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ॐ

गणेश चतुर्थी 1903: Abu Dhabi, Abu Dhabi

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त

📍 Abu Dhabi, Abu Dhabi, United Arab Emirates
‹ 1903 ›
गणेश चतुर्थी · 1903
📍 Abu Dhabi, Abu Dhabi, United Arab Emirates
अगस्त 26, 1903
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त
Ganeshotsav, Day by Day · Abu Dhabi
🐘
Ganesh Utsava Day 1: Ganesh Chaturthi
🗓 August 26, 1903
🔔 गणेश चतुर्थी, ऋषि पंचमी
🌙 Tithi
Chaturthi (ends अगस्त/26 12:41:47 PM)
🌅 Sunrise
05:43:17 AM
🌇 Sunset
06:28:37 PM
🕉 Madhyahna Kala (Prana Pratishtha)
11:40:26 AM
ends 12:31:27 PM
✅ Labh
05:43:17 AM
ends 07:18:57 AM
✅ Amrit
07:18:57 AM
ends 08:54:37 AM
✅ Shubh
10:30:17 AM
ends 12:05:57 PM
✅ Labh
04:52:57 PM
ends 06:28:37 PM
🌘 Chaturthi Begins
Aug 25
02:32:42 PM
🌅 Sunrise
Aug 26
05:43:17 AM
🕉 Madhyahna Kala Begins
Aug 26
11:40:26 AM
🕉 Madhyahna Kala Ends
Aug 26
12:31:27 PM
🌒 Chaturthi Ends
Aug 26
12:41:47 PM
🌇 Sunset
Aug 26
06:28:37 PM
🌿
Ganesh Utsava Day 2
🗓 August 27, 1903
🔔 ऋषि पंचमी, मास स्कंद षष्ठी
🌙 Tithi
Panchami (ends अगस्त/27 11:35:53 AM)
🌅 Sunrise
05:43:40 AM
🌇 Sunset
06:27:41 PM
✅ Shubh
05:43:40 AM
ends 07:19:10 AM
✅ Labh
12:05:40 PM
ends 01:41:10 PM
✅ Amrit
01:41:10 PM
ends 03:16:40 PM
✅ Shubh
04:52:10 PM
ends 06:27:41 PM
🌸
Ganesh Utsava Day 3
🗓 August 28, 1903
🔔 श्री बलराम जयंती, विंछुड़ो शुरू 11:48:55 PM
🌙 Tithi
Shashti (ends अगस्त/28 11:17:23 AM)
🌅 Sunrise
05:44:03 AM
🌇 Sunset
06:26:44 PM
✅ Labh
07:19:23 AM
ends 08:54:43 AM
✅ Amrit
08:54:43 AM
ends 10:30:03 AM
✅ Shubh
12:05:23 PM
ends 01:40:43 PM
🌺
Ganesh Utsava Day 4
🗓 August 29, 1903
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - आवाहन, कांची महापेरियवा अनुषम
🌙 Tithi
Saptami (ends अगस्त/29 11:45:19 AM)
🌅 Sunrise
05:44:25 AM
🌇 Sunset
06:25:47 PM
✅ Shubh
07:19:35 AM
ends 08:54:46 AM
✅ Labh
01:40:16 PM
ends 03:15:26 PM
✅ Amrit
03:15:26 PM
ends 04:50:36 PM
🪔
Ganesh Utsava Day 5
🗓 August 30, 1903
🔔 राधाष्टमी, श्री महालक्ष्मी व्रत आरंभ, ज्येष्ठा गौरी पूजा, मास दुर्गाष्टमी
🌙 Tithi
Ashtami (ends अगस्त/30 12:55:09 PM)
🌅 Sunrise
05:44:48 AM
🌇 Sunset
06:24:49 PM
✅ Labh
08:54:48 AM
ends 10:29:48 AM
✅ Amrit
10:29:48 AM
ends 12:04:48 PM
