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मकर संक्रांति 1935: Jaipur, Rajasthan

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ

📍 Jaipur, Rajasthan, India
‹ 1935 ›
मकर संक्रांति · 1935
📍 Jaipur, Rajasthan, India
जनवरी 14, 1935
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ
Sankranti Details · Jaipur
☀️
🗓 सोमवार, जनवरी 14, 1935 · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌅 सूर्योदय
07:18:47 AM
🌇 सूर्यास्त
05:52:48 PM
🙏 संक्रांति पुण्यकाल
07:18:47 AM
ends 05:52:48 PM
🍚 पोंगल मुहूर्त
07:18:47 AM
ends 08:38:02 AM
समय · Jaipur
सूर्योदय
07:18:47 AM
सूर्यास्त
05:52:48 PM
चंद्रोदय
01:22:25 PM
चंद्रास्त
02:37:47 AM
संक्रांति
06:44:30 AM
पोंगल मुहूर्त
07:18:47 AM
समाप्त 08:38:02 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 13
07:18:48 AM
☀️ संक्रांति
जनवरी 14
06:44:30 AM
🌅 सूर्योदय
जनवरी 14
07:18:47 AM
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 14
05:52:48 PM
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 15
07:18:44 AM
इस दिन का पंचांग · Jaipur
🌓 तिथि
दशमी
⭐ नक्षत्र
कृत्तिका
🔯 योग
शुभ
परिचय

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण (सूर्य के उत्तर दिशा में गमन) के आरंभ को चिह्नित करती है, जो दोनों अयन संक्रांतियों (कर्क संक्रांति के साथ) में से एक है, प्रत्येक का अपना विशिष्ट पुण्यकाल नियम है। इसे पूरे भारत में कई क्षेत्रीय नामों से मनाया जाता है: तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण (पतंग महोत्सव), पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू, और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में केवल संक्रांति, सभी एक ही दिन एक ही सौर घटना को चिह्नित करते हैं।

पुण्यकाल संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय है, जिसे परंपरागत रूप से दान, पवित्र स्नान और पूजा के लिए विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। विशेष रूप से मकर संक्रांति के लिए, यह पृष्ठ पोंगल पॉट मुहूर्त भी दिखाता है: कांची कामकोटि पीठ वेद धर्म शास्त्र परिपालन सभा के प्रकाशित नियम के अनुसार, पर्व की मीठी चावल की डिश पकाने के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय (पूर्ण पोंगल-विशिष्ट सांस्कृतिक सामग्री और चार-दिवसीय कार्यक्रम के लिए pongal.php देखें)।

परंपरा और विधि
☀️
उत्तरायण का आरंभ
मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत को चिह्नित करती है, सूर्य का छह महीने का उत्तर दिशा में गमन, जिसे परंपरागत रूप से वर्ष का शुभ आधा भाग माना जाता है, जो कर्क संक्रांति (दक्षिणायन के आरंभ) पर समाप्त होता है।
🙏
संक्रांति पुण्यकाल
ठीक संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय, आपके अपने शहर के सूर्योदय/सूर्यास्त के लिए गणना किया गया। यह विश्व भर में एक ही क्षण नहीं है।
🍚
पोंगल पॉट मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन ही पोंगल की मीठी चावल की भेंट के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय। पूर्ण तमिल चार-दिवसीय पोंगल उत्सव के लिए pongal.php देखें।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
अमृत जनवरी/14/1935 07:18:47 AM जनवरी/14/1935 08:38:02 AM
शुभ जनवरी/14/1935 09:57:17 AM जनवरी/14/1935 11:16:33 AM
लाभ जनवरी/14/1935 03:46:00 PM जनवरी/14/1935 04:33:33 PM
अमृत जनवरी/14/1935 04:33:33 PM जनवरी/14/1935 05:52:48 PM
चल जनवरी/14/1935 05:52:48 PM जनवरी/14/1935 07:33:33 PM
लाभ जनवरी/14/1935 10:55:02 PM जनवरी/15/1935 12:35:46 AM
शुभ जनवरी/15/1935 02:16:31 AM जनवरी/15/1935 03:57:15 AM
अमृत जनवरी/15/1935 03:57:15 AM जनवरी/15/1935 05:38:00 AM
चल जनवरी/15/1935 05:38:00 AM जनवरी/15/1935 07:18:44 AM
गौरी पंचांग
दिन
अमृता जनवरी/14/1935 07:18:47 AM – जनवरी/14/1935 08:38:02 AM
धनम जनवरी/14/1935 12:35:48 PM – जनवरी/14/1935 12:56:56 PM
धनम जनवरी/14/1935 01:39:12 PM – जनवरी/14/1935 01:55:03 PM
उत्ती जनवरी/14/1935 04:33:33 PM – जनवरी/14/1935 05:52:48 PM
रात
सुगम जनवरी/14/1935 05:52:48 PM – जनवरी/14/1935 07:33:33 PM
उत्ती जनवरी/14/1935 09:14:17 PM – जनवरी/14/1935 10:55:02 PM
अमृता जनवरी/14/1935 10:55:02 PM – जनवरी/15/1935 12:35:46 AM
लाभम जनवरी/15/1935 03:57:15 AM – जनवरी/15/1935 05:38:00 AM
धनम जनवरी/15/1935 05:38:00 AM – जनवरी/15/1935 07:18:44 AM
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