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ॐ

चोल्लंगि अमावस्या 1945

पौष अमावस्या: जहाँ गोदावरी सागर से मिलती है, वहाँ पवित्र स्नान

📍 बेंगलुरु, भारत
चोल्लंगि अमावस्या · 1945
📍 बेंगलुरु, भारत
रविवार, जनवरी 14, 1945
पौष अमावस्या: जहाँ गोदावरी सागर से मिलती है, वहाँ पवित्र स्नान
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
07:46:45 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
07:10:53 अपराह्न
परिचय

चोल्लंगि अमावस्या

चोल्लंगि अमावस्या (చొల్లంగి అమావాస్య) पौष की अमावस्या है, जिसका नाम काकिनाडा के पास चोल्लंगि से है, जहाँ गोदावरी के सात मुखों में से एक तुल्यभागा समुद्र में मिलती है।

इस दिन गोदावरी जिलों से तीर्थयात्री उस संगम पर स्नान करते हैं जहाँ नदी और समुद्र मिलते हैं, और अपने पितरों को तर्पण अर्पित करते हैं। यह स्नान पापों को धोने वाला माना जाता है, और पास के मंदिरों में उत्सव होता है।

यही अमावस्या पूरे भारत में मौनी अमावस्या है, जो मौन रहकर मनाई जाती है, और प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर महान स्नान होता है।

परंपरा और विधि
🌊
संगम स्नान
तीर्थयात्री वहाँ स्नान करते हैं जहाँ तुल्यभागा गोदावरी समुद्र से मिलती है।
🙏
तर्पण
तट पर पितरों को तिल और जल अर्पित किया जाता है।
🤫
मौनी अमावस्या
यही अमावस्या पूरे भारत में मौन रहकर मनाई जाती है।
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