बृहस्पति का गुरुवार व्रत: अनुराधा वाले गुरुवार से आरंभ, सात नक्त
गुरुवार व्रत, यानी बृहस्पतिवार व्रत, देवगुरु बृहस्पति का गुरुवार का व्रत है, जो गुरु के अशुभ स्थान में होने पर उनके अशुभ फल दूर करने के लिए किया जाता है। व्रतराज में इसके संपादक ने इसे जयसिंह कल्पद्रुम से जोड़ा है: यह अनुराधा नक्षत्र वाले गुरुवार से आरंभ होकर सात नक्त तक रखा जाता है।
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