धनतेरस 2190: हैदराबाद, तेलंगाना
अमांत आश्विन कृष्ण त्रयोदशी (पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी): धन्वंतरि जयंती और लक्ष्मी पूजा
धनतेरस🗓 अक्तूबर 26, 2190🔔 धनतेरस, यम दीप दान, 🔱 प्रदोष, भौम प्रदोष🕉 स्थिर लग्न सहित प्रदोष काल (वृषभ स्थिर लग्न): अक्तूबर/26 07:06:51 PM – अक्तूबर/26 08:16:15 PM▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
काली चौदस🗓 अक्तूबर 27, 2190🔔 हनुमान जयंती, काली चौदस, मास शिवरात्रि🕉 निशीथ काल (काली पूजा): अक्तूबर/27 11:35:19 PM – अक्तूबर/28 12:25:10 AM▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
नरक चतुर्दशी🗓 अक्तूबर 28, 2190🔔 नरक चतुर्दशी, दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान🕉 अभ्यंग स्नान (तेल स्नान, चंद्रोदय → सूर्योदय): 06:18:32 AM – 06:14:10 AM▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
दिवाली (लक्ष्मी पूजा)🗓 अक्तूबर 28, 2190🔔 नरक चतुर्दशी, दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान🕉 स्थिर लग्न सहित प्रदोष काल (वृषभ स्थिर लग्न): अक्तूबर/28 06:58:59 PM – अक्तूबर/28 08:15:32 PM▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
| स्थिर लग्न | से | तक |
|---|---|---|
| वृश्चिक | अक्तूबर/29 07:47:22 AM | अक्तूबर/29 10:00:48 AM |
| कुंभ | अक्तूबर/29 01:55:21 PM | अक्तूबर/29 03:32:56 PM |
| वृषभ | अक्तूबर/29 06:55:03 PM | अक्तूबर/29 08:56:51 PM |
| चौघड़िया | से | तक |
|---|---|---|
| चल | अक्तूबर/29 06:14:32 AM | अक्तूबर/29 07:40:52 AM |
| अमृत | अक्तूबर/29 09:18:44 AM | अक्तूबर/29 10:33:33 AM |
| शुभ | अक्तूबर/29 11:59:54 AM | अक्तूबर/29 12:22:56 PM |
| शुभ | अक्तूबर/29 01:08:58 PM | अक्तूबर/29 01:26:15 PM |
| चल | अक्तूबर/29 04:18:56 PM | अक्तूबर/29 05:45:16 PM |
| लाभ | अक्तूबर/29 08:52:41 PM | अक्तूबर/29 10:26:23 PM |
| शुभ | अक्तूबर/30 12:00:05 AM | अक्तूबर/30 01:33:47 AM |
| अमृत | अक्तूबर/30 01:33:47 AM | अक्तूबर/30 03:07:29 AM |
| चल | अक्तूबर/30 03:07:29 AM | अक्तूबर/30 04:41:12 AM |
गुजराती नववर्ष / बलि प्रतिपदा🗓 अक्तूबर 29, 2190🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा, गुजराती नव वर्ष, इष्टि🕉 चल चौघड़िया (मिति मुहूर्त): अक्तूबर/29 06:14:32 AM – अक्तूबर/29 07:40:52 AM▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
| स्थिर लग्न | से | तक |
|---|---|---|
| वृश्चिक | अक्तूबर/29 07:47:22 AM | अक्तूबर/29 10:00:48 AM |
| कुंभ | अक्तूबर/29 01:55:21 PM | अक्तूबर/29 03:32:56 PM |
| वृषभ | अक्तूबर/29 06:55:03 PM | अक्तूबर/29 08:56:51 PM |
| चौघड़िया | से | तक |
|---|---|---|
| चल | अक्तूबर/29 06:14:32 AM | अक्तूबर/29 07:40:52 AM |
| अमृत | अक्तूबर/29 09:18:44 AM | अक्तूबर/29 10:33:33 AM |
