अंगारकी संकष्टी चतुर्थी · 1957
📍 Bangalore, India
मंगलवार, मार्च 19, 1957
Every Sankashti of the year for your city, the Tuesday ones marked
Sankashti Dates This Year · Bangalore
🔴 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (2)
- 19 मार्च 1957 (मंगलवार) · चंद्रोदय 09:45:08 PM
- 10 दिसंबर 1957 (मंगलवार) · चंद्रोदय 08:58:17 PM
संकष्टी चतुर्थी (12)
| तारीख़ | चंद्रोदय |
|---|---|
| 19 जनवरी 1957 (शनिवार) | 09:29:58 PM |
| 17 फ़रवरी 1957 (रविवार) | 09:09:13 PM |
| 🔴 19 मार्च 1957 (मंगलवार) | 09:45:08 PM |
| 17 अप्रैल 1957 (बुधवार) | 09:22:15 PM |
| 17 मई 1957 (शुक्रवार) | 09:46:03 PM |
| 15 जून 1957 (शनिवार) | 09:10:14 PM |
| 15 जुलाई 1957 (सोमवार) | 09:08:22 PM |
| 14 अगस्त 1957 (बुधवार) | 09:01:44 PM |
| 12 सितंबर 1957 (गुरुवार) | 08:21:24 PM |
| 12 अक्टूबर 1957 (शनिवार) | 08:35:31 PM |
| 11 नवंबर 1957 (सोमवार) | 09:10:36 PM |
| 🔴 10 दिसंबर 1957 (मंगलवार) | 08:58:17 PM |
परिचय
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, जो प्रति मास विघ्नहर्ता भगवान गणेश के लिए रखी जाती है। भक्त दिन भर उपवास करते हैं और चंद्रोदय के दर्शन कर चंद्रमा को अर्घ्य देने और गणेश जी की प्रार्थना करने के बाद व्रत खोलते हैं।
जब संकष्टी मंगलवार को, अंगारक (मंगल) के दिन, पड़ती है, तब वह अंगारकी संकष्टी (अंगारकी) कहलाती है। यह वर्ष में कुछ ही बार आती है और सभी संकष्टियों में सबसे शुभ मानी जाती है: कहा जाता है कि एक अंगारकी से पूरे वर्ष व्रत रखने का पुण्य मिलता है। मुंबई के सिद्धिविनायक और अष्टविनायक मंदिरों जैसे गणेश मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है।
परंपरा और विधि
गणेश
यह व्रत विघ्नहर्ता गणेश के लिए रखा जाता है।
चंद्रोदय
चंद्रोदय के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
मंगलवार
अंगारक के दिन मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी अंगारकी कहलाती है।
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