मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

आळ्वार तिरुनक्षत्र 2023

इस वर्ष हर वैष्णव आळवार तिरुनक्षत्रम, आपके शहर के लिए

📍 बेंगलुरु, भारत
इस वर्ष की तिरुनक्षत्रम तिथियाँ · बेंगलुरु
7 फ़रवरी 2023
मंगलवार
తిరుమళిసై ఆళ్వార్ తిరునక్షత్రం
थाई · मघा · अलवर
3 मार्च 2023
शुक्रवार
కులశేఖర ఆళ్వార్ తిరునక్షత్రం
मासी · पुनर्वसु · अलवर
25 अप्रैल 2023
मंगलवार
రామానుజాచార్యులు తిరునక్షత్రం
चित्तिरै · आर्द्रा · Acharya
4 मई 2023
गुरुवार
మధురకవి ఆళ్వార్ తిరునక్షత్రం
चित्तिरै · चित्रा · अलवर
2 जून 2023
शुक्रवार
నమ్మాళ్వార్ తిరునక్షత్రం
वैकासी · विशाखा · अलवर
29 जून 2023
गुरुवार
పెరియాళ్వార్ తిరునక్షత్రం
आनी · स्वाती · अलवर
1 जुलाई 2023
शनिवार
నాతమునులు తిరునక్షత్రం
आनी · अनुराधा · Acharya
22 जुलाई 2023
शनिवार
ఆండాళ్ తిరునక్షత్రం
आडि · पूर्वाफाल्गुनी · अलवर
1 अगस्त 2023
मंगलवार
యమునాచార్యులు తిరునక్షత్రం
आडि · उत्तराषाढ़ा · Acharya
25 सितंबर 2023
सोमवार
వేదాంత దేశిక తిరునక్షత్రం
पुरट्टासि · श्रवण · Acharya
23 अक्टूबर 2023
सोमवार
పొయ్గై ఆళ్వార్ తిరునక్షత్రం
अइप्पसी · श्रवण · अलवर
24 अक्टूबर 2023
मंगलवार
భూతత్తాళ్వార్ తిరునక్షత్రం
अइप्पसी · धनिष्ठा · अलवर
25 अक्टूबर 2023
बुधवार
పేయాళ్వార్ తిరునక్షత్రం
अइप्पसी · शतभिषा · अलवर
16 नवंबर 2023
गुरुवार
మణవాళ మామునిగళ్ తిరునక్షత్రం
अइप्पसी · मूल · Acharya
27 नवंबर 2023
सोमवार
తిరుమంగై ఆళ్వార్ తిరునక్షత్రం
कार्तिकई · कृत्तिका · अलवर
28 नवंबर 2023
मंगलवार
తిరుప్పాణాళ్వార్ తిరునక్షత్రం
कार्तिकई · रोहिणी · अलवर
परिचय

आळ्वार तिरुनक्षत्र

आळ्वार (अझ्वार) दक्षिण भारत के बारह वैष्णव कवि-संत थे, जो विष्णु की भक्ति में रचित अपने स्तोत्रों के लिए पूजनीय हैं, जो नालायिर दिव्य प्रबंधम् में संकलित हैं। प्रत्येक आळ्वार का तिरुनक्षत्रम् (वह दिन जब प्रतिवर्ष उनका अपना जन्म-नक्षत्र पुनः आता है, जबकि सूर्य किसी विशेष राशि में स्थित होता है) उनके पावन स्मरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। नीचे एक अलग खंड में उसी प्रकार सम्मानित कुछ परवर्ती वैष्णव आचार्यों की भी सूची दी गई है, जो स्वयं 12 आळ्वारों में सम्मिलित नहीं हैं।

अधिकांश पंचांग निर्धारणों की भाँति, इनमें से कुछ तिथियों की व्याख्या विभिन्न संप्रदायों और क्षेत्रीय परंपराओं में कुछ भिन्न-भिन्न रूप में की गई है। कृपया जहाँ यह यहाँ दर्शाए गए से भिन्न हो, वहाँ अपने परिवार या परंपरा में प्रचलित रीति का ही पालन करें।

परंपरा और विधि
📖
12 आळ्वार
पोइगै, भूथत्त, पेय, तिरुमज़िसै, नम्माळ्वार, मधुरकवि, कुलशेखर, पेरियाळ्वार, आंडाळ, तोंडरडिप्पोडि, तिरुप्पाण, और तिरुमंगै आळ्वार।
🕉️
अन्य आचार्य
मणवाळ मामुनिगळ, नाथमुनि, यमुनाचार्य, रामानुजाचार्य, और वेदांत देशिक को भी उसी प्रकार सम्मानित किया जाता है, जिन्हें नीचे अपने अलग खंड में सूचीबद्ध किया गया है। ये स्वयं 12 आळ्वारों में सम्मिलित नहीं हैं।
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें