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ॐ

दिवाली 1902: Boston, Massachusetts

पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व

📍 Boston, Massachusetts, America (United States)
‹ 1902 ›
दिवाली · 1902
📍 Boston, Massachusetts, America (United States)
अक्तूबर 30, 1902
पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व
Diwali Week, Day by Day · Boston
🏅
Dhanteras
🗓 October 28, 1902
🔔 धनतेरस, यम दीप दान, 🔱 प्रदोष, भौम प्रदोष
🕉 Pradosha Kala with Sthira Lagna (Vrishabha Sthira Lagna): अक्तूबर/28 05:28:39 PM – अक्तूबर/28 07:13:47 PM
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Pradosha Kala with Sthira Lagna: Vrishabha Sthira Lagna
अक्तूबर/28 05:28:39 PM
ends अक्तूबर/28 07:13:47 PM
🌅 Previous Sunrise
Oct 27
06:12:10 AM
🌘 Trayodashi Begins
Oct 28
01:21:04 AM
🌅 Sunrise
Oct 28
06:13:24 AM
🌇 Sunset
Oct 28
04:43:24 PM
🌘 Trayodashi Ends
Oct 29
01:31:35 AM
🌅 Next Sunrise
Oct 29
06:14:38 AM
Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaअक्तूबर/28 07:51:33 AMअक्तूबर/28 10:19:40 AM
Kumbhaअक्तूबर/28 01:51:37 PMअक्तूबर/28 03:02:40 PM
Vrishabhaअक्तूबर/28 05:28:39 PMअक्तूबर/28 07:13:48 PM
ChogadiaFromTo
Labhअक्तूबर/28 10:09:39 AMअक्तूबर/28 11:28:24 AM
Labhअक्तूबर/28 06:24:48 PMअक्तूबर/28 08:06:13 PM
Shubhअक्तूबर/28 09:47:37 PMअक्तूबर/28 11:29:01 PM
Amritअक्तूबर/28 11:29:01 PMअक्तूबर/29 01:10:25 AM
Chalअक्तूबर/29 01:10:25 AMअक्तूबर/29 02:51:49 AM
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🪔
Naraka Chaturdashi / Kali Chaudash
🗓 October 29, 1902
🔔 हनुमान जयंती, नरक चतुर्दशी, काली चौदस, मास शिवरात्रि
🕉 Abhyanga Snana (Oil Bath, moonrise → sunrise): 04:23:02 AM – 06:14:38 AM
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Abhyanga Snana (Oil Bath, moonrise → sunrise)
04:23:02 AM
ends 06:14:38 AM
Nishita Kala (Kali Puja)
अक्तूबर/29 11:01:49 PM
ends अक्तूबर/29 11:56:04 PM
🌘 Chaturdashi Begins
Oct 29
01:31:35 AM
🌅 Previous Sunrise
Oct 29
06:14:38 AM
🌑 Chaturdashi Ends
Oct 30
02:09:08 AM
🌙 Moonrise
Oct 30
05:24:45 AM
🌅 Sunrise
Oct 30
06:15:52 AM
🌇 Sunset
Oct 30
04:40:39 PM
🌅 Next Sunrise
Oct 31
06:17:07 AM
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✨
Diwali (Lakshmi Puja)
🗓 October 30, 1902
🔔 दीपावली, अमावस्या तर्पण, अन्वाधान
🕉 Pradosha Kala with Sthira Lagna (Vrishabha Sthira Lagna): अक्तूबर/30 05:20:47 PM – अक्तूबर/30 07:05:56 PM
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Pradosha Kala with Sthira Lagna: Vrishabha Sthira Lagna
अक्तूबर/30 05:20:47 PM
ends अक्तूबर/30 07:05:56 PM
Nishitha Kala (Midnight)
अक्तूबर/30 11:01:40 PM
ends अक्तूबर/30 11:56:06 PM
Chopada Pujan (New Account Books)
अक्तूबर/30 05:20:47 PM
ends अक्तूबर/30 07:05:56 PM
🌅 Previous Sunrise
Oct 29
06:14:38 AM
🌑 Amavasya Begins
Oct 30
02:09:08 AM
🌅 Sunrise
Oct 30
06:15:52 AM
🌇 Sunset
Oct 30
04:40:39 PM
🌒 Amavasya Ends
Oct 31
03:13:31 AM
🌅 Next Sunrise
Oct 31
06:17:07 AM
Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaअक्तूबर/30 07:43:41 AMअक्तूबर/30 10:11:48 AM
Kumbhaअक्तूबर/30 01:43:45 PMअक्तूबर/30 02:54:48 PM
Vrishabhaअक्तूबर/30 05:20:48 PMअक्तूबर/30 07:05:56 PM
ChogadiaFromTo
Chalअक्तूबर/30 10:25:47 AMअक्तूबर/30 11:28:16 AM
Labhअक्तूबर/30 11:28:16 AMअक्तूबर/30 12:46:22 PM
Shubhअक्तूबर/30 03:22:33 PMअक्तूबर/30 04:40:39 PM
Amritअक्तूबर/30 04:40:39 PMअक्तूबर/30 06:22:43 PM
Chalअक्तूबर/30 06:22:43 PMअक्तूबर/30 08:04:46 PM
Labhअक्तूबर/30 11:28:53 PMअक्तूबर/31 01:10:56 AM
Shubhअक्तूबर/31 02:53:00 AMअक्तूबर/31 04:35:03 AM
Amritअक्तूबर/31 04:35:03 AMअक्तूबर/31 06:17:07 AM
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📒
Gujarati New Year / Bali Pratipada
🗓 October 31, 1902
🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा, गुजराती नव वर्ष, इष्टि
🕉 Chal Chogadia (Miti Muhurta): अक्तूबर/31 06:17:07 AM – अक्तूबर/31 07:34:53 AM
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Sthira LagnaFromTo
Vrishchikaअक्तूबर/31 07:39:45 AMअक्तूबर/31 10:07:52 AM
Kumbhaअक्तूबर/31 01:39:49 PMअक्तूबर/31 02:50:53 PM
Vrishabhaअक्तूबर/31 05:16:52 PMअक्तूबर/31 07:02:00 PM
ChogadiaFromTo
Chalअक्तूबर/31 06:17:07 AMअक्तूबर/31 07:34:53 AM
Amritअक्तूबर/31 09:03:02 AMअक्तूबर/31 10:10:26 AM
Shubhअक्तूबर/31 11:28:13 AMअक्तूबर/31 11:48:57 AM
Shubhअक्तूबर/31 12:30:26 PMअक्तूबर/31 12:45:59 PM
Chalअक्तूबर/31 03:21:32 PMअक्तूबर/31 04:39:19 PM
Labhअक्तूबर/31 08:04:04 PMअक्तूबर/31 09:46:27 PM
Shubhअक्तूबर/31 11:28:50 PMनवम्बर/1 01:11:13 AM
Amritनवम्बर/1 01:11:13 AMनवम्बर/1 02:53:36 AM
Chalनवम्बर/1 02:53:36 AMनवम्बर/1 04:35:59 AM
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👫
Yama Dvitiya / Bhaiya Dooj
🗓 November 1, 1902
🔔 यम द्वितीया / भाई दूज, विंछुड़ो शुरू 09:34:41 AM
🕉 Aparahna Kala: नवम्बर/1 12:30:08 PM – नवम्बर/1 02:34:04 PM
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Aparahna Kala
नवम्बर/1 12:30:08 PM
ends नवम्बर/1 02:34:04 PM
ChogadiaFromTo
Shubhनवम्बर/1 07:40:59 AMनवम्बर/1 08:53:16 AM
Chalनवम्बर/1 11:28:11 AMनवम्बर/1 12:45:38 PM
Amritनवम्बर/1 02:03:05 PMनवम्बर/1 03:20:32 PM
Labhनवम्बर/1 04:37:59 PMनवम्बर/1 06:20:42 PM
Shubhनवम्बर/1 08:03:24 PMनवम्बर/1 09:46:06 PM
Amritनवम्बर/1 09:46:06 PMनवम्बर/1 11:28:48 PM
Chalनवम्बर/1 11:28:48 PMनवम्बर/2 01:11:30 AM
Labhनवम्बर/2 04:36:54 AMनवम्बर/2 06:19:37 AM
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🌅 पिछला सूर्योदय
Oct 29
06:14:38 AM
🌘 तिथि शुरू
Oct 30
02:09:08 AM
🌅 सूर्योदय
Oct 30
06:15:52 AM
🌇 सूर्यास्त
Oct 30
04:40:39 PM
🌒 तिथि समाप्त
Oct 31
03:13:31 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Oct 31
06:17:07 AM
इस दिन का पंचांग · Boston
🌓 तिथि
अमावस्या
⭐ नक्षत्र
चित्रा
🔯 योग
प्रीति
परिचय

दिवाली

दिवाली (दीपावली, "दीपों की पंक्ति") हिंदू जगत का सबसे व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है, जो अमावस्या यानी अमावस की रात को पड़ता है: दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन अमावस्या, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या। एक ही रात में अमावस्या का अंधकार लाखों मिट्टी के दीयों, बिजली की रोशनी, आतिशबाज़ी, और हर घर के देवी लक्ष्मी को अपने जीवन में आमंत्रित करने के सामूहिक संकल्प से पूरी तरह उलट जाता है।

इस पर्व की सबसे प्रचलित कथा है 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी और रावण पर उनकी विजय। अयोध्यावासियों ने अमावस्या के अंधकार में उनका स्वागत करने के लिए दीपों की पंक्तियाँ (दीपावली) जलाईं। दक्षिण भारत में यह दिन कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध (अंधकार के असुर) और उसके बंदीगृह से 16,100 स्त्रियों की मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस रात काली पूजा की जाती है।

इस पर्व का मुख्य अनुष्ठान लक्ष्मी पूजा है, जो परंपरा के अनुसार प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) या निशीथ काल (मध्यरात्रि) में की जाती है। धन और शुभता की देवी को एक तनिक भी मैल रहित, दीपों से जगमगाते घर में आमंत्रित किया जाता है। व्यापारी परिवारों में नए बही-खाते, सोना, चाँदी, और उपहार उनकी प्रतिमा के सामने रखे जाते हैं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण, आतिशबाज़ी, और पड़ोसियों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है।

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्।।
"हे हरिप्रिया, सभी देवताओं को वर देने वाली, आपको नमस्कार: आपकी पूजा से आपके भक्त जो मुक्ति पाते हैं, वही मुझे भी प्राप्त हो।"
लक्ष्मी अष्टोत्तर
परंपरा और विधि
🪔
प्रदोष काल पूजा
लक्ष्मी पूजा का समय प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) रखा जाता है, जब देवी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। कुछ परंपराओं में निशीथ काल (मध्यरात्रि) का प्रयोग होता है: पंचांग का समय ही यह तय करता है कि कौन-सा मुहूर्त शुभ है।
🏠
सफ़ाई और दीपसज्जा
लक्ष्मी के आगमन से पहले कई दिनों तक घरों की गहन सफ़ाई की जाती है: अव्यवस्था, जाले, और धूल का पूरी तरह सफ़ाया होना चाहिए। हर कमरे, दहलीज़, और बालकनी को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जाता है।
🎆
आतिशबाज़ी
दिवाली की रात पटाखे फोड़ने की परंपरा मूलतः ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए थी। आधुनिक प्रचलन में रासायनिक पटाखों की जगह पर्यावरण-अनुकूल दीयों को अधिकाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
🍬
मिठाई और उपहार
दिवाली भारत का सबसे बड़ा उपहार-मौसम है। परिवारों, मित्रों, और सहकर्मियों के बीच मिठाइयों और मेवों के डिब्बों का आदान-प्रदान होता है। लोकप्रिय मिठाइयों में काजू कतली, लड्डू, बर्फ़ी, और गुलाब जामुन शामिल हैं।
📒
नए बही-खाते
गुजराती और मराठी व्यापारी परंपराओं में, दिवाली की रात नए बही-खातों (चोपड़ा पूजन) को पवित्र किया जाता है: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाले नए वित्तीय वर्ष का आशीर्वाद लेने के लिए।
🌸
दिवाली के पाँच दिन
यह पर्व पाँच दिनों तक फैला रहता है: धनतेरस → काली चौदस → दिवाली → गोवर्धन पूजा/बलिप्रतिपदा → भाई दूज। प्रत्येक दिन का अपना अनुष्ठान, देवता, और क्षेत्रीय रंग होता है।
शास्त्री जी से पूछें
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