| शुभ | अक्तूबर/29 11:59:54 AM | अक्तूबर/29 12:22:56 PM |
| शुभ | अक्तूबर/29 01:08:58 PM | अक्तूबर/29 01:26:15 PM |
| चल | अक्तूबर/29 04:18:56 PM | अक्तूबर/29 05:45:16 PM |
| लाभ | अक्तूबर/29 08:52:41 PM | अक्तूबर/29 10:26:23 PM |
| शुभ | अक्तूबर/30 12:00:05 AM | अक्तूबर/30 01:33:47 AM |
| अमृत | अक्तूबर/30 01:33:47 AM | अक्तूबर/30 03:07:29 AM |
| चल | अक्तूबर/30 03:07:29 AM | अक्तूबर/30 04:41:12 AM |
यम द्वितीया / भैया दूज🗓 अक्तूबर 30, 2190🔔 यम द्वितीया / भाई दूज, विंछुड़ो शुरू 04:37:21 PM🕉 अपराह्न काल: अक्तूबर/30 01:08:50 PM – अक्तूबर/30 03:26:48 PM▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
| चौघड़िया | से | तक |
|---|---|---|
| शुभ | अक्तूबर/30 07:46:53 AM | अक्तूबर/30 09:07:22 AM |
| चल | अक्तूबर/30 11:59:50 AM | अक्तूबर/30 01:26:04 PM |
| अमृत | अक्तूबर/30 02:52:18 PM | अक्तूबर/30 04:18:33 PM |
| लाभ | अक्तूबर/30 05:44:47 PM | अक्तूबर/30 07:18:35 PM |
| शुभ | अक्तूबर/30 08:52:24 PM | अक्तूबर/30 10:26:13 PM |
| अमृत | अक्तूबर/30 10:26:13 PM | अक्तूबर/31 12:00:02 AM |
| चल | अक्तूबर/31 12:00:02 AM | अक्तूबर/31 01:33:50 AM |
| लाभ | अक्तूबर/31 04:41:28 AM | अक्तूबर/31 06:15:16 AM |
धनतेरस
धनतेरस, धन और तेरस (तेरहवीं तिथि) से मिलकर बना है, और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है (दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन कृष्ण त्रयोदशी, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) और यह पाँच दिवसीय दिवाली उत्सव के आरंभ का प्रतीक है। यह एक साथ भगवान धन्वंतरि की जयंती (जन्मदिवस) भी है, देवताओं के वैद्य जो समुद्र मंथन से अमृत का कलश और आयुर्वेद का ज्ञान लेकर प्रकट हुए थे।
इस संध्या, लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल (संध्या के धुंधलके) में की जाती है: जब माना जाता है कि देवी समृद्ध और जगमगाते घरों में पधारती हैं। उनका स्वागत करने के लिए घरों की गहन सफ़ाई की जाती है और दीयों तथा रंगोली से सजाया जाता है। प्रदोष काल का समय (सूर्यास्त के बाद परंतु रात्रि होने से पहले) अत्यंत महत्वपूर्ण है: माना जाता है कि इसी अवधि में पूजा करने से पूरे वर्ष के लिए लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
धनतेरस भारत में सोने-चाँदी की खरीद का सबसे बड़ा दिन है। इस दिन बहुमूल्य धातुएँ, ताँबे के बर्तन, या नए पात्र खरीदना निरंतर समृद्धि लाने वाला माना जाता है। यह परंपरा एक कथा से जुड़ी है जिसमें एक युवा राजा का विवाह के चौथे दिन मरना निश्चित था: उसकी वधू ने शयनकक्ष के द्वार के चारों ओर सोना-चाँदी बिछाकर और रातभर गीत गाकर मृत्यु को मात दे दी, जिससे यमराज बिना प्रवेश किए ही लौट गए।
आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें
🕉 पंचांग चैट खोलें