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ॐ

गणेश चतुर्थी 2019

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त

📍 बेंगलुरु, भारत
गणेश चतुर्थी · 2019
📍 बेंगलुरु, भारत
सितम्बर 2, 2019
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी: गणेश स्थापना मुहूर्त
गणेशोत्सव, दिन प्रतिदिन · बेंगलुरु
🐘
गणेश उत्सव दिवस 1: गणेश चतुर्थी
🗓 सितम्बर 2, 2019
🔔 गणेश चतुर्थी
🌙 तिथि
चतुर्थी (समाप्त सितम्बर/3 01:53:49 AM)
🌅 सूर्योदय
06:09:39 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:29:34 अपराह्न
🕉 मध्याह्न काल (प्राण प्रतिष्ठा)
11:54:56 पूर्वाह्न
समाप्त 12:44:16 PM
✅ अमृत
06:09:39 पूर्वाह्न
समाप्त 07:42:08 AM
✅ शुभ
09:14:37 पूर्वाह्न
समाप्त 10:47:07 AM
✅ लाभ
03:24:35 अपराह्न
समाप्त 04:57:04 PM
✅ अमृत
04:57:04 अपराह्न
समाप्त 06:29:34 PM
🌘 चतुर्थी शुरू
सितम्बर 2
04:56:30 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 2
06:09:39 पूर्वाह्न
🕉 मध्याह्न काल शुरू
सितम्बर 2
11:54:56 पूर्वाह्न
🕉 मध्याह्न काल समाप्त
सितम्बर 2
12:44:16 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 2
06:29:34 अपराह्न
🌒 चतुर्थी समाप्त
सितम्बर 3
01:53:49 पूर्वाह्न
🌿
गणेश उत्सव दिवस 2
🗓 सितम्बर 3, 2019
🔔 ऋषि पंचमी
🌙 तिथि
पंचमी (समाप्त सितम्बर/3 11:27:31 PM)
🌅 सूर्योदय
06:09:40 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:28:54 अपराह्न
✅ लाभ
10:46:53 पूर्वाह्न
समाप्त 12:19:17 PM
✅ अमृत
12:19:17 अपराह्न
समाप्त 01:51:41 PM
✅ शुभ
03:24:05 अपराह्न
समाप्त 04:56:29 PM
🌸
गणेश उत्सव दिवस 3
🗓 सितम्बर 4, 2019
🔔 श्री बलराम जयंती, विंछुड़ो शुरू 10:14:41 PM, मास स्कंद षष्ठी
🌙 तिथि
षष्ठी (समाप्त सितम्बर/4 09:44:40 PM)
🌅 सूर्योदय
06:09:41 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:28:13 अपराह्न
✅ लाभ
06:09:41 पूर्वाह्न
समाप्त 07:42:00 AM
✅ अमृत
07:42:00 पूर्वाह्न
समाप्त 09:14:19 AM
✅ शुभ
10:46:38 पूर्वाह्न
समाप्त 12:18:57 PM
✅ लाभ
04:55:54 अपराह्न
समाप्त 06:28:13 PM
🌺
गणेश उत्सव दिवस 4
🗓 सितम्बर 5, 2019
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - आवाहन
🌙 तिथि
सप्तमी (समाप्त सितम्बर/5 08:49:33 PM)
🌅 सूर्योदय
06:09:42 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:27:32 अपराह्न
✅ शुभ
06:09:42 पूर्वाह्न
समाप्त 07:41:56 AM
✅ लाभ
12:18:37 अपराह्न
समाप्त 01:50:51 PM
✅ अमृत
01:50:51 अपराह्न
समाप्त 03:23:05 PM
✅ शुभ
04:55:19 अपराह्न
समाप्त 06:27:32 PM
🪔
गणेश उत्सव दिवस 5
🗓 सितम्बर 6, 2019
🔔 राधाष्टमी, श्री महालक्ष्मी व्रत आरंभ, ज्येष्ठा गौरी पूजा, शुक्र अस्त समाप्त, विंछुड़ो समाप्त सितम्बर/7 04:57:54 AM, मास दुर्गाष्टमी
🌙 तिथि
अष्टमी (समाप्त सितम्बर/6 08:43:01 PM)
🌅 सूर्योदय
06:09:43 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:26:51 अपराह्न
✅ लाभ
07:41:51 पूर्वाह्न
समाप्त 09:14:00 AM
✅ अमृत
09:14:00 पूर्वाह्न
