कार्तिक शुक्ल द्वितीया: भाई-बहन का बंधन
भाई दूज (जिसे यम द्वितीया, भाई फोंटा, या भाऊबीज के नाम से भी जाना जाता है) कार्तिक के शुक्ल पक्ष के दूसरे दिन, दिवाली के दो दिन बाद पड़ता है। यह भाई-बहन के बंधन का सबसे प्रिय वार्षिक उत्सव है: बहन अपने भाई के माथे पर तिलक (शुभ चिह्न) लगाती है और उसकी लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती है, जबकि भाई उसे प्रेम के प्रतीक उपहार देता है और अपनी सुरक्षा का वचन देता है।
पर्व की उत्पत्ति का पता यमुना द्वारा अपने भाई यम, मृत्यु के देवता, को भोजन के लिए अपने घर आमंत्रित करने से लगाया जाता है। उसकी आतिथ्य-भावना और प्रेम से प्रसन्न होकर, यम ने घोषणा की कि जो भी भाई इस दिन अपनी बहन से तिलक प्राप्त करेगा और यमुना नदी में स्नान करेगा, वह असामयिक मृत्यु के भय से मुक्त हो जाएगा। इसीलिए इस दिन को यम द्वितीया कहा जाता है।
पश्चिम बंगाल और बिहार में इस पर्व को भाई फोंटा कहा जाता है और यह काली पूजा के एक दिन बाद आता है। बहनें विशेष मिठाइयां तैयार करती हैं और चंदन के तिलक लगाने से पहले आरती करती हैं। महाराष्ट्र में इसे भाऊबीज कहा जाता है; बहनें दीपक जलाती हैं, रंगोली बनाती हैं, और पूजा से पहले भाई को विधिपूर्वक आसन पर बिठाती हैं।
| चौघड़िया | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | अक्तूबर/21 07:55:39 AM | अक्तूबर/21 09:15:48 AM |
| चल | अक्तूबर/21 12:07:32 PM | अक्तूबर/21 01:33:24 PM |
| अमृत | अक्तूबर/21 02:59:16 PM | अक्तूबर/21 04:25:08 PM |
| लाभ | अक्तूबर/21 05:51:01 PM | अक्तूबर/21 07:25:12 PM |
| शुभ | अक्तूबर/21 08:59:24 PM | अक्तूबर/21 10:33:36 PM |
| अमृत | अक्तूबर/21 10:33:36 PM | अक्तूबर/22 12:07:47 AM |
| चल | अक्तूबर/22 12:07:47 AM | अक्तूबर/22 01:41:59 AM |
| लाभ | अक्तूबर/22 04:50:22 AM | अक्तूबर/22 06:24:34 AM |
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