mypanchang.com 📖 Articles
ॐ

काली चौदस 2110: Chicago, Illinois

अमांत आश्विन कृष्ण चतुर्दशी -- पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: नरक चतुर्दशी और काली पूजा

📍 Chicago, Illinois, America (United States)
‹ 2110 ›
काली चौदस · 2110
📍 Chicago, Illinois, America (United States)
November 10, 2110
अमांत आश्विन कृष्ण चतुर्दशी -- पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी: नरक चतुर्दशी और काली पूजा
समय · Chicago
Nishita Kala (Kali Puja)
11:07:11 PM
समाप्त Nov/11 12:03:22 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
Nov 9
06:34:07 AM
🌘 चतुर्दशी शुरू
Nov 10
03:21:09 AM
🌅 सूर्योदय
Nov 10
06:35:21 AM
🌇 सूर्यास्त
Nov 10
04:33:58 PM
🕛 Midnight Muhurta
Nov 10
11:07:11 PM – Nov 11, 12:03:22 AM
🌑 चतुर्दशी समाप्त
Nov 11
12:50:51 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Nov 11
06:36:35 AM
इस दिन का पंचांग · Chicago
🌓 तिथि
चतुर्दशी
⭐ नक्षत्र
चित्रा
🔯 योग
प्रीति
About

काली चौदस

काली चौदस (नरक चतुर्दशी, रूप चौदस, छोटी दिवाली) कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है, दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन कृष्ण चतुर्दशी, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी, यानी दिवाली (अमावस्या) से एक दिन पहले। इस दिन भगवान कृष्ण ने (सत्यभामा और गरुड़ की सहायता से) राक्षस नरकासुर का वध किया और उसके द्वारा बंदी बनाई गई 16,100 स्त्रियों को मुक्त कराया। इस विजय को प्रातःकाल के स्नान और तेल-मालिश के साथ मनाया जाता है, जिसके कारण इसे नरक चतुर्दशी (नरक की पराजय की चतुर्दशी) कहा जाता है।

गुजरात, बंगाल, और महाराष्ट्र में इस दिन का एक और आयाम है: काली पूजा। देवी काली (देवी का उग्र, श्याम, कालस्वरूपिणी रूप) की इस अमावस्या-निकट रात्रि को अत्यंत भक्ति-भाव से पूजा की जाती है। बंगाल में काली पूजा दिवाली मौसम का सबसे बड़ा आयोजन है, जो सांस्कृतिक महत्व में लक्ष्मी पूजा को भी पीछे छोड़ देता है। तांत्रिक साधक देवी काली की मध्यरात्रि पूजा (निशीथ काल पूजा) लाल जासवंत, सिंदूर, और रक्त-वर्णी फलों के अर्पण के साथ करते हैं।

महाराष्ट्र और गुजरात में इस दिन को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस (रूप = सौंदर्य) कहा जाता है। सूर्योदय से पहले अभ्यंग स्नान (उबटन, हल्दी, और जड़ी-बूटी के लेप के साथ तेल-स्नान) की परंपरा निभाई जाती है, ताकि नरक का अंधकार धुल जाए और दिवाली के लिए सौंदर्य निखर आए। यह वह दिन भी है जब कुछ दक्षिण भारतीय और महाराष्ट्रीय परंपराओं में हनुमान जयंती मनाई जाती है (विशेष रूप से वह परंपरा, जो हनुमान जी के जन्म को इसी रात्रि के निशीथ काल में मानती है)।

Tradition & Practice
🌑
नरकासुर वध
भगवान कृष्ण और सत्यभामा ने (गरुड़ पर सवार होकर) इस दिन नरकासुर को पराजित किया और 16,100 बंदी स्त्रियों को मुक्त कराया। प्रातःकाल का यह उत्सव अंधकार के इस राक्षस पर मिली विजय का सम्मान करता है।
🛁
अभ्यंग स्नान
सूर्योदय से पहले परिवार अभ्यंग स्नान करते हैं: तिल के तेल से अनुष्ठानिक स्नान, उसके बाद उबटन (हल्दी, चंदन, बेसन का लेप)। ऐसा माना जाता है कि यह “नरक की मलिनता” को धो देता है और दिवाली के लिए शुद्ध करता है।
🌺
काली पूजा
बंगाल में इस रात्रि की काली पूजा मौसम का सबसे बड़ा पर्व है। देवी काली की मध्यरात्रि में लाल जासवंत, सिंदूर, और दीपों के साथ पूजा की जाती है। कोलकाता भर के पंडाल पूरी रात प्रकाशित रहते हैं।
⚡
निशीथ काल मुहूर्त
काली पूजा और हनुमान जयंती, दोनों के लिए निशीथ काल (मध्यरात्रि की अवधि) सबसे प्रभावशाली मुहूर्त है। यह गहरी रात में पड़ता है: इसकी सटीक अवधि आपके शहर पर निर्भर करती है और ऊपर दिखाई गई है।
🐒
हनुमान जयंती
कई दक्षिण भारतीय और महाराष्ट्रीय परंपराएँ हनुमान जयंती को नरक चतुर्दशी पर ही मानती हैं: उनका जन्म निशीथ काल में हुआ माना जाता है। मध्यरात्रि में विशेष हनुमान पूजा और सुंदरकांड पाठ किया जाता है।
🏮
छोटी दिवाली
“छोटी” दिवाली: परिवार इस रात्रि घर के विशेष कमरों में 14 दीये जलाते हैं। ऐसा माना जाता है कि प्रत्येक दीया 14 लोकों में से एक का प्रतिनिधित्व करता है और घर से बुराई को दूर रखता है।
शास्त्री जी से पूछें
📅 काली चौदस 2110 कब है? ⏰ काली चौदस मुहूर्त 📖 November 10, 2110 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

Explore today's Panchang, festivals, muhurtha and more

🕉 Open Panchang Chat
Select Language
Loading…
Change Location