🔔 ऋक् उपाकर्म, वामन जयंती, श्रवण द्वादशी, कन्या श्रवणम्
🌙 तिथि
Dvadasi (ends Sep/22 01:36:56 AM)
🌅 सूर्योदय
07:28:47 AM
🌇 सूर्यास्त
07:37:16 PM
✅ अमृत
07:28:47 AM
ends 08:59:51 AM
✅ शुभ
10:30:54 AM
ends 12:01:58 PM
✅ लाभ
04:35:09 PM
ends 06:06:13 PM
✅ अमृत
06:06:13 PM
ends 07:37:16 PM
🙏
Ganesh Utsava Day 9
🗓 September 22, 1942
🔔 🔱 प्रदोष, भौम प्रदोष
🌙 तिथि
Trayodasi (ends Sep/22 11:47:08 PM)
🌅 सूर्योदय
07:29:06 AM
🌇 सूर्यास्त
07:36:15 PM
✅ लाभ
12:01:47 PM
ends 01:32:40 PM
✅ अमृत
01:32:40 PM
ends 03:03:34 PM
✅ शुभ
04:34:28 PM
ends 06:05:22 PM
🌀
Ganesh Utsava Day 10: Anant Chaturdashi
🗓 September 23, 1942
🔔 पुरट्टासि चतुर्दशी
🌙 तिथि
Chaturdashi (ends Sep/23 10:14:28 PM)
🌅 सूर्योदय
07:29:24 AM
🌇 सूर्यास्त
07:35:15 PM
✅ लाभ
07:29:24 AM
ends 09:00:08 AM
✅ अमृत
09:00:08 AM
ends 10:30:52 AM
✅ शुभ
12:01:36 PM
ends 01:32:19 PM
✅ लाभ
06:04:31 PM
ends 07:35:15 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 13
07:26:21 AM
🌘 तिथि शुरू
Sep 13
08:02:23 PM
🌅 सूर्योदय
Sep 14
07:26:39 AM
🌒 तिथि समाप्त
Sep 14
06:29:50 PM
🌇 सूर्यास्त
Sep 14
07:44:22 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 15
07:26:57 AM
इस दिन का पंचांग · Ahmadabad
🌓 तिथि
चतुर्थी
⭐ नक्षत्र
स्वाती
🔯 योग
ऐन्द्र
About
गणेश चतुर्थी
गणेश चतुर्थी (विनायक चतुर्थी, गणेशोत्सव) भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को पड़ती है और शिव-पार्वती के गजमुख पुत्र, विघ्नहर्ता और नए कार्यों के स्वामी भगवान गणेश के जन्मदिवस के रूप में मनाई जाती है।
इस दिन की शुरुआत प्राण प्रतिष्ठा से होती है: मिट्टी की गणेश प्रतिमा की विधिवत स्थापना और अभिमंत्रण। स्थापना का सर्वोत्तम मुहूर्त मध्याह्न (दोपहर) काल में पड़ता है, जब गणेशजी की ऊर्जा सबसे अधिक प्रबल मानी जाती है। स्थापना के बाद प्रतिमा की पूजा मोदक (उनकी प्रिय मिठाई), दूर्वा, लाल पुष्पों, और नारियल से की जाती है। दिनभर अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) का पाठ किया जाता है।
गणेश चतुर्थी की सबसे विशिष्ट बातों में से एक इस रात चंद्रमा देखने की मनाही है। पौराणिक कथा के अनुसार चूहे की सवारी करने पर चंद्रमा ने गणेशजी का उपहास किया था, जिस पर गणेशजी ने उन्हें यह शाप दिया कि जो कोई इस रात चंद्रमा को देखेगा, उस पर झूठा आरोप लगेगा। यदि भूलवश दर्शन हो जाएँ, तो इसका उपाय है भागवत पुराण की स्यमंतक मणि की कथा सुनना या सुनाना।
यह पर्व 1893 में पुणे में एक विशाल सार्वजनिक उत्सव बन गया, जब बाल गंगाधर तिलक ने इसे एक पारिवारिक पूजा से बदलकर सामुदायिक समागम का रूप दे दिया: स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जाति की सीमाओं से परे लोगों को एकजुट करने के साधन के रूप में इसका उपयोग करते हुए।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
Vakratunda mahakaya suryakoti samaprabha, nirvighnam kuru me deva sarvakaryeshu sarvada.
"O large-bodied one with a curved trunk, as radiant as a million suns: O Lord, always remove obstacles from all my undertakings."
Traditional Ganesha shloka
Tradition & Practice
🐘
प्राण प्रतिष्ठा
गणेश प्रतिमा की विधिवत प्राण प्रतिष्ठा मध्याह्न मुहूर्त (दोपहर) में की जाती है। पर्व के अंत में प्रतिमा को किसी जलाशय में विसर्जित किया जाता है।
🍬
मोदक: उनकी प्रिय मिठाई
भगवान गणेश का सबसे प्रिय भोग मोदक है: चावल के आटे से बना एक मीठा पकवान, जिसमें नारियल और गुड़ की भरावन होती है। परंपरागत रूप से 21 मोदक अर्पित किए जाते हैं। भाप में पकाए (उकडीचे) या तले हुए, दोनों रूप प्रचलित हैं।
🌿
दूर्वा
दूर्वा (दूब घास) गणेशजी को विशेष रूप से प्रिय है। गाँठ में बाँधकर अर्पित की गई 21 पत्तियाँ सोने से भी अधिक प्रभावशाली मानी जाती हैं। गणेश पुराण की एक कथा बताती है कि किस प्रकार दूर्वा ने एक बार गणेशजी की अग्नि को शांत किया था।
🌙
चंद्रदर्शन से बचें
गणेश चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने से झूठा आरोप लगने का भय रहता है (गणेशजी का उपहास करने पर उन्होंने चंद्रमा को यह शाप दिया था)। उपाय: भागवत की स्यमंतक मणि कथा का पाठ करें।
📖
अथर्वशीर्ष
गणपति अथर्वशीर्ष (गणपति उपनिषद) इस दिन पढ़ा जाने वाला प्रमुख ग्रंथ है: 108 बार पाठ करना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इसमें गणेशजी को परब्रह्म घोषित किया गया है।
🎉
दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव
लोकमान्य तिलक (1893) के प्रयासों से गणेश चतुर्थी एक दस दिवसीय सार्वजनिक उत्सव बन गया। विशाल सामुदायिक पंडाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और शोभायात्राएँ अनंत चतुर्दशी के भव्य विसर्जन पर समाप्त होती हैं।