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अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 1955

वर्ष की हर संकष्टी आपके शहर के लिए, मंगलवार वाली संकष्टी चिह्नित

📍 बेंगलुरु, भारत
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी · 1955
📍 बेंगलुरु, भारत
मंगलवार, जनवरी 11, 1955
वर्ष की हर संकष्टी आपके शहर के लिए, मंगलवार वाली संकष्टी चिह्नित
इस वर्ष की संकष्टी तिथियाँ · बेंगलुरु
🔴 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (3)
संकष्टी चतुर्थी (12)
तारीख़चंद्रोदय
🔴 11 जनवरी 1955 (मंगलवार)08:57:26 अपराह्न
10 फ़रवरी 1955 (गुरुवार)09:15:38 अपराह्न
12 मार्च 1955 (शनिवार)09:33:50 अपराह्न
10 अप्रैल 1955 (रविवार)09:07:04 अपराह्न
🔴 10 मई 1955 (मंगलवार)09:30:51 अपराह्न
9 जून 1955 (गुरुवार)09:43:55 अपराह्न
8 जुलाई 1955 (शुक्रवार)09:05:47 अपराह्न
7 अगस्त 1955 (रविवार)09:06:42 अपराह्न
5 सितंबर 1955 (सोमवार)08:33:14 अपराह्न
🔴 4 अक्टूबर 1955 (मंगलवार)08:08:45 अपराह्न
3 नवंबर 1955 (गुरुवार)08:56:35 अपराह्न
2 दिसंबर 1955 (शुक्रवार)08:47:11 अपराह्न
परिचय

अंगारकी संकष्टी चतुर्थी

संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, जो प्रति मास विघ्नहर्ता भगवान गणेश के लिए रखी जाती है। भक्त दिन भर उपवास करते हैं और चंद्रोदय के दर्शन कर चंद्रमा को अर्घ्य देने और गणेश जी की प्रार्थना करने के बाद व्रत खोलते हैं।

जब संकष्टी मंगलवार को, अंगारक (मंगल) के दिन, पड़ती है, तब वह अंगारकी संकष्टी (अंगारकी) कहलाती है। यह वर्ष में कुछ ही बार आती है और सभी संकष्टियों में सबसे शुभ मानी जाती है: कहा जाता है कि एक अंगारकी से पूरे वर्ष व्रत रखने का पुण्य मिलता है। मुंबई के सिद्धिविनायक और अष्टविनायक मंदिरों जैसे गणेश मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है।

परंपरा और विधि
🐘
गणेश
यह व्रत विघ्नहर्ता गणेश के लिए रखा जाता है।
🌙
चंद्रोदय
चंद्रोदय के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
🔴
मंगलवार
अंगारक के दिन मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी अंगारकी कहलाती है।
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