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ॐ

गणेश चतुर्थी 1923: Lucknow, Uttar Pradesh

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त

📍 Lucknow, Uttar Pradesh, India
‹ 1923 ›
गणेश चतुर्थी · 1923
📍 Lucknow, Uttar Pradesh, India
सितम्बर 14, 1923
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त
Ganeshotsav, Day by Day · Lucknow
🐘
Ganesh Utsava Day 1: Ganesh Chaturthi
🗓 September 14, 1923
🔔 गणेश चतुर्थी
🌙 ತಿಥಿ
Chaturthi (ends सितम्बर/14 02:07:44 PM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:51:59 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:12:54 PM
🕉 ಮಧ್ಯಾಹ್ನ ಕಾಲ (ಪ್ರಾಣ ಪ್ರತಿಷ್ಠೆ)
11:37:45 AM
ends 12:27:09 PM
✅ ಲಾಭ
07:24:36 AM
ends 08:57:13 AM
✅ ಅಮೃತ
08:57:13 AM
ends 10:29:50 AM
✅ ಶುಭ
12:02:27 PM
ends 01:35:04 PM
🌘 ಚತುರ್ಥಿ ಪ್ರಾರಂಭ
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 13
05:13:02 PM
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
05:51:59 AM
🕉 ಮಧ್ಯಾಹ್ನ ಕಾಲ ಪ್ರಾರಂಭ
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
11:37:45 AM
🕉 ಮಧ್ಯಾಹ್ನ ಕಾಲ ಮುಗಿಯುತ್ತದೆ
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
12:27:09 PM
🌒 ಚತುರ್ಥಿ ಮುಗಿಯುತ್ತದೆ
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
02:07:44 PM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
06:12:54 PM
🌿
Ganesh Utsava Day 2
🗓 September 15, 1923
🔔 ऋषि पंचमी, विंछुड़ो शुरू 01:36:35 PM, मास स्कंद षष्ठी
🌙 ತಿಥಿ
Panchami (ends सितम्बर/15 11:14:24 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:52:25 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:11:46 PM
✅ ಶುಭ
07:24:50 AM
ends 08:57:15 AM
✅ ಲಾಭ
01:34:31 PM
ends 03:06:56 PM
✅ ಅಮೃತ
03:06:56 PM
ends 04:39:21 PM
🌸
Ganesh Utsava Day 3
🗓 September 16, 1923
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - आवाहन, श्री बलराम जयंती, कांची महापेरियवा अनुषम, सूर्य संक्रांति
🌙 ತಿಥಿ
Shashti (ends सितम्बर/16 08:39:39 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:52:51 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:10:38 PM
✅ ಲಾಭ
08:57:18 AM
ends 10:29:31 AM
✅ ಅಮೃತ
10:29:31 AM
ends 12:01:44 PM
✅ ಶುಭ
01:33:58 PM
ends 03:06:11 PM
🌺
Ganesh Utsava Day 4
🗓 September 17, 1923
🔔 राधाष्टमी, श्री महालक्ष्मी व्रत आरंभ, ज्येष्ठा गौरी पूजा, विंछुड़ो समाप्त 04:13:40 PM, मास दुर्गाष्टमी
🌙 ತಿಥಿ
Saptami (ends सितम्बर/17 06:28:54 AM), Ashtami (ends सितम्बर/18 04:46:10 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:53:17 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:09:30 PM
✅ ಅಮೃತ
05:53:17 AM
ends 07:25:18 AM
✅ ಶುಭ
08:57:20 AM
ends 10:29:21 AM
✅ ಲಾಭ
03:05:26 PM
ends 04:37:28 PM
✅ ಅಮೃತ
04:37:28 PM
ends 06:09:30 PM
🪔
Ganesh Utsava Day 5
🗓 September 18, 1923
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - विसर्जन
🌙 ತಿಥಿ
Navami (ends सितम्बर/19 03:33:57 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:53:42 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:08:21 PM
✅ ಲಾಭ
10:29:12 AM
ends 12:01:02 PM
✅ ಅಮೃತ
12:01:02 PM
ends 01:32:52 PM
✅ ಶುಭ
03:04:42 PM
ends 04:36:31 PM
🎉
Ganesh Utsava Day 6
🗓 September 19, 1923
🌙 ತಿಥಿ
Dashami (ends सितम्बर/20 02:53:14 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:54:08 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:07:13 PM
✅ ಲಾಭ
05:54:08 AM
ends 07:25:46 AM
✅ ಅಮೃತ
07:25:46 AM
ends 08:57:24 AM
✅ ಶುಭ
10:29:02 AM
ends 12:00:41 PM
✅ ಲಾಭ
04:35:35 PM
ends 06:07:13 PM
🎊
Ganesh Utsava Day 7
🗓 September 20, 1923
🔔 परिवर्तिनी एकादशी
🌙 ತಿಥಿ
Ekadasi (ends सितम्बर/21 02:43:46 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:54:34 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:06:04 PM
✅ ಶುಭ
05:54:34 AM
ends 07:26:01 AM
✅ ಲಾಭ
12:00:19 PM
ends 01:31:46 PM
✅ ಅಮೃತ
01:31:46 PM
ends 03:03:12 PM
✅ ಶುಭ
04:34:38 PM
ends 06:06:04 PM
🥁
Ganesh Utsava Day 8
🗓 September 21, 1923
🔔 वामन जयंती, श्रवण द्वादशी, कन्या श्रवणम्, पंचक शुरू सितम्बर/22 04:50:03 AM, वैष्णव एकादशी 🚩
🌙 ತಿಥಿ
Dvadasi (ends सितम्बर/22 03:04:18 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:55:00 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:04:56 PM
✅ ಲಾಭ
07:26:15 AM
ends 08:57:29 AM
✅ ಅಮೃತ
08:57:29 AM
ends 10:28:44 AM
✅ ಶುಭ
11:59:58 AM
ends 01:31:13 PM
🙏
Ganesh Utsava Day 9
🗓 September 22, 1923
🔔 🔱 प्रदोष, पुरट्टासि शनिवार, शनि प्रदोष
🌙 ತಿಥಿ
Trayodasi (ends सितम्बर/23 03:53:00 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:55:26 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:03:47 PM
✅ ಶುಭ
07:26:29 AM
ends 08:57:32 AM
✅ ಲಾಭ
01:30:40 PM
ends 03:01:42 PM
✅ ಅಮೃತ
03:01:42 PM
ends 04:32:45 PM
🌀
Ganesh Utsava Day 10: Anant Chaturdashi
🗓 September 23, 1923
🔔 अनंत चतुर्दशी, पुरट्टासि चतुर्दशी
🌙 ತಿಥಿ
Chaturdashi (ends सितम्बर/24 05:07:36 AM)
🌅 ಸೂರ್ಯೋದಯ
05:55:53 AM
🌇 ಸೂರ್ಯಾಸ್ತ
06:02:39 PM
✅ ಲಾಭ
08:57:34 AM
ends 10:28:25 AM
✅ ಅಮೃತ
10:28:25 AM
ends 11:59:16 AM
✅ ಶುಭ
01:30:07 PM
ends 03:00:58 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 13
05:51:34 AM
🌘 तिथि शुरू
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 13
05:13:02 PM
🌅 सूर्योदय
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
05:51:59 AM
🌒 तिथि समाप्त
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
02:07:44 PM
🌇 सूर्यास्त
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 14
06:12:54 PM
🌅 अगला सूर्योदय
ಸೆಪ್ಟೆಂಬರ್ 15
05:52:25 AM
इस दिन का पंचांग · Lucknow
🌓 तिथि
चतुर्थी
⭐ नक्षत्र
स्वाती
🔯 योग
ऐन्द्र
परिचय

गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी, गणेशोत्सव) भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है और शिव-पार्वती के गजमुख पुत्र, विघ्नहर्ता और नए कार्यों के स्वामी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है।

इस दिन की शुरुआत प्राण प्रतिष्ठा से होती है: मिट्टी की गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और अभिमंत्रण। स्थापना का सर्वोत्तम मुहूर्त मध्याह्न (दोपहर) काल में पड़ता है, जब गणेशजी की ऊर्जा सबसे अधिक प्रबल मानी जाती है। स्थापना के बाद प्रतिमा की पूजा मोदक (उनकी प्रिय मिठाई), दूर्वा, लाल पुष्पों, और नारियल से की जाती है। दिनभर अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) का पाठ किया जाता है।

गणेश चतुर्थी की सबसे विशिष्ट बातों में से एक इस रात चंद्रमा देखने की मनाही है। पौराणिक कथा के अनुसार चूहे की सवारी करने पर चंद्रमा ने गणेशजी का उपहास किया था, जिस पर गणेशजी ने उन्हें यह शाप दिया कि जो कोई इस रात चंद्रमा को देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा। यदि भूलवश दर्शन हो जाएँ, तो इसका उपाय है भागवत पुराण की स्यमंतक मणि की कथा सुनना या सुनाना।

यह पर्व 1893 में पुणे में एक विशाल सार्वजनिक उत्सव बन गया, जब बाल गंगाधर तिलक ने इसे एक पारिवारिक पूजा से बदलकर सामुदायिक समागम का रूप दे दिया: स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जाति की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करने के साधन के रूप में इसका उपयोग करते हुए।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
"हे वक्रतुंड, महाकाय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी: हे प्रभु, मेरे सभी कार्यों के विघ्न सदा दूर करें।"
पारंपरिक गणेश श्लोक
परंपरा और विधि
🐘
प्राण प्रतिष्ठा
गणेश प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा मध्याह्न मुहूर्त (दोपहर) में की जाती है। पर्व के अंत में प्रतिमा को किसी जलाशय में विसर्जित किया जाता है।
🍬
मोदक: उनकी प्रिय मिठाई
भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक है: चावल के आटे से बना एक मीठा पकवान, जिसमें नारियल और गुड़ की भरावन होती है। परंपरागत रूप से 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं। भाप में पकाए (उकडीचे) या तले हुए, दोनों रूप प्रचलित हैं।
🌿
दूर्वा
दूर्वा (दूब घास) गणेशजी को विशेष रूप से प्रिय है। गाँठ में बाँधकर अर्पित की गई 21 पत्तियाँ सोने से भी अधिक प्रभावशाली मानी जाती हैं। गणेश पुराण की एक कथा बताती है कि किस प्रकार दूर्वा ने एक बार गणेशजी की अग्नि को शांत किया था।
🌙
चंद्रदर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने से झूठा आरोप लगने का भय रहता है (गणेशजी का उपहास करने पर उन्होंने चंद्रमा को यह शाप दिया था)। उपाय: भागवत की स्यमंतक मणि कथा का पाठ करें।
📖
अथर्वशीर्ष
गणपति अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) इस दिन पढ़ा जाने वाला प्रमुख ग्रंथ है: 108 बार पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसमें गणेशजी को परब्रह्म घोषित किया गया है।
🎉
दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव
लोकमान्य तिलक (1893) के प्रयासों से गणेश चतुर्थी एक दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव बन गया। विशाल सामुदायिक पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और शोभायात्राएँ अनंत चतुर्दशी के भव्य विसर्जन पर समाप्त होती हैं।
शास्त्री जी से पूछें
📅 गणेश चतुर्थी 1923 कब है? ⏰ गणेश चतुर्थी मुहूर्त 📖 सितम्बर 14, 1923 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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