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ॐ

दिवाली 1936: Ahmadabad, Gujarat

पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व

📍 Ahmadabad, Gujarat, India
‹ 1936 ›
दिवाली · 1936
📍 Ahmadabad, Gujarat, India
नवम्बर 13, 1936
पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व
Diwali Week, Day by Day · Ahmadabad
🏅
Dhanteras
🗓 November 11, 1936
🔔 धनतेरस, यम दीप दान, 🔱 प्रदोष
🕉 Pradosha Kala with Sthira Lagna (Vrishabha Sthira Lagna): नवम्बर/11 06:07:12 PM – नवम्बर/11 08:04:37 PM
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Pradosha Kala with Sthira Lagna: Vrishabha Sthira Lagna
नवम्बर/11 06:07:12 PM
ends नवम्बर/11 08:04:37 PM
🌅 Previous Sunrise
Nov 10
06:50:58 AM
🌘 Trayodashi Begins
Nov 11
02:30:52 AM
🌅 Sunrise
Nov 11
06:51:36 AM
🌇 Sunset
Nov 11
05:56:00 PM
🌘 Trayodashi Ends
Nov 12
05:03:38 AM
🌅 Next Sunrise
Nov 12
06:52:13 AM
Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaनवम्बर/11 07:14:31 AMनवम्बर/11 09:30:36 AM
Kumbhaनवम्बर/11 01:23:48 PMनवम्बर/11 02:57:07 PM
Vrishabhaनवम्बर/11 06:07:12 PMनवम्बर/11 08:04:37 PM
ChogadiaFromTo
Labhनवम्बर/11 06:51:36 AMनवम्बर/11 08:14:39 AM
Chalनवम्बर/11 03:09:54 PMनवम्बर/11 04:32:57 PM
Labhनवम्बर/11 04:32:57 PMनवम्बर/11 05:56:00 PM
Shubhनवम्बर/11 07:33:02 PMनवम्बर/11 09:10:04 PM
Amritनवम्बर/11 09:10:04 PMनवम्बर/11 10:47:05 PM
Chalनवम्बर/11 10:47:05 PMनवम्बर/12 12:24:07 AM
Labhनवम्बर/12 03:38:10 AMनवम्बर/12 05:15:12 AM
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🪔
Naraka Chaturdashi / Kali Chaudash
🗓 November 12, 1936
🔔 हनुमान जयंती, नरक चतुर्दशी, काली चौदस, मास शिवरात्रि
🕉 Abhyanga Snana (Oil Bath, moonrise → sunrise): 05:07:48 AM – 06:52:13 AM
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Abhyanga Snana (Oil Bath, moonrise → sunrise)
05:07:48 AM
ends 06:52:13 AM
Nishita Kala (Kali Puja)
नवम्बर/12 11:58:20 PM
ends नवम्बर/13 12:50:09 AM
🌘 Chaturdashi Begins
Nov 12
05:03:38 AM
🌅 Previous Sunrise
Nov 12
06:52:13 AM
🌙 Moonrise
Nov 13
05:59:04 AM
🌅 Sunrise
Nov 13
06:52:52 AM
🌑 Chaturdashi Ends
Nov 13
07:39:13 AM
🌇 Sunset
Nov 13
05:55:15 PM
🌅 Next Sunrise
Nov 14
06:53:30 AM
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✨
Diwali (Lakshmi Puja)
🗓 November 13, 1936
🔔 दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान
🕉 Pradosha Kala with Sthira Lagna (Vrishabha Sthira Lagna): नवम्बर/13 05:59:20 PM – नवम्बर/13 07:56:45 PM
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Pradosha Kala with Sthira Lagna: Vrishabha Sthira Lagna
नवम्बर/13 05:59:20 PM
ends नवम्बर/13 07:56:45 PM
Nishitha Kala with Sthira Lagna (Midnight): Simha Sthira Lagna
नवम्बर/14 12:25:55 AM
ends नवम्बर/14 12:50:19 AM
Chopada Pujan (New Account Books)
नवम्बर/13 05:59:20 PM
ends नवम्बर/13 07:56:45 PM
🌅 Previous Sunrise
Nov 12
06:52:13 AM
🌅 Sunrise
Nov 13
06:52:52 AM
🌑 Amavasya Begins
Nov 13
07:39:13 AM
🌇 Sunset
Nov 13
05:55:15 PM
🌅 Next Sunrise
Nov 14
06:53:30 AM
🌒 Amavasya Ends
Nov 14
10:11:54 AM
Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaनवम्बर/14 07:02:43 AMनवम्बर/14 09:18:48 AM
Kumbhaनवम्बर/14 01:12:00 PMनवम्बर/14 02:45:20 PM
Vrishabhaनवम्बर/14 05:55:24 PMनवम्बर/14 07:52:49 PM
ChogadiaFromTo
Shubhनवम्बर/14 08:21:41 AMनवम्बर/14 09:38:51 AM
Chalनवम्बर/14 12:24:12 PMनवम्बर/14 01:46:52 PM
Amritनवम्बर/14 03:09:33 PMनवम्बर/14 04:32:13 PM
Labhनवम्बर/14 05:54:54 PMनवम्बर/14 07:32:18 PM
Shubhनवम्बर/14 09:09:43 PMनवम्बर/14 10:47:07 PM
Amritनवम्बर/14 10:47:07 PMनवम्बर/15 12:24:31 AM
Chalनवम्बर/15 12:24:31 AMनवम्बर/15 02:01:56 AM
Labhनवम्बर/15 05:16:45 AMनवम्बर/15 06:54:09 AM
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📒
Bali Pratipada
🗓 November 14, 1936
🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा, विंछुड़ो शुरू 12:53:27 PM, इष्टि
🕉 Shubh Chogadia (Miti Muhurta): नवम्बर/14 08:21:41 AM – नवम्बर/14 09:38:51 AM
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Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaनवम्बर/14 07:02:43 AMनवम्बर/14 09:18:48 AM
Kumbhaनवम्बर/14 01:12:00 PMनवम्बर/14 02:45:20 PM
Vrishabhaनवम्बर/14 05:55:24 PMनवम्बर/14 07:52:49 PM
ChogadiaFromTo
Shubhनवम्बर/14 08:21:41 AMनवम्बर/14 09:38:51 AM
Chalनवम्बर/14 12:24:12 PMनवम्बर/14 01:46:52 PM
Amritनवम्बर/14 03:09:33 PMनवम्बर/14 04:32:13 PM
Labhनवम्बर/14 05:54:54 PMनवम्बर/14 07:32:18 PM
Shubhनवम्बर/14 09:09:43 PMनवम्बर/14 10:47:07 PM
Amritनवम्बर/14 10:47:07 PMनवम्बर/15 12:24:31 AM
Chalनवम्बर/15 12:24:31 AMनवम्बर/15 02:01:56 AM
Labhनवम्बर/15 05:16:45 AMनवम्बर/15 06:54:09 AM
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👫
Yama Dvitiya / Bhaiya Dooj
🗓 November 16, 1936
🔔 यम द्वितीया / भाई दूज, अय्यप्पा मंडल पूजा शुरू, विंछुड़ो समाप्त नवम्बर/17 12:58:23 AM, कार्तिक सोमवार
🕉 Aparahna Kala: नवम्बर/16 01:30:29 PM – नवम्बर/16 03:42:22 PM
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Aparahna Kala
नवम्बर/16 01:30:29 PM
ends नवम्बर/16 03:42:22 PM
ChogadiaFromTo
Amritनवम्बर/16 06:54:49 AMनवम्बर/16 08:17:14 AM
Shubhनवम्बर/16 09:39:40 AMनवम्बर/16 11:02:06 AM
Labhनवम्बर/16 03:42:22 PMनवम्बर/16 04:31:50 PM
Amritनवम्बर/16 04:31:50 PMनवम्बर/16 05:54:16 PM
Chalनवम्बर/16 05:54:16 PMनवम्बर/16 07:31:55 PM
Labhनवम्बर/16 10:47:13 PMनवम्बर/17 12:24:52 AM
Shubhनवम्बर/17 02:02:31 AMनवम्बर/17 03:40:10 AM
Amritनवम्बर/17 03:40:10 AMनवम्बर/17 05:17:49 AM
Chalनवम्बर/17 05:17:49 AMनवम्बर/17 06:55:28 AM
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🌅 पिछला सूर्योदय
Nov 12
06:52:13 AM
🌅 सूर्योदय
Nov 13
06:52:52 AM
🌘 तिथि शुरू
Nov 13
07:39:13 AM
🌇 सूर्यास्त
Nov 13
05:55:15 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Nov 14
06:53:30 AM
🌒 तिथि समाप्त
Nov 14
10:11:54 AM
इस दिन का पंचांग · Ahmadabad
🌓 तिथि
चतुर्दशी
⭐ नक्षत्र
स्वाती
🔯 योग
सौभाग्य
परिचय

दिवाली

दिवाली (दीपावली, "दीपों की पंक्ति") हिंदू जगत का सबसे व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है, जो अमावस्या यानी अमावस की रात को पड़ता है: दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन अमावस्या, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या। एक ही रात में अमावस्या का अंधकार लाखों मिट्टी के दीयों, बिजली की रोशनी, आतिशबाज़ी, और हर घर के देवी लक्ष्मी को अपने जीवन में आमंत्रित करने के सामूहिक संकल्प से पूरी तरह उलट जाता है।

इस पर्व की सबसे प्रचलित कथा है 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी और रावण पर उनकी विजय। अयोध्यावासियों ने अमावस्या के अंधकार में उनका स्वागत करने के लिए दीपों की पंक्तियाँ (दीपावली) जलाईं। दक्षिण भारत में यह दिन कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध (अंधकार के असुर) और उसके बंदीगृह से 16,100 स्त्रियों की मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस रात काली पूजा की जाती है।

इस पर्व का मुख्य अनुष्ठान लक्ष्मी पूजा है, जो परंपरा के अनुसार प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) या निशीथ काल (मध्यरात्रि) में की जाती है। धन और शुभता की देवी को एक तनिक भी मैल रहित, दीपों से जगमगाते घर में आमंत्रित किया जाता है। व्यापारी परिवारों में नए बही-खाते, सोना, चाँदी, और उपहार उनकी प्रतिमा के सामने रखे जाते हैं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण, आतिशबाज़ी, और पड़ोसियों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है।

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्।।
"हे हरिप्रिया, सभी देवताओं को वर देने वाली, आपको नमस्कार: आपकी पूजा से आपके भक्त जो मुक्ति पाते हैं, वही मुझे भी प्राप्त हो।"
लक्ष्मी अष्टोत्तर
परंपरा और विधि
🪔
प्रदोष काल पूजा
लक्ष्मी पूजा का समय प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) रखा जाता है, जब देवी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। कुछ परंपराओं में निशीथ काल (मध्यरात्रि) का प्रयोग होता है: पंचांग का समय ही यह तय करता है कि कौन-सा मुहूर्त शुभ है।
🏠
सफ़ाई और दीपसज्जा
लक्ष्मी के आगमन से पहले कई दिनों तक घरों की गहन सफ़ाई की जाती है: अव्यवस्था, जाले, और धूल का पूरी तरह सफ़ाया होना चाहिए। हर कमरे, दहलीज़, और बालकनी को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जाता है।
🎆
आतिशबाज़ी
दिवाली की रात पटाखे फोड़ने की परंपरा मूलतः ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए थी। आधुनिक प्रचलन में रासायनिक पटाखों की जगह पर्यावरण-अनुकूल दीयों को अधिकाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
🍬
मिठाई और उपहार
दिवाली भारत का सबसे बड़ा उपहार-मौसम है। परिवारों, मित्रों, और सहकर्मियों के बीच मिठाइयों और मेवों के डिब्बों का आदान-प्रदान होता है। लोकप्रिय मिठाइयों में काजू कतली, लड्डू, बर्फ़ी, और गुलाब जामुन शामिल हैं।
📒
नए बही-खाते
गुजराती और मराठी व्यापारी परंपराओं में, दिवाली की रात नए बही-खातों (चोपड़ा पूजन) को पवित्र किया जाता है: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाले नए वित्तीय वर्ष का आशीर्वाद लेने के लिए।
🌸
दिवाली के पाँच दिन
यह पर्व पाँच दिनों तक फैला रहता है: धनतेरस → काली चौदस → दिवाली → गोवर्धन पूजा/बलिप्रतिपदा → भाई दूज। प्रत्येक दिन का अपना अनुष्ठान, देवता, और क्षेत्रीय रंग होता है।
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