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दिवाली 2131: Chennai, Tamil Nadu

पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व

📍 Chennai, Tamil Nadu, India
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दिवाली · 2131
📍 Chennai, Tamil Nadu, India
अक्तूबर 20, 2131
पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व
Diwali Week, Day by Day · Chennai
🏅
धनतेरस
🗓 October 18, 2131
🔔 यम दीप दान, 🔱 प्रदोष
🕉 प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ (वृषभ स्थिर लग्न): अक्तूबर/18 07:37:11 PM – अक्तूबर/18 08:14:33 PM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ: वृषभ स्थिर लग्न
अक्तूबर/18 07:37:11 PM
समाप्त अक्तूबर/18 08:14:33 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
अक्तूबर 17
06:00:31 AM
🌘 त्रयोदशी शुरू
अक्तूबर 18
03:10:54 AM
🌅 सूर्योदय
अक्तूबर 18
06:00:39 AM
🌇 सूर्यास्त
अक्तूबर 18
05:47:59 PM
🌘 त्रयोदशी समाप्त
अक्तूबर 19
04:46:42 AM
🌅 अगला सूर्योदय
अक्तूबर 19
06:00:48 AM
स्थिर लग्नसेतक
वृश्चिकअक्तूबर/18 08:16:08 AMअक्तूबर/18 10:28:03 AM
कुंभअक्तूबर/18 02:27:10 PMअक्तूबर/18 04:08:37 PM
चौघड़ियासेतक
चलअक्तूबर/18 10:43:35 AMअक्तूबर/18 11:54:19 AM
लाभअक्तूबर/18 11:54:19 AMअक्तूबर/18 01:22:44 PM
शुभअक्तूबर/18 04:19:34 PMअक्तूबर/18 05:47:59 PM
अमृतअक्तूबर/18 05:47:59 PMअक्तूबर/18 07:19:35 PM
चलअक्तूबर/18 07:19:35 PMअक्तूबर/18 08:51:12 PM
लाभअक्तूबर/18 11:54:24 PMअक्तूबर/19 01:26:00 AM
शुभअक्तूबर/19 02:57:36 AMअक्तूबर/19 04:29:12 AM
अमृतअक्तूबर/19 04:29:12 AMअक्तूबर/19 06:00:48 AM
इस दिन का पूरा पंचांग देखें →
🪔
नरक चतुर्दशी / काली चौदस
🗓 October 19, 2131
🔔 सूर्य संक्रांति, मास शिवरात्रि
🕉 अभ्यंग स्नान (तेल स्नान, चंद्रोदय → सूर्योदय): 05:14:40 AM – 06:00:48 AM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
अभ्यंग स्नान (तेल स्नान, चंद्रोदय → सूर्योदय)
05:14:40 AM
समाप्त 06:00:48 AM
निशीथ काल (काली पूजा)
अक्तूबर/19 11:29:45 PM
समाप्त अक्तूबर/20 12:18:39 AM
🌘 चतुर्दशी शुरू
अक्तूबर 19
04:46:42 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
अक्तूबर 19
06:00:48 AM
🌙 चंद्रोदय
अक्तूबर 20
06:00:34 AM
🌅 सूर्योदय
अक्तूबर 20
06:00:57 AM
🌑 चतुर्दशी समाप्त
अक्तूबर 20
06:41:51 AM
🌇 सूर्यास्त
अक्तूबर 20
05:46:55 PM
🌅 अगला सूर्योदय
अक्तूबर 21
06:01:07 AM
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✨
दिवाली (लक्ष्मी पूजा)
🗓 October 20, 2131
🕉 प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ (वृषभ स्थिर लग्न): अक्तूबर/20 07:29:19 PM – अक्तूबर/20 08:13:46 PM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ: वृषभ स्थिर लग्न
अक्तूबर/20 07:29:19 PM
समाप्त अक्तूबर/20 08:13:46 PM
निशीथ काल (मध्यरात्रि)
अक्तूबर/20 11:29:33 PM
समाप्त अक्तूबर/21 12:18:30 AM
चोपड़ा पूजन (नई बहीखाता)
अक्तूबर/20 07:29:19 PM
समाप्त अक्तूबर/20 08:13:46 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
अक्तूबर 19
06:00:48 AM
🌅 सूर्योदय
अक्तूबर 20
06:00:57 AM
🌑 अमावस्या शुरू
अक्तूबर 20
06:41:51 AM
🌇 सूर्यास्त
अक्तूबर 20
05:46:55 PM
🌅 अगला सूर्योदय
अक्तूबर 21
06:01:07 AM
🌒 अमावस्या समाप्त
अक्तूबर 21
08:53:40 AM
स्थिर लग्नसेतक
वृश्चिकअक्तूबर/21 08:04:20 AMअक्तूबर/21 10:16:15 AM
कुंभअक्तूबर/21 02:15:22 PMअक्तूबर/21 03:56:49 PM
वृषभअक्तूबर/21 07:25:23 PMअक्तूबर/21 09:28:19 PM
चौघड़ियासेतक
चलअक्तूबर/21 07:29:17 AMअक्तूबर/21 08:57:26 AM
लाभअक्तूबर/21 08:57:26 AMअक्तूबर/21 10:25:36 AM
अमृतअक्तूबर/21 10:25:36 AMअक्तूबर/21 11:53:46 AM
शुभअक्तूबर/21 01:21:55 PMअक्तूबर/21 02:50:05 PM
शुभअक्तूबर/21 05:46:24 PMअक्तूबर/21 07:18:16 PM
अमृतअक्तूबर/21 07:18:16 PMअक्तूबर/21 08:50:08 PM
चलअक्तूबर/21 08:50:08 PMअक्तूबर/21 10:21:59 PM
लाभअक्तूबर/22 01:25:43 AMअक्तूबर/22 02:57:34 AM
शुभअक्तूबर/22 04:29:26 AMअक्तूबर/22 06:01:18 AM
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📒
बलि प्रतिपदा
🗓 October 21, 2131
🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट
🕉 चल चौघड़िया (मिति मुहूर्त): अक्तूबर/21 07:29:17 AM – अक्तूबर/21 08:57:26 AM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
स्थिर लग्नसेतक
वृश्चिकअक्तूबर/21 08:04:20 AMअक्तूबर/21 10:16:15 AM
कुंभअक्तूबर/21 02:15:22 PMअक्तूबर/21 03:56:49 PM
वृषभअक्तूबर/21 07:25:23 PMअक्तूबर/21 09:28:19 PM
चौघड़ियासेतक
चलअक्तूबर/21 07:29:17 AMअक्तूबर/21 08:57:26 AM
लाभअक्तूबर/21 08:57:26 AMअक्तूबर/21 10:25:36 AM
अमृतअक्तूबर/21 10:25:36 AMअक्तूबर/21 11:53:46 AM
शुभअक्तूबर/21 01:21:55 PMअक्तूबर/21 02:50:05 PM
शुभअक्तूबर/21 05:46:24 PMअक्तूबर/21 07:18:16 PM
अमृतअक्तूबर/21 07:18:16 PMअक्तूबर/21 08:50:08 PM
चलअक्तूबर/21 08:50:08 PMअक्तूबर/21 10:21:59 PM
लाभअक्तूबर/22 01:25:43 AMअक्तूबर/22 02:57:34 AM
शुभअक्तूबर/22 04:29:26 AMअक्तूबर/22 06:01:18 AM
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👫
यम द्वितीया / भैया दूज
🗓 October 23, 2131
🕉 अपराह्न काल: अक्तूबर/23 01:03:50 PM – अक्तूबर/23 03:24:37 PM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
अपराह्न काल
अक्तूबर/23 01:03:50 PM
समाप्त अक्तूबर/23 03:24:37 PM
चौघड़ियासेतक
लाभअक्तूबर/23 10:25:27 AMअक्तूबर/23 11:53:26 AM
लाभअक्तूबर/23 07:17:26 PMअक्तूबर/23 08:49:28 PM
शुभअक्तूबर/23 10:21:30 PMअक्तूबर/23 11:53:32 PM
अमृतअक्तूबर/23 11:53:32 PMअक्तूबर/24 01:25:34 AM
चलअक्तूबर/24 01:25:34 AMअक्तूबर/24 02:57:36 AM
इस दिन का पूरा पंचांग देखें →
🌅 पिछला सूर्योदय
अक्तूबर 19
06:00:48 AM
🌅 सूर्योदय
अक्तूबर 20
06:00:57 AM
🌘 तिथि शुरू
अक्तूबर 20
06:41:51 AM
🌇 सूर्यास्त
अक्तूबर 20
05:46:55 PM
🌅 अगला सूर्योदय
अक्तूबर 21
06:01:07 AM
🌒 तिथि समाप्त
अक्तूबर 21
08:53:40 AM
इस दिन का पंचांग · Chennai
🌓 तिथि
चतुर्दशी
⭐ नक्षत्र
हस्त
🔯 योग
वैधृति
परिचय

