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मकर संक्रांति 1887: हैदराबाद, तेलंगाना

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ

📍 हैदराबाद, तेलंगाना, भारत
मकर संक्रांति · 1887
📍 हैदराबाद, तेलंगाना, भारत
जनवरी 13, 1887
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ
संक्रांति विवरण · हैदराबाद
☀️
🗓 गुरुवार, जनवरी 13, 1887 · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌅 सूर्योदय
06:41:50 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
05:50:45 अपराह्न
🙏 संक्रांति पुण्यकाल
06:41:50 पूर्वाह्न
समाप्त 05:50:45 PM
🍚 पोंगल मुहूर्त
08:05:27 पूर्वाह्न
समाप्त 09:29:04 AM
समय · हैदराबाद
सूर्योदय
06:41:50 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
05:50:45 अपराह्न
चंद्रोदय
08:28:31 अपराह्न
चंद्रास्त
08:34:12 पूर्वाह्न
संक्रांति
जनवरी/12 11:21:09 PM
पोंगल मुहूर्त
08:05:27 पूर्वाह्न
समाप्त 09:29:04 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 12
06:41:41 पूर्वाह्न
☀️ संक्रांति
जनवरी 12
11:21:09 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
जनवरी 13
06:41:50 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 13
05:50:45 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 14
06:41:57 पूर्वाह्न
इस दिन का पंचांग · हैदराबाद
🌓 तिथि
चतुर्थी
⭐ नक्षत्र
मघा
🔯 योग
सौभाग्य
परिचय

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण (सूर्य के उत्तर दिशा में गमन) के आरंभ को चिह्नित करती है, जो दोनों अयन संक्रांतियों (कर्क संक्रांति के साथ) में से एक है, प्रत्येक का अपना विशिष्ट पुण्यकाल नियम है। इसे पूरे भारत में कई क्षेत्रीय नामों से मनाया जाता है: तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण (पतंग महोत्सव), पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू, और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में केवल संक्रांति, सभी एक ही दिन एक ही सौर घटना को चिह्नित करते हैं।

पुण्यकाल संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय है, जिसे परंपरागत रूप से दान, पवित्र स्नान और पूजा के लिए विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। विशेष रूप से मकर संक्रांति के लिए, यह पृष्ठ पोंगल पॉट मुहूर्त भी दिखाता है: कांची कामकोटि पीठ वेद धर्म शास्त्र परिपालन सभा के प्रकाशित नियम के अनुसार, पर्व की मीठी चावल की डिश पकाने के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय (पूर्ण पोंगल-विशिष्ट सांस्कृतिक सामग्री और चार-दिवसीय कार्यक्रम के लिए pongal.php देखें)।

परंपरा और विधि
☀️
उत्तरायण का आरंभ
मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत को चिह्नित करती है, सूर्य का छह महीने का उत्तर दिशा में गमन, जिसे परंपरागत रूप से वर्ष का शुभ आधा भाग माना जाता है, जो कर्क संक्रांति (दक्षिणायन के आरंभ) पर समाप्त होता है।
🙏
संक्रांति पुण्यकाल
ठीक संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय, आपके अपