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ॐ

दिवाली 2125: Brisbane, Queensland

पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व

📍 Brisbane, Queensland, Australia
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दिवाली · 2125
📍 Brisbane, Queensland, Australia
अक्तूबर 26, 2125
पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व
Diwali Week, Day by Day · Brisbane
🏅
Dhanteras
🗓 October 24, 2125
🔔 धनतेरस, यम दीप दान, 🔱 प्रदोष
🕉 Pradosha Kala with Sthira Lagna (Vrishabha Sthira Lagna): अक्तूबर/24 07:51:16 PM – अक्तूबर/24 08:12:40 PM
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Pradosha Kala with Sthira Lagna: Vrishabha Sthira Lagna
अक्तूबर/24 07:51:16 PM
ends अक्तूबर/24 08:12:40 PM
🌅 Previous Sunrise
Oct 23
05:05:36 AM
🌅 Sunrise
Oct 24
05:04:42 AM
🌘 Trayodashi Begins
Oct 24
12:28:34 PM
🌇 Sunset
Oct 24
05:59:52 PM
🌅 Next Sunrise
Oct 25
05:03:49 AM
🌘 Trayodashi Ends
Oct 25
09:22:19 AM
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🌑
Kali Chaudash
🗓 October 25, 2125
🔔 हनुमान जयंती, काली चौदस, मास शिवरात्रि
🕉 Nishita Kala (Kali Puja): अक्तूबर/25 11:09:38 PM – अक्तूबर/25 11:53:48 PM
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Nishita Kala (Kali Puja)
अक्तूबर/25 11:09:38 PM
ends अक्तूबर/25 11:53:48 PM
🌅 Previous Sunrise
Oct 24
05:04:42 AM
🌅 Sunrise
Oct 25
05:03:49 AM
🌘 Chaturdashi Begins
Oct 25
09:22:19 AM
🌇 Sunset
Oct 25
06:00:30 PM
🕛 Midnight Muhurta
Oct 25
11:09:38 PM – 11:53:48 PM
🌅 Next Sunrise
Oct 26
05:02:56 AM
🌑 Chaturdashi Ends
Oct 26
06:19:16 AM
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🪔
Naraka Chaturdashi
🗓 October 26, 2125
🔔 नरक चतुर्दशी, दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान
🕉 Abhyanga Snana (Oil Bath, moonrise → sunrise): 05:08:33 AM – 05:02:56 AM
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Abhyanga Snana (Oil Bath, moonrise → sunrise)
05:08:33 AM
ends 05:02:56 AM
🌅 Previous Sunrise
Oct 25
05:03:49 AM
🌘 Chaturdashi Begins
Oct 25
09:22:19 AM
🌅 Sunrise
Oct 26
05:02:56 AM
🌙 Moonrise
Oct 26
05:08:33 AM
🌑 Chaturdashi Ends
Oct 26
06:19:16 AM
🌇 Sunset
Oct 26
06:01:09 PM
🌅 Next Sunrise
Oct 27
05:02:05 AM
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✨
Diwali (Lakshmi Puja)
🗓 October 26, 2125
🔔 नरक चतुर्दशी, दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान
🕉 Pradosha Kala with Sthira Lagna (Vrishabha Sthira Lagna): अक्तूबर/26 07:43:25 PM – अक्तूबर/26 08:13:20 PM
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Pradosha Kala with Sthira Lagna: Vrishabha Sthira Lagna
अक्तूबर/26 07:43:25 PM
ends अक्तूबर/26 08:13:20 PM
Nishitha Kala (Midnight)
अक्तूबर/26 11:09:35 PM
ends अक्तूबर/26 11:53:39 PM
Chopada Pujan (New Account Books)
अक्तूबर/26 07:43:25 PM
ends अक्तूबर/26 08:13:20 PM
🌅 Previous Sunrise
Oct 25
05:03:49 AM
🌅 Sunrise
Oct 26
05:02:56 AM
🌑 Amavasya Begins
Oct 26
06:19:16 AM
🌇 Sunset
Oct 26
06:01:09 PM
🌒 Amavasya Ends
Oct 27
03:27:51 AM
🌅 Next Sunrise
Oct 27
05:02:05 AM
Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaअक्तूबर/27 06:18:28 AMअक्तूबर/27 08:15:38 AM
Kumbhaअक्तूबर/27 12:49:51 PMअक्तूबर/27 03:05:46 PM
Vrishabhaअक्तूबर/27 07:39:29 PMअक्तूबर/27 09:57:08 PM
ChogadiaFromTo
Shubhअक्तूबर/27 06:46:03 AMअक्तूबर/27 08:17:01 AM
Chalअक्तूबर/27 11:31:56 AMअक्तूबर/27 01:09:24 PM
Amritअक्तूबर/27 02:46:52 PMअक्तूबर/27 04:24:20 PM
Labhअक्तूबर/27 06:01:48 PMअक्तूबर/27 07:24:13 PM
Shubhअक्तूबर/27 08:46:39 PMअक्तूबर/27 10:09:05 PM
Amritअक्तूबर/27 10:09:05 PMअक्तूबर/27 11:31:31 PM
Chalअक्तूबर/27 11:31:31 PMअक्तूबर/28 12:53:57 AM
Labhअक्तूबर/28 03:38:49 AMअक्तूबर/28 05:01:15 AM
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📒
Gujarati New Year / Bali Pratipada
🗓 October 27, 2125
🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा, गुजराती नव वर्ष, इष्टि
🕉 Shubh Chogadia (Miti Muhurta): अक्तूबर/27 06:46:03 AM – अक्तूबर/27 08:17:01 AM
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Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaअक्तूबर/27 06:18:28 AMअक्तूबर/27 08:15:38 AM
Kumbhaअक्तूबर/27 12:49:51 PMअक्तूबर/27 03:05:46 PM
Vrishabhaअक्तूबर/27 07:39:29 PMअक्तूबर/27 09:57:08 PM
ChogadiaFromTo
Shubhअक्तूबर/27 06:46:03 AMअक्तूबर/27 08:17:01 AM
Chalअक्तूबर/27 11:31:56 AMअक्तूबर/27 01:09:24 PM
Amritअक्तूबर/27 02:46:52 PMअक्तूबर/27 04:24:20 PM
Labhअक्तूबर/27 06:01:48 PMअक्तूबर/27 07:24:13 PM
Shubhअक्तूबर/27 08:46:39 PMअक्तूबर/27 10:09:05 PM
Amritअक्तूबर/27 10:09:05 PMअक्तूबर/27 11:31:31 PM
Chalअक्तूबर/27 11:31:31 PMअक्तूबर/28 12:53:57 AM
Labhअक्तूबर/28 03:38:49 AMअक्तूबर/28 05:01:15 AM
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👫
Yama Dvitiya / Bhaiya Dooj
🗓 October 28, 2125
🔔 यम द्वितीया / भाई दूज, विंछुड़ो शुरू 04:52:44 PM
🕉 Aparahna Kala: अक्तूबर/28 12:49:58 PM – अक्तूबर/28 03:26:12 PM
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Aparahna Kala
अक्तूबर/28 12:49:58 PM
ends अक्तूबर/28 03:26:12 PM
ChogadiaFromTo
Chalअक्तूबर/28 06:38:54 AMअक्तूबर/28 08:16:33 AM
Labhअक्तूबर/28 08:16:33 AMअक्तूबर/28 09:54:12 AM
Amritअक्तूबर/28 09:54:12 AMअक्तूबर/28 11:31:51 AM
Shubhअक्तूबर/28 01:09:30 PMअक्तूबर/28 02:47:09 PM
Shubhअक्तूबर/28 06:02:27 PMअक्तूबर/28 07:24:42 PM
Amritअक्तूबर/28 07:24:42 PMअक्तूबर/28 08:46:57 PM
Chalअक्तूबर/28 08:46:57 PMअक्तूबर/28 10:09:11 PM
Labhअक्तूबर/29 12:53:41 AMअक्तूबर/29 02:15:56 AM
Shubhअक्तूबर/29 03:38:11 AMअक्तूबर/29 05:00:26 AM
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🌅 पिछला सूर्योदय
Oct 25
05:03:49 AM
🌅 सूर्योदय
Oct 26
05:02:56 AM
🌘 तिथि शुरू
Oct 26
06:19:16 AM
🌇 सूर्यास्त
Oct 26
06:01:09 PM
🌒 तिथि समाप्त
Oct 27
03:27:51 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Oct 27
05:02:05 AM
इस दिन का पंचांग · Brisbane
🌓 तिथि
चतुर्दशी
⭐ नक्षत्र
चित्रा
🔯 योग
विष्कम्भ
परिचय

