होळीच्या आठ दिवस आधी: शुभ कार्ये थांबवली जातात तेव्हा
होळाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमीपासून (फाल्गुन महिन्याच्या शुक्ल पक्षातील आठव्या दिवसापासून) सुरू होते आणि फाल्गुन पौर्णिमेला (पौर्णिमा, म्हणजेच होळी दहनाच्या रात्री) संपते. हे आठ दिवस (अष्टमी ते पौर्णिमा) उत्तर भारतीय परंपरेनुसार नवीन कार्ये आणि शुभ समारंभांसाठी अशुभ मानले जातात.
होळाष्टकामागील कथा प्रल्हाद आणि हिरण्यकशिपू यांच्या आख्यायिकेत रुजलेली आहे. आपला पुत्र प्रल्हाद स्वतःची पूजा न करता विष्णूभक्तीत रममाण राहतो, या रागाने संतप्त झालेल्या दानवराज हिरण्यकशिपूने प्रल्हादाचा वध करण्यासाठी आठ दिवस सलग आठ वेगवेगळ्या यातना योजल्या. प्रत्येक दिवशी बालकावर वेगवेगळ्या ग्रहशक्तीचे आवाहन केले गेले: चंद्र (मानसिक यातनेसाठी), सूर्य (जाळण्यासाठी), शनि (चिरडण्यासाठी), शुक्र (बुडवण्यासाठी), गुरु (फसवणुकीसाठी), मंगळ (अग्नीसाठी), बुध (विषासाठी) आणि राहू (गूढ भयासाठी). तरीही विष्णूकृपेने प्रल्हाद प्रत्येक संकटातून सुखरूप बाहेर पडला. दानवी क्रौर्याच्या या आठ दिवसांचेच स्मरण होळाष्टक म्हणून केले जाते.
शेवटच्या दिवशी (पौर्णिमेला) हिरण्यकशिपूची बहीण होलिका, जिला दैवी वराने अग्नीपासून अभय मिळाले होते, ती प्रल्हादाला घेऊन चितेत बसली. परंतु त्या वराचा दुरुपयोग करू नये अशी अट होती; त्यामुळे होलिका जळून भस्म झाली आणि प्रल्हाद मात्र सुखरूप राहिला. त्या रात्री होलिकेचे दहन म्हणजेच होळी दहन, आणि दुसऱ्या दिवशी सकाळी होळी साजरी केली जाते.
होळाष्टकाच्या काळात उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा आणि पंजाबमधील कुटुंबे विवाह, मालमत्ता खरेदी, नवीन व्यवसाय सुरू करणे किंवा महत्त्वाचे संकल्प टाळतात. मात्र मथुरा आणि वृंदावनात जाणाऱ्या यात्रेकरूंना असे दिसते की ब्रज प्रदेशात हे आठही दिवस मोठ्या उत्साहाने साजरे केले जातात: कारण हा कृष्णाचाच होळी उत्सवाचा काळ आहे.
| Chogadia | From | To |
|---|---|---|
| Chal | Mar/8/2082 07:59:23 AM | Mar/8/2082 09:28:33 AM |
| Labh | Mar/8/2082 09:28:33 AM | Mar/8/2082 10:57:44 AM |
| Amrit | Mar/8/2082 10:57:44 AM | Mar/8/2082 12:26:55 PM |
| Shubh | Mar/8/2082 01:56:05 PM | Mar/8/2082 03:25:16 PM |
| Shubh | Mar/8/2082 06:23:37 PM | Mar/8/2082 07:54:21 PM |
| Amrit | Mar/8/2082 07:54:21 PM | Mar/8/2082 09:25:05 PM |
| Chal | Mar/8/2082 09:25:05 PM | Mar/8/2082 10:55:49 PM |
| Labh | Mar/9/2082 01:57:16 AM | Mar/9/2082 03:28:00 AM |
| Shubh | Mar/9/2082 04:58:44 AM | Mar/9/2082 06:29:28 AM |
| Uthi | Mar/8/2082 06:30:12 AM – Mar/8/2082 07:59:23 AM | |
| Amridha | Mar/8/2082 07:59:23 AM – Mar/8/2082 09:28:33 AM | |
| Labham | Mar/8/2082 10:57:44 AM – Mar/8/2082 12:26:55 PM | |
| Sugam | Mar/8/2082 01:56:05 PM – Mar/8/2082 03:25:16 PM |
| Dhanam | Mar/8/2082 06:23:37 PM – Mar/8/2082 07:54:21 PM | |
| Sugam | Mar/8/2082 07:54:21 PM – Mar/8/2082 09:25:05 PM | |
| Uthi | Mar/9/2082 00:26:33 AM – Mar/9/2082 01:57:16 AM | |
| Amridha | Mar/9/2082 01:57:16 AM – Mar/9/2082 03:28:00 AM | |
| Labham | Mar/9/2082 04:58:44 AM – Mar/9/2082 06:29:28 AM |
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