ॐ
बुधाष्टमी 2031
शुक्ल पक्ष की अष्टमी जो बुधवार को, बुध के दिन, पड़े
📍
बेंगलुरु, भारत
बुधाष्टमी के दिन · बेंगलुरु
बुधवार, 30 अप्रैल 2031
🌙 वैशाख शुक्ल अष्टमी: अप्रैल/29 11:45:39 AM – 01:45:14 PM
🌅 सूर्योदय: 06:00:33 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
अप्रैल 29
06:00:59 पूर्वाह्न
🌘 तिथि शुरू
अप्रैल 29
11:45:39 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अप्रैल 30
06:00:33 पूर्वाह्न
🌒 तिथि समाप्त
अप्रैल 30
01:45:14 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
अप्रैल 30
06:33:33 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
मई 1
06:00:07 पूर्वाह्न
परिचय
बुधाष्टमी
बुधाष्टमी शुक्ल पक्ष की वह अष्टमी है जो बुधवार को, बुध के दिन, पड़ती है। धर्मसिंधु इसका विचार अष्टमी तिथि के निर्णय में करता है।
पौष मास में धर्मसिंधु कहता है कि बुधवार को पड़ने वाली शुक्ल अष्टमी को स्नान, जप, होम, तर्पण और ब्राह्मण भोजन करें। उस दिन भरणी नक्षत्र हो तो कुछ के मत में यह महापुण्यदायी है; अन्य रोहिणी या आर्द्रा के लिए यही कहते हैं।
पौषशुक्लाष्टम्यां बुधवासरयुतायां स्नानजपहोमतर्पणविप्रभोजनानि कार्याणि। अस्यां भरणीयोगे महापुण्यत्वमित्येके। रोहिण्यार्द्रायोगे इत्यपरे॥
"पौष शुक्ल अष्टमी बुधवार से युक्त हो तो उस दिन स्नान, जप, होम, तर्पण और ब्राह्मण भोजन करना चाहिए। भरणी के साथ हो तो यह अत्यंत पुण्यदायी है, ऐसा कुछ कहते हैं; रोहिणी या आर्द्रा के साथ, ऐसा अन्य कहते हैं।"
धर्मसिंधु, द्वितीय परिच्छेद (पौष)
परंपरा और विधि
बुधवार और अष्टमी
बुध के दिन पड़ने वाली शुक्ल अष्टमी।
पौष बुधाष्टमी
स्नान, जप, होम, तर्पण और ब्राह्मण भोजन (धर्मसिंधु)।
नक्षत्र
भरणी के साथ महापुण्य, कुछ के मत में; अन्य रोहिणी या आर्द्रा कहते हैं।
धर्मसिंधु
अष्टमी तिथि के निर्णय में, और फिर पौष मास में।
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