समाप्त 10:46:09 AM
✅ शुभ
12:18:17 अपराह्न
समाप्त 01:50:26 PM
🎉
गणेश उत्सव दिवस 6
🗓 सितम्बर 7, 2019
🔔 ज्येष्ठा लक्ष्मी व्रत - विसर्जन
🌙 तिथि
नवमी (समाप्त सितम्बर/7 09:22:15 PM)
🌅 सूर्योदय
06:09:44 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:26:10 अपराह्न
✅ शुभ
07:41:47 पूर्वाह्न
समाप्त 09:13:50 AM
✅ लाभ
01:50:00 अपराह्न
समाप्त 03:22:03 PM
✅ अमृत
03:22:03 अपराह्न
समाप्त 04:54:07 PM
🎊
गणेश उत्सव दिवस 7
🗓 सितम्बर 8, 2019
🌙 तिथि
दशमी (समाप्त सितम्बर/8 10:41:06 PM)
🌅 सूर्योदय
06:09:44 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:25:28 अपराह्न
✅ लाभ
09:13:40 पूर्वाह्न
समाप्त 10:45:38 AM
✅ अमृत
10:45:38 पूर्वाह्न
समाप्त 12:17:36 PM
✅ शुभ
01:49:34 अपराह्न
समाप्त 03:21:32 PM
🥁
गणेश उत्सव दिवस 8
🗓 सितम्बर 9, 2019
🔔 परिवर्तिनी एकादशी
🌙 तिथि
एकादशी (समाप्त सितम्बर/10 12:31:02 AM)
🌅 सूर्योदय
06:09:44 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:24:47 अपराह्न
✅ अमृत
06:09:44 पूर्वाह्न
समाप्त 07:41:37 AM
✅ शुभ
09:13:30 पूर्वाह्न
समाप्त 10:45:23 AM
✅ लाभ
03:21:01 अपराह्न
समाप्त 04:52:54 PM
✅ अमृत
04:52:54 अपराह्न
समाप्त 06:24:47 PM
🙏
गणेश उत्सव दिवस 9
🗓 सितम्बर 10, 2019
🔔 वामन जयंती, श्रवण द्वादशी
🌙 तिथि
द्वादशी (समाप्त सितम्बर/11 02:42:33 AM)
🌅 सूर्योदय
06:09:45 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:24:05 अपराह्न
✅ लाभ
10:45:07 पूर्वाह्न
समाप्त 12:16:55 PM
✅ अमृत
12:16:55 अपराह्न
समाप्त 01:48:42 PM
✅ शुभ
03:20:30 अपराह्न
समाप्त 04:52:17 PM
🌀
गणेश उत्सव दिवस 10
🗓 सितम्बर 11, 2019
🔔 ऋक् उपाकर्म (प्रथम बार), थिरु ओणम, पंचक शुरू सितम्बर/12 03:28:36 AM, 🔱 प्रदोष
🌙 तिथि
त्रयोदशी (समाप्त सितम्बर/12 05:06:32 AM)
🌅 सूर्योदय
06:09:45 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:23:22 अपराह्न
✅ लाभ
06:09:45 पूर्वाह्न
समाप्त 07:41:27 AM
✅ अमृत
07:41:27 पूर्वाह्न
समाप्त 09:13:09 AM
✅ शुभ
10:44:51 पूर्वाह्न
समाप्त 12:16:34 PM
✅ लाभ
04:51:40 अपराह्न
समाप्त 06:23:22 PM
✨
गणेश उत्सव दिवस 11: अनन्त चतुर्दशी
🗓 सितम्बर 12, 2019
🔔 अनंत चतुर्दशी, आवणि चतुर्दशी
🌙 तिथि
Chaturdashi (समाप्त सितम्बर/13 07:35:16 AM)
🌅 सूर्योदय
06:09:45 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:22:40 अपराह्न
✅ शुभ
06:09:45 पूर्वाह्न
समाप्त 07:41:22 AM
✅ लाभ
12:16:12 अपराह्न
समाप्त 01:47:49 PM
✅ अमृत
01:47:49 अपराह्न
समाप्त 03:19:26 PM
✅ शुभ
04:51:03 अपराह्न
समाप्त 06:22:40 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 1
06:09:37 पूर्वाह्न
🌘 तिथि शुरू
सितम्बर 2
04:56:30 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 2
06:09:39 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 2
06:29:34 अपराह्न
🌒 तिथि समाप्त
सितम्बर 3
01:53:49 पूर्वाह्न
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 3
06:09:40 पूर्वाह्न
परिचय

गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी, गणेशोत्सव) भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है और शिव-पार्वती के गजमुख पुत्र, विघ्नहर्ता और नए कार्यों के स्वामी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है।

इस दिन की शुरुआत प्राण प्रतिष्ठा से होती है: मिट्टी की गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और अभिमंत्रण। स्थापना का सर्वोत्तम मुहूर्त मध्याह्न (दोपहर) काल में पड़ता है, जब गणेशजी की ऊर्जा सबसे अधिक प्रबल मानी जाती है। स्थापना के बाद प्रतिमा की पूजा मोदक (उनकी प्रिय मिठाई), दूर्वा, लाल पुष्पों, और नारियल से की जाती है। दिनभर अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) का पाठ किया जाता है।

गणेश चतुर्थी की सबसे विशिष्ट बातों में से एक इस रात चंद्रमा देखने की मनाही है। पौराणिक कथा के अनुसार चूहे की सवारी करने पर चंद्रमा ने गणेशजी का उपहास किया था, जिस पर गणेशजी ने उन्हें यह शाप दिया कि जो कोई इस रात चंद्रमा को देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा। यदि भूलवश दर्शन हो जाएँ, तो इसका उपाय है भागवत पुराण की स्यमंतक मणि की कथा सुनना या सुनाना।

यह पर्व 1893 में पुणे में एक विशाल सार्वजनिक उत्सव बन गया, जब बाल गंगाधर तिलक ने इसे एक पारिवारिक पूजा से बदलकर सामुदायिक समागम का रूप दे दिया: स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जाति की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करने के साधन के रूप में इसका उपयोग करते हुए।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
"हे वक्रतुंड, महाकाय, करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी: हे प्रभु, मेरे सभी कार्यों के विघ्न सदा दूर करें।"
पारंपरिक गणेश श्लोक
परंपरा और विधि
🐘
प्राण प्रतिष्ठा
गणेश प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा मध्याह्न मुहूर्त (दोपहर) में की जाती है। पर्व के अंत में प्रतिमा को किसी जलाशय में विसर्जित किया जाता है।
🍬
मोदक: उनकी प्रिय मिठाई
भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक है: चावल के आटे से बना एक मीठा पकवान, जिसमें नारियल और गुड़ की भरावन होती है। परंपरागत रूप से 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं। भाप में पकाए (उकडीचे) या तले हुए, दोनों रूप प्रचलित हैं।
🌿
दूर्वा
दूर्वा (दूब घास) गणेशजी को विशेष रूप से प्रिय है। गाँठ में बाँधकर अर्पित की गई 21 पत्तियाँ सोने से भी अधिक प्रभावशाली मानी जाती हैं। गणेश पुराण की एक कथा बताती है कि किस प्रकार दूर्वा ने एक बार गणेशजी की अग्नि को शांत किया था।
🌙
चंद्रदर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने से झूठा आरोप लगने का भय रहता है (गणेशजी का उपहास करने पर उन्होंने चंद्रमा को यह शाप दिया था)। उपाय: भागवत की स्यमंतक मणि कथा का पाठ करें।
📖
अथर्वशीर्ष
गणपति अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) इस दिन पढ़ा जाने वाला प्रमुख ग्रंथ है: 108 बार पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसमें गणेशजी को परब्रह्म घोषित किया गया है।
🎉
दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव
लोकमान्य तिलक (1893) के प्रयासों से गणेश चतुर्थी एक दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव बन गया। विशाल सामुदायिक पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और शोभायात्राएँ अनंत चतुर्दशी के भव्य विसर्जन पर समाप्त होती हैं।
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