✅ Shubh
01:39:48 PM
ends 03:14:49 PM
🎉
Ganesh Utsava Day 6
🗓 August 31, 1903
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - विसर्जन, विंछुड़ो समाप्त 09:59:53 AM
🌙 Tithi
Navami (ends अगस्त/31 02:39:12 PM)
🌅 Sunrise
05:45:10 AM
🌇 Sunset
06:23:51 PM
✅ Amrit
05:45:10 AM
ends 07:20:00 AM
✅ Shubh
08:54:50 AM
ends 10:29:40 AM
✅ Labh
03:14:10 PM
ends 04:49:00 PM
✅ Amrit
04:49:00 PM
ends 06:23:51 PM
🎊
Ganesh Utsava Day 7
🗓 September 1, 1903
🌙 Tithi
Dashami (ends सितम्बर/1 04:47:40 PM)
🌅 Sunrise
05:45:32 AM
🌇 Sunset
06:22:52 PM
✅ Labh
10:29:32 AM
ends 12:04:12 PM
✅ Amrit
12:04:12 PM
ends 01:38:52 PM
✅ Shubh
03:13:32 PM
ends 04:48:12 PM
🥁
Ganesh Utsava Day 8
🗓 September 2, 1903
🔔 परिवर्तिनी एकादशी
🌙 Tithi
Ekadasi (ends सितम्बर/2 07:09:59 PM)
🌅 Sunrise
05:45:54 AM
🌇 Sunset
06:21:52 PM
✅ Labh
05:45:54 AM
ends 07:20:24 AM
✅ Amrit
07:20:24 AM
ends 08:54:54 AM
✅ Shubh
10:29:23 AM
ends 12:03:53 PM
✅ Labh
04:47:23 PM
ends 06:21:52 PM
🙏
Ganesh Utsava Day 9
🗓 September 3, 1903
🔔 वामन जयंती, श्रवण द्वादशी
🌙 Tithi
Dvadasi (ends सितम्बर/3 09:36:06 PM)
🌅 Sunrise
05:46:16 AM
🌇 Sunset
06:20:53 PM
✅ Shubh
05:46:16 AM
ends 07:20:36 AM
✅ Labh
12:03:34 PM
ends 01:37:54 PM
✅ Amrit
01:37:54 PM
ends 03:12:13 PM
✅ Shubh
04:46:33 PM
ends 06:20:53 PM
🌀
Ganesh Utsava Day 10
🗓 September 4, 1903
🔔 थिरु ओणम, 🔱 प्रदोष
🌙 Tithi
Trayodasi (ends सितम्बर/4 11:57:29 PM)
🌅 Sunrise
05:46:38 AM
🌇 Sunset
06:19:52 PM
✅ Labh
07:20:47 AM
ends 08:54:56 AM
✅ Amrit
08:54:56 AM
ends 10:29:06 AM
✅ Shubh
12:03:15 PM
ends 01:37:24 PM
✨
Ganesh Utsava Day 11: Anant Chaturdashi
🗓 September 5, 1903
🔔 अनंत चतुर्दशी, आवणि चतुर्दशी, पंचक शुरू 10:49:31 AM
🌙 Tithi
Chaturdashi (ends सितम्बर/6 02:07:26 AM)
🌅 Sunrise
05:46:59 AM
🌇 Sunset
06:18:52 PM
✅ Shubh
07:20:58 AM
ends 08:54:57 AM
✅ Labh
01:36:55 PM
ends 03:10:54 PM
✅ Amrit
03:10:54 PM
ends 04:44:53 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
Aug 25
05:42:54 AM
🌘 तिथि शुरू
Aug 25
02:32:42 PM
🌅 सूर्योदय
Aug 26
05:43:17 AM
🌒 तिथि समाप्त
Aug 26
12:41:47 PM
🌇 सूर्यास्त
Aug 26
06:28:37 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Aug 27
05:43:40 AM
इस दिन का पंचांग · Abu Dhabi
🌓 तिथि
चतुर्थी
⭐ नक्षत्र
चित्रा
🔯 योग
शुभ
परिचय

गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी, गणेशोत्सव) भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है और शिव-पार्वती के गजमुख पुत्र, विघ्नहर्ता और नए कार्यों के स्वामी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है।

इस दिन की शुरुआत प्राण प्रतिष्ठा से होती है: मिट्टी की गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और अभिमंत्रण। स्थापना का सर्वोत्तम मुहूर्त मध्याह्न (दोपहर) काल में पड़ता है, जब गणेशजी की ऊर्जा सबसे अधिक प्रबल मानी जाती है। स्थापना के बाद प्रतिमा की पूजा मोदक (उनकी प्रिय मिठाई), दूर्वा, लाल पुष्पों, और नारियल से की जाती है। दिनभर अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) का पाठ किया जाता है।

गणेश चतुर्थी की सबसे विशिष्ट बातों में से एक इस रात चंद्रमा देखने की मनाही है। पौराणिक कथा के अनुसार चूहे की सवारी करने पर चंद्रमा ने गणेशजी का उपहास किया था, जिस पर गणेशजी ने उन्हें यह शाप दिया कि जो कोई इस रात चंद्रमा को देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा। यदि भूलवश दर्शन हो जाएँ, तो इसका उपाय है भागवत पुराण की स्यमंतक मणि की कथा सुनना या सुनाना।

यह पर्व 1893 में पुणे में एक विशाल सार्वजनिक उत्सव बन गया, जब बाल गंगाधर तिलक ने इसे एक पारिवारिक पूजा से बदलकर सामुदायिक समागम का रूप दे दिया: स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जाति की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करने के साधन के रूप में इसका उपयोग करते हुए।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
"हे वक्रतुंड, महाकाय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी: हे प्रभु, मेरे सभी कार्यों के विघ्न सदा दूर करें।"
पारंपरिक गणेश श्लोक
परंपरा और विधि
🐘
प्राण प्रतिष्ठा
गणेश प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा मध्याह्न मुहूर्त (दोपहर) में की जाती है। पर्व के अंत में प्रतिमा को किसी जलाशय में विसर्जित किया जाता है।
🍬
मोदक: उनकी प्रिय मिठाई
भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक है: चावल के आटे से बना एक मीठा पकवान, जिसमें नारियल और गुड़ की भरावन होती है। परंपरागत रूप से 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं। भाप में पकाए (उकडीचे) या तले हुए, दोनों रूप प्रचलित हैं।
🌿
दूर्वा
दूर्वा (दूब घास) गणेशजी को विशेष रूप से प्रिय है। गाँठ में बाँधकर अर्पित की गई 21 पत्तियाँ सोने से भी अधिक प्रभावशाली मानी जाती हैं। गणेश पुराण की एक कथा बताती है कि किस प्रकार दूर्वा ने एक बार गणेशजी की अग्नि को शांत किया था।
🌙
चंद्रदर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने से झूठा आरोप लगने का भय रहता है (गणेशजी का उपहास करने पर उन्होंने चंद्रमा को यह शाप दिया था)। उपाय: भागवत की स्यमंतक मणि कथा का पाठ करें।
📖
अथर्वशीर्ष
गणपति अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) इस दिन पढ़ा जाने वाला प्रमुख ग्रंथ है: 108 बार पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसमें गणेशजी को परब्रह्म घोषित किया गया है।
🎉
दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव
लोकमान्य तिलक (1893) के प्रयासों से गणेश चतुर्थी एक दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव बन गया। विशाल सामुदायिक पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और शोभायात्राएँ अनंत चतुर्दशी के भव्य विसर्जन पर समाप्त होती हैं।
शास्त्री जी से पूछें
📅 गणेश चतुर्थी 1903 कब है? ⏰ गणेश चतुर्थी मुहूर्त 📖 अगस्त 26, 1903 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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