ॐ
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी 2022
वर्ष की हर संकष्टी आपके शहर के लिए, मंगलवार वाली संकष्टी चिह्नित
📍
बेंगलुरु, भारत
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी · 2022
📍 बेंगलुरु, भारत
मंगलवार, अप्रैल 19, 2022
वर्ष की हर संकष्टी आपके शहर के लिए, मंगलवार वाली संकष्टी चिह्नित
इस वर्ष की संकष्टी तिथियाँ · बेंगलुरु
🔴 अंगारकी संकष्टी चतुर्थी (2)
- 19 अप्रैल 2022 (मंगलवार) · चंद्रोदय 09:15:55 PM
- 13 सितंबर 2022 (मंगलवार) · चंद्रोदय 08:39:24 PM
संकष्टी चतुर्थी (12)
| तारीख़ | चंद्रोदय |
|---|---|
| 21 जनवरी 2022 (शुक्रवार) | 09:12:38 अपराह्न |
| 20 फ़रवरी 2022 (रविवार) | 09:41:32 अपराह्न |
| 21 मार्च 2022 (सोमवार) | 09:25:02 अपराह्न |
| 🔴 19 अप्रैल 2022 (मंगलवार) | 09:15:55 अपराह्न |
| 19 मई 2022 (गुरुवार) | 10:16:15 अपराह्न |
| 17 जून 2022 (शुक्रवार) | 09:59:53 अपराह्न |
| 16 जुलाई 2022 (शनिवार) | 09:28:38 अपराह्न |
| 15 अगस्त 2022 (सोमवार) | 09:27:06 अपराह्न |
| 🔴 13 सितंबर 2022 (मंगलवार) | 08:39:24 अपराह्न |
| 13 अक्टूबर 2022 (गुरुवार) | 08:39:52 अपराह्न |
| 12 नवंबर 2022 (शनिवार) | 08:59:00 अपराह्न |
| 11 दिसंबर 2022 (रविवार) | 08:35:37 अपराह्न |
परिचय
अंगारकी संकष्टी चतुर्थी
संकष्टी चतुर्थी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, जो प्रति मास विघ्नहर्ता भगवान गणेश के लिए रखी जाती है। भक्त दिन भर उपवास करते हैं और चंद्रोदय के दर्शन कर चंद्रमा को अर्घ्य देने और गणेश जी की प्रार्थना करने के बाद व्रत खोलते हैं।
जब संकष्टी मंगलवार को, अंगारक (मंगल) के दिन, पड़ती है, तब वह अंगारकी संकष्टी (अंगारकी) कहलाती है। यह वर्ष में कुछ ही बार आती है और सभी संकष्टियों में सबसे शुभ मानी जाती है: कहा जाता है कि एक अंगारकी से पूरे वर्ष व्रत रखने का पुण्य मिलता है। मुंबई के सिद्धिविनायक और अष्टविनायक मंदिरों जैसे गणेश मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ती है।
परंपरा और विधि
गणेश
यह व्रत विघ्नहर्ता गणेश के लिए रखा जाता है।
चंद्रोदय
चंद्रोदय के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है।
मंगलवार
अंगारक के दिन मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी अंगारकी कहलाती है।
शास्त्री जी से पूछें
गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी
पंचांग खोलें
दैनिक पंचांग
पंचांग खोलें
बेंगलुरु का दैनिक पंचांग
अन्वेषण करें
सभी लेख
आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें
🕉 पंचांग चैट खोलें