दिवाली

दिवाली (दीपावली, "दीपों की पंक्ति") हिंदू जगत का सबसे व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है, जो अमावस्या यानी अमावस की रात को पड़ता है: दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन अमावस्या, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या। एक ही रात में अमावस्या का अंधकार लाखों मिट्टी के दीयों, बिजली की रोशनी, आतिशबाज़ी, और हर घर के देवी लक्ष्मी को अपने जीवन में आमंत्रित करने के सामूहिक संकल्प से पूरी तरह उलट जाता है।

इस पर्व की सबसे प्रचलित कथा है 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी और रावण पर उनकी विजय। अयोध्यावासियों ने अमावस्या के अंधकार में उनका स्वागत करने के लिए दीपों की पंक्तियाँ (दीपावली) जलाईं। दक्षिण भारत में यह दिन कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध (अंधकार के असुर) और उसके बंदीगृह से 16,100 स्त्रियों की मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस रात काली पूजा की जाती है।

इस पर्व का मुख्य अनुष्ठान लक्ष्मी पूजा है, जो परंपरा के अनुसार प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) या निशीथ काल (मध्यरात्रि) में की जाती है। धन और शुभता की देवी को एक तनिक भी मैल रहित, दीपों से जगमगाते घर में आमंत्रित किया जाता है। व्यापारी परिवारों में नए बही-खाते, सोना, चाँदी, और उपहार उनकी प्रतिमा के सामने रखे जाते हैं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण, आतिशबाज़ी, और पड़ोसियों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है।

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्।।
"हे हरिप्रिया, सभी देवताओं को वर देने वाली, आपको नमस्कार: आपकी पूजा से आपके भक्त जो मुक्ति पाते हैं, वही मुझे भी प्राप्त हो।"
लक्ष्मी अष्टोत्तर
परंपरा और विधि
🪔
प्रदोष काल पूजा
लक्ष्मी पूजा का समय प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) रखा जाता है, जब देवी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। कुछ परंपराओं में निशीथ काल (मध्यरात्रि) का प्रयोग होता है: पंचांग का समय ही यह तय करता है कि कौन-सा मुहूर्त शुभ है।
🏠
सफ़ाई और दीपसज्जा
लक्ष्मी के आगमन से पहले कई दिनों तक घरों की गहन सफ़ाई की जाती है: अव्यवस्था, जाले, और धूल का पूरी तरह सफ़ाया होना चाहिए। हर कमरे, दहलीज़, और बालकनी को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जाता है।
🎆
आतिशबाज़ी
दिवाली की रात पटाखे फोड़ने की परंपरा मूलतः ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए थी। आधुनिक प्रचलन में रासायनिक पटाखों की जगह पर्यावरण-अनुकूल दीयों को अधिकाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
🍬
मिठाई और उपहार
दिवाली भारत का सबसे बड़ा उपहार-मौसम है। परिवारों, मित्रों, और सहकर्मियों के बीच मिठाइयों और मेवों के डिब्बों का आदान-प्रदान होता है। लोकप्रिय मिठाइयों में काजू कतली, लड्डू, बर्फ़ी, और गुलाब जामुन शामिल हैं।
📒
नए बही-खाते
गुजराती और मराठी व्यापारी परंपराओं में, दिवाली की रात नए बही-खातों (चोपड़ा पूजन) को पवित्र किया जाता है: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाले नए वित्तीय वर्ष का आशीर्वाद लेने के लिए।
🌸
दिवाली के पाँच दिन
यह पर्व पाँच दिनों तक फैला रहता है: धनतेरस → काली चौदस → दिवाली → गोवर्धन पूजा/बलिप्रतिपदा → भाई दूज। प्रत्येक दिन का अपना अनुष्ठान, देवता, और क्षेत्रीय रंग होता है।
शास्त्री जी से पूछें
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