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काल भैरव जयंती (भैरव अष्टमी) 1964

Margashirsha Krishna Ashtami: the appearance of Lord Kalabhairava

📍 Bangalore, India
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काल भैरव जयंती (भैरव अष्टमी) · 1964
📍 Bangalore, India
नवम्बर 26, 1964
Margashirsha Krishna Ashtami: the appearance of Lord Kalabhairava
समय · Bangalore
सूर्योदय
06:24:38 AM
सूर्यास्त
05:49:34 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
नवम्बर 25
06:24:07 AM
🔱 अष्टमी शुरू
नवम्बर 26
01:20:16 AM
🌅 सूर्योदय
नवम्बर 26
06:24:38 AM
🌇 सूर्यास्त
नवम्बर 26
05:49:34 PM
🔱 अष्टमी समाप्त
नवम्बर 27
12:09:19 AM
🌅 अगला सूर्योदय
नवम्बर 27
06:25:09 AM
परिचय

काल भैरव जयंती (भैरव अष्टमी)

काल भैरव जयंती, जिसे भैरव अष्टमी भी कहते हैं, भगवान काल भैरव के प्राकट्य का दिन है, जो शिव का उग्र रूप हैं, काल के स्वामी हैं और काशी के रक्षक (कोतवाल) हैं।

भक्त उपवास और जागरण करते हैं और प्रायः रात्रि में काल भैरव की पूजा करते हैं, सरसों के तेल के दीप, काले तिल और पुष्प अर्पित करते हैं। उनके वाहन कुत्तों को भोजन कराना इस दिन का प्रिय अंग है। वाराणसी के महान काल भैरव मंदिर और पूरे भारत के भैरव मंदिरों में विशेष पूजा होती है।

परंपरा और विधि
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भगवान काल भैरव
शिव का उग्र रूप, काल के स्वामी और काशी के रक्षक।
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उनका वाहन
इस दिन काल भैरव के वाहन के रूप में कुत्तों को भोजन कराया जाता है और उनका सम्मान किया जाता है।
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रात्रि पूजा
सरसों के तेल के दीपों और काले तिल के साथ जागरण और पूजा।
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