दिवाली

दिवाली (दीपावली, "दीपों की पंक्ति") हिंदू जगत का सबसे व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है, जो अमावस्या यानी अमावस की रात को पड़ता है: दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन अमावस्या, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या। एक ही रात में अमावस्या का अंधकार लाखों मिट्टी के दीयों, बिजली की रोशनी, आतिशबाज़ी, और हर घर के देवी लक्ष्मी को अपने जीवन में आमंत्रित करने के सामूहिक संकल्प से पूरी तरह उलट जाता है।

इस पर्व की सबसे प्रचलित कथा है 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी और रावण पर उनकी विजय। अयोध्यावासियों ने अमावस्या के अंधकार में उनका स्वागत करने के लिए दीपों की पंक्तियाँ (दीपावली) जलाईं। दक्षिण भारत में यह दिन कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध (अंधकार के असुर) और उसके बंदीगृह से 16,100 स्त्रियों की मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस रात काली पूजा की जाती है।

इस पर्व का मुख्य अनुष्ठान लक्ष्मी पूजा है, जो परंपरा के अनुसार प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) या निशीथ काल (मध्यरात्रि) में की जाती है। धन और शुभता की देवी को एक तनिक भी मैल रहित, दीपों से जगमगाते घर में आमंत्रित किया जाता है। व्यापारी परिवारों में नए बही-खाते, सोना, चाँदी, और उपहार उनकी प्रतिमा के सामने रखे जाते हैं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण, आतिशबाज़ी, और पड़ोसियों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है।

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्।।
"हे हरिप्रिया, सभी देवताओं को वर देने वाली, आपको नमस्कार: आपकी पूजा से आपके भक्त जो मुक्ति पाते हैं, वही मुझे भी प्राप्त हो।"
लक्ष्मी अष्टोत्तर
परंपरा और विधि
🪔
प्रदोष काल पूजा
लक्ष्मी पूजा का समय प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) रखा जाता है, जब देवी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। कुछ परंपराओं में निशीथ काल (मध्यरात्रि) का प्रयोग होता है: पंचांग का समय ही यह तय करता है कि कौन-सा मुहूर्त शुभ है।
🏠
सफ़ाई और दीपसज्जा
लक्ष्मी के आगमन से पहले कई दिनों तक घरों की गहन सफ़ाई की जाती है: अव्यवस्था, जाले, और धूल का पूरी तरह सफ़ाया होना चाहिए। हर कमरे, दहलीज़, और बालकनी को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जाता है।
🎆
आतिशबाज़ी
दिवाली की रात पटाखे फोड़ने की परंपरा मूलतः ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए थी। आधुनिक प्रचलन में रासायनिक पटाखों की जगह पर्यावरण-अनुकूल दीयों को अधिकाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
🍬
मिठाई और उपहार
दिवाली भारत का सबसे बड़ा उपहार-मौसम है। परिवारों, मित्रों, और सहकर्मियों के बीच मिठाइयों और मेवों के डिब्बों का आदान-प्रदान होता है। लोकप्रिय मिठाइयों में काजू कतली, लड्डू, बर्फ़ी, और गुलाब जामुन शामिल हैं।
📒
नए बही-खाते
गुजराती और मराठी व्यापारी परंपराओं में, दिवाली की रात नए बही-खातों (चोपड़ा पूजन) को पवित्र किया जाता है: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाले नए वित्तीय वर्ष का आशीर्वाद लेने के लिए।
🌸
दिवाली के पाँच दिन
यह पर्व पाँच दिनों तक फैला रहता है: धनतेरस → काली चौदस → दिवाली → गोवर्धन पूजा/बलिप्रतिपदा → भाई दूज। प्रत्येक दिन का अपना अनुष्ठान, देवता, और क्षेत्रीय रंग होता है।
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