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ॐ

गणेश चतुर्थी 1933: Sydney, New South Wales

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त

📍 Sydney, New South Wales, Australia
‹ 1933 ›
गणेश चतुर्थी · 1933
📍 Sydney, New South Wales, Australia
अगस्त 25, 1933
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त
Ganeshotsav, Day by Day · Sydney
🐘
Ganesh Utsava Day 1: Ganesh Chaturthi
🗓 अगस्त 25, 1933
🔔 गणेश चतुर्थी
🌙 तिथि
Chaturthi (ends अगस्त/25 02:19:29 PM)
🌅 सूर्योदय
06:24:28 AM
🌇 सूर्यास्त
05:30:42 PM
🕉 मध्याह्न काल (प्राण प्रतिष्ठा)
11:35:23 AM
ends 12:19:48 PM
✅ लाभ
07:47:45 AM
ends 09:11:02 AM
✅ अमृत
09:11:02 AM
ends 10:34:19 AM
✅ शुभ
11:57:35 AM
ends 01:20:52 PM
🌘 चतुर्थी शुरू
अगस्त 24
03:20:07 PM
🌅 सूर्योदय
अगस्त 25
06:24:28 AM
🕉 मध्याह्न काल शुरू
अगस्त 25
11:35:23 AM
🕉 मध्याह्न काल समाप्त
अगस्त 25
12:19:48 PM
🌒 चतुर्थी समाप्त
अगस्त 25
02:19:29 PM
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 25
05:30:42 PM
🌿
Ganesh Utsava Day 2
🗓 अगस्त 26, 1933
🔔 ऋषि पंचमी, मास स्कंद षष्ठी
🌙 तिथि
Panchami (ends अगस्त/26 12:57:06 PM)
🌅 सूर्योदय
06:23:14 AM
🌇 सूर्यास्त
05:31:24 PM
✅ शुभ
07:46:45 AM
ends 09:10:17 AM
✅ लाभ
01:20:50 PM
ends 02:44:21 PM
✅ अमृत
02:44:21 PM
ends 04:07:52 PM
🌸
Ganesh Utsava Day 3
🗓 अगस्त 27, 1933
🔔 श्री बलराम जयंती, विंछुड़ो शुरू अगस्त/28 12:18:39 AM
🌙 तिथि
Shashti (ends अगस्त/27 11:15:34 AM)
🌅 सूर्योदय
06:22:00 AM
🌇 सूर्यास्त
05:32:05 PM
✅ लाभ
09:09:31 AM
ends 10:33:17 AM
✅ अमृत
10:33:17 AM
ends 11:57:02 AM
✅ शुभ
01:20:48 PM
ends 02:44:34 PM
🌺
Ganesh Utsava Day 4
🗓 अगस्त 28, 1933
🔔 राधाष्टमी, श्री महालक्ष्मी व्रत आरंभ, ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - आवाहन, कांची महापेरियवा अनुषम, मास दुर्गाष्टमी
🌙 तिथि
Saptami (ends अगस्त/28 09:17:32 AM)
🌅 सूर्योदय
06:20:44 AM
🌇 सूर्यास्त
05:32:46 PM
✅ अमृत
06:20:44 AM
ends 07:44:44 AM
✅ शुभ
09:08:44 AM
ends 10:32:45 AM
✅ लाभ
02:44:46 PM
ends 04:08:46 PM
✅ अमृत
04:08:46 PM
ends 05:32:46 PM
🪔
Ganesh Utsava Day 5
🗓 अगस्त 29, 1933
🔔 ज्येष्ठा गौरी पूजा, विंछुड़ो समाप्त अगस्त/30 03:01:25 AM
🌙 तिथि
Ashtami (ends अगस्त/29 07:05:54 AM), Navami (ends अगस्त/30 04:43:54 AM)
🌅 सूर्योदय
06:19:28 AM
🌇 सूर्यास्त
05:33:27 PM
✅ लाभ
10:32:13 AM
ends 11:56:27 AM
✅ अमृत
11:56:27 AM
ends 01:20:42 PM
✅ शुभ
02:44:57 PM
ends 04:09:12 PM
🎉
Ganesh Utsava Day 6
🗓 अगस्त 30, 1933
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - विसर्जन
🌙 तिथि
Dashami (ends अगस्त/31 02:15:16 AM)
🌅 सूर्योदय
06:18:11 AM
🌇 सूर्यास्त
05:34:08 PM
✅ लाभ
06:18:11 AM
ends 07:42:41 AM
✅ अमृत
07:42:41 AM
ends 09:07:10 AM
✅ शुभ
10:31:40 AM
ends 11:56:10 AM
✅ लाभ
04:09:39 PM
ends 05:34:08 PM
🎊
Ganesh Utsava Day 7
🗓 अगस्त 31, 1933
🔔 परिवर्तिनी एकादशी
🌙 तिथि
Ekadasi (ends अगस्त/31 11:44:19 PM)
🌅 सूर्योदय
06:16:53 AM
🌇 सूर्यास्त
05:34:49 PM
✅ शुभ
06:16:53 AM
ends 07:41:38 AM
✅ लाभ
11:55:51 AM
ends 01:20:36 PM
✅ अमृत
01:20:36 PM
ends 02:45:20 PM
✅ शुभ
04:10:05 PM
ends 05:34:49 PM
🥁
Ganesh Utsava Day 8
🗓 सितम्बर 1, 1933
🔔 वामन जयंती
🌙 तिथि
Dvadasi (ends सितम्बर/1 09:15:59 PM)
🌅 सूर्योदय
06:15:35 AM
🌇 सूर्यास्त
05:35:30 PM
✅ लाभ
07:40:35 AM
ends 09:05:34 AM
✅ अमृत
09:05:34 AM
ends 10:30:33 AM
✅ शुभ
11:55:33 AM
ends 01:20:32 PM
🙏
Ganesh Utsava Day 9
🗓 सितम्बर 2, 1933
🔔 थिरु ओणम, 🔱 प्रदोष, शनि प्रदोष
🌙 तिथि
Trayodasi (ends सितम्बर/2 06:55:49 PM)
🌅 सूर्योदय
06:14:17 AM
🌇 सूर्यास्त
05:36:11 PM
✅ शुभ
07:39:31 AM
ends 09:04:45 AM
✅ लाभ
01:20:28 PM
ends 02:45:43 PM
✅ अमृत
02:45:43 PM
ends 04:10:57 PM
🌀
Ganesh Utsava Day 10: Anant Chaturdashi
🗓 सितम्बर 3, 1933
🔔 अनंत चतुर्दशी, आवणि चतुर्दशी, पंचक शुरू 07:39:26 AM, सत्यनारायण व्रत
🌙 तिथि
Chaturdashi (ends सितम्बर/3 04:49:50 PM)
🌅 सूर्योदय
06:12:58 AM
🌇 सूर्यास्त
05:36:52 PM
✅ लाभ
09:03:56 AM
ends 10:29:26 AM
✅ अमृत
10:29:26 AM
ends 11:54:55 AM
✅ शुभ
01:20:24 PM
ends 02:45:53 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 24
06:25:42 AM
🌘 तिथि शुरू
अगस्त 24
03:20:07 PM
🌅 सूर्योदय
अगस्त 25
06:24:28 AM
🌒 तिथि समाप्त
अगस्त 25
02:19:29 PM
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 25
05:30:42 PM
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 26
06:23:14 AM
इस दिन का पंचांग · Sydney
🌓 तिथि
चतुर्थी
⭐ नक्षत्र
हस्त
🔯 योग
शुभ
परिचय

गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी, गणेशोत्सव) भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है और शिव-पार्वती के गजमुख पुत्र, विघ्नहर्ता और नए कार्यों के स्वामी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है।

इस दिन की शुरुआत प्राण प्रतिष्ठा से होती है: मिट्टी की गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और अभिमंत्रण। स्थापना का सर्वोत्तम मुहूर्त मध्याह्न (दोपहर) काल में पड़ता है, जब गणेशजी की ऊर्जा सबसे अधिक प्रबल मानी जाती है। स्थापना के बाद प्रतिमा की पूजा मोदक (उनकी प्रिय मिठाई), दूर्वा, लाल पुष्पों, और नारियल से की जाती है। दिनभर अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) का पाठ किया जाता है।

गणेश चतुर्थी की सबसे विशिष्ट बातों में से एक इस रात चंद्रमा देखने की मनाही है। पौराणिक कथा के अनुसार चूहे की सवारी करने पर चंद्रमा ने गणेशजी का उपहास किया था, जिस पर गणेशजी ने उन्हें यह शाप दिया कि जो कोई इस रात चंद्रमा को देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा। यदि भूलवश दर्शन हो जाएँ, तो इसका उपाय है भागवत पुराण की स्यमंतक मणि की कथा सुनना या सुनाना।

यह पर्व 1893 में पुणे में एक विशाल सार्वजनिक उत्सव बन गया, जब बाल गंगाधर तिलक ने इसे एक पारिवारिक पूजा से बदलकर सामुदायिक समागम का रूप दे दिया: स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जाति की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करने के साधन के रूप में इसका उपयोग करते हुए।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
"हे वक्रतुंड, महाकाय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी: हे प्रभु, मेरे सभी कार्यों के विघ्न सदा दूर करें।"
पारंपरिक गणेश श्लोक
परंपरा और विधि
🐘
प्राण प्रतिष्ठा
गणेश प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा मध्याह्न मुहूर्त (दोपहर) में की जाती है। पर्व के अंत में प्रतिमा को किसी जलाशय में विसर्जित किया जाता है।
🍬
मोदक: उनकी प्रिय मिठाई
भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक है: चावल के आटे से बना एक मीठा पकवान, जिसमें नारियल और गुड़ की भरावन होती है। परंपरागत रूप से 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं। भाप में पकाए (उकडीचे) या तले हुए, दोनों रूप प्रचलित हैं।
🌿
दूर्वा
दूर्वा (दूब घास) गणेशजी को विशेष रूप से प्रिय है। गाँठ में बाँधकर अर्पित की गई 21 पत्तियाँ सोने से भी अधिक प्रभावशाली मानी जाती हैं। गणेश पुराण की एक कथा बताती है कि किस प्रकार दूर्वा ने एक बार गणेशजी की अग्नि को शांत किया था।
🌙
चंद्रदर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने से झूठा आरोप लगने का भय रहता है (गणेशजी का उपहास करने पर उन्होंने चंद्रमा को यह शाप दिया था)। उपाय: भागवत की स्यमंतक मणि कथा का पाठ करें।
📖
अथर्वशीर्ष
गणपति अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) इस दिन पढ़ा जाने वाला प्रमुख ग्रंथ है: 108 बार पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसमें गणेशजी को परब्रह्म घोषित किया गया है।
🎉
दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव
लोकमान्य तिलक (1893) के प्रयासों से गणेश चतुर्थी एक दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव बन गया। विशाल सामुदायिक पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और शोभायात्राएँ अनंत चतुर्दशी के भव्य विसर्जन पर समाप्त होती हैं।
शास्त्री जी से पूछें
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