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ॐ

लोहड़ी 1974

मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: फसल का अलाव

📍 बेंगलुरु, भारत
लोहड़ी · 1974
📍 बेंगलुरु, भारत
जनवरी 13, 1974
मकर संक्रांति की पूर्व संध्या: फसल का अलाव
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:46:29 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
06:10:14 अपराह्न
चंद्रोदय
11:00:51 अपराह्न
चंद्रास्त
10:27:21 पूर्वाह्न
संक्रांति
05:29:59 अपराह्न
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 12
06:46:16 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
जनवरी 13
06:46:29 पूर्वाह्न
☀️ संक्रांति
जनवरी 13
05:29:59 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 13
06:10:14 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 14
06:46:40 पूर्वाह्न
परिचय

लोहड़ी

लोहड़ी मकर संक्रांति (माघी) की पूर्व संध्या पर मनाई जाती है, विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और दिल्ली में, और हर जगह बसे पंजाबी परिवारों द्वारा। यह कड़ाके की सर्दी के अंत और रबी की फसलों, विशेषकर गन्ने और गेहूँ, के पकने का प्रतीक है।

सूर्यास्त के समय परिवार और पड़ोसी एक बड़े अलाव के चारों ओर इकट्ठा होते हैं। वे उसकी परिक्रमा करते हैं और अच्छी फसल तथा समृद्ध वर्ष की प्रार्थना के साथ अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक, मूँगफली और मक्की के फुल्ले अर्पित करते हैं। फिर यह चढ़ावा प्रसाद के रूप में बाँटा जाता है।

बच्चे घर घर जाकर लोहड़ी के गीत गाते हैं और मिठाइयाँ तथा सिक्के पाते हैं। इन गीतों में दुल्ला भट्टी की गाथा भी होती है, जो युवतियों की रक्षा करने के लिए याद किए जाने वाले लोकनायक हैं। शाम भांगड़ा और गिद्धा से गूँज उठती है।

विवाह या संतान के जन्म के बाद परिवार की पहली लोहड़ी विशेष उल्लास से मनाई जाती है, और रिश्तेदारों तथा मित्रों को अलाव पर आमंत्रित किया जाता है। अगली सुबह माघी होती है, वह दिन जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण आरंभ होता है।

परंपरा और विधि
🔥
लोहड़ी का अलाव
सूर्यास्त के समय परिवार एक बड़ा अलाव जलाते हैं और उसकी परिक्रमा करते हुए फसल और नए वर्ष के लिए प्रार्थना करते हैं।
🌾
अग्नि को अर्पण
तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक, मूँगफली और मक्की के फुल्ले अग्नि में अर्पित किए जाते हैं और फिर सबमें प्रसाद के रूप में बाँटे जाते हैं।
🎶
गीत और नृत्य
बच्चे घर घर जाकर दुल्ला भट्टी की गाथा गाते हैं, और शाम भांगड़ा और गिद्धा से भर जाती है।
👶
पहली लोहड़ी
विवाह या संतान के जन्म के बाद परिवार की पहली लोहड़ी विशेष उल्लास और रिश्तेदारों के मेल मिलाप के साथ मनाई जाती है।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल जनवरी/13/1974 08:11:57 AM जनवरी/13/1974 09:37:25 AM
लाभ जनवरी/13/1974 09:37:25 AM जनवरी/13/1974 11:02:53 AM
अमृत जनवरी/13/1974 11:02:53 AM जनवरी/13/1974 12:28:21 PM
शुभ जनवरी/13/1974 01:53:50 PM जनवरी/13/1974 03:19:18 PM
शुभ जनवरी/13/1974 06:10:14 PM जनवरी/13/1974 07:44:48 PM
अमृत जनवरी/13/1974 07:44:48 PM जनवरी/13/1974 09:19:21 PM
चल जनवरी/13/1974 09:19:21 PM जनवरी/13/1974 10:53:54 PM
लाभ जनवरी/14/1974 02:03:00 AM जनवरी/14/1974 03:37:34 AM
शुभ जनवरी/14/1974 05:12:07 AM जनवरी/14/1974 06:46:40 AM
गौरी पंचांग
दिन
उत्ती जनवरी/13/1974 06:46:29 AM – जनवरी/13/1974 08:11:57 AM
अमृता जनवरी/13/1974 08:11:57 AM – जनवरी/13/1974 09:37:25 AM
लाभम जनवरी/13/1974 11:02:53 AM – जनवरी/13/1974 12:28:21 PM
सुगम जनवरी/13/1974 01:53:50 PM – जनवरी/13/1974 03:19:18 PM
रात
धनम जनवरी/13/1974 06:10:14 PM – जनवरी/13/1974 07:44:48 PM
सुगम जनवरी/13/1974 07:44:48 PM – जनवरी/13/1974 09:19:21 PM
उत्ती जनवरी/14/1974 12:28:27 AM – जनवरी/14/1974 02:03:00 AM
अमृता जनवरी/14/1974 02:03:00 AM – जनवरी/14/1974 03:37:34 AM
लाभम जनवरी/14/1974 05:12:07 AM – जनवरी/14/1974 06:46:40 AM
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