कार्तिकई · रोहिणी · अलवर
17 दिसंबर 2017
रविवार
തൊണ്ടരടിപ്പൊടി ആഴ്‌വാർ തിരുനക്ഷത്രം
मार्गळि · ज्येष्ठा · अलवर
परिचय

आळ्वार तिरुनक्षत्र

आळ्वार (अझ्वार) दक्षिण भारत के बारह वैष्णव कवि-संत थे, जो विष्णु की भक्ति में रचित अपने स्तोत्रों के लिए पूजनीय हैं, जो नालायिर दिव्य प्रबंधम् में संकलित हैं। प्रत्येक आळ्वार का तिरुनक्षत्रम् (वह दिन जब प्रतिवर्ष उनका अपना जन्म-नक्षत्र पुनः आता है, जबकि सूर्य किसी विशेष राशि में स्थित होता है) उनके पावन स्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। नीचे एक अलग खंड में उसी प्रकार सम्मानित कुछ परवर्ती वैष्णव आचार्यों की भी सूची दी गई है, जो स्वयं 12 आळ्वारों में सम्मिलित नहीं हैं।

अधिकांश पंचांग निर्धारणों की भाँति, इनमें से कुछ तिथियों की व्याख्या विभिन्न संप्रदायों और क्षेत्रीय परंपराओं में कुछ भिन्न-भिन्न रूप में की गई है। कृपया जहाँ यह यहाँ दर्शाए गए से भिन्न हो, वहाँ अपने परिवार या परंपरा में प्रचलित रीति का ही पालन करें।

परंपरा और विधि
📖
12 आळ्वार
पोइगै, भूथत्त, पेय, तिरुमज़िसै, नम्माळ्वार, मधुरकवि, कुलशेखर, पेरियाळ्वार, आंडाळ, तोंडरडिप्पोडि, तिरुप्पाण, और तिरुमंगै आळ्वार।
🕉️
अन्य आचार्य
मणवाळ मामुनिगळ, नाथमुनि, यमुनाचार्य, रामानुजाचार्य, और वेदांत देशिक को भी उसी प्रकार सम्मानित किया जाता है, जिन्हें नीचे अपने अलग खंड में सूचीबद्ध किया गया है। ये स्वयं 12 आळ्वारों में सम्मिलित नहीं हैं।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें