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बैसाखी (वैशाखी) 2214
वैसाख 1: पंजाब का सौर नववर्ष और फसल का पर्व
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बेंगलुरु, भारत
बैसाखी (वैशाखी) · 2214
📍 बेंगलुरु, भारत
अप्रैल 17, 2214
वैसाख 1: पंजाब का सौर नववर्ष और फसल का पर्व
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:07:23 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
06:31:44 अपराह्न
परिचय
बैसाखी (वैशाखी)
बैसाखी (वैशाखी, ਵਿਸਾਖੀ) सौर मास वैशाख का पहला दिन है, जो पारंपरिक पंजाबी सौर पंचांग का नववर्ष है। यह रबी की फसल की कटाई का पर्व है, और पूरे पंजाब और हरियाणा में किसान वर्ष की उपज के लिए आभार प्रकट करते हैं।
सिखों के लिए यह दिन खालसा साजना दिवस भी है: 1699 की वैशाखी को आनंदपुर साहिब में गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा की स्थापना की थी। गुरुद्वारों में कीर्तन और शोभायात्राएँ (नगर कीर्तन) होती हैं, और अनेक परिवार नदियों में पवित्र स्नान करते हैं।
मेले, भंगड़ा और गिद्दा से दिन भर उत्सव रहता है, और परिवार तथा पड़ोसियों के साथ नए वस्त्र और मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं।
परंपरा और विधि
फसल
पूरे पंजाब और हरियाणा में रबी की फसल के लिए आभार।
खालसा साजना दिवस
1699 में आनंदपुर साहिब में गुरु गोबिंद सिंह द्वारा खालसा की स्थापना।
भंगड़ा और गिद्दा
लोकनृत्य और मेलों के साथ नववर्ष का उत्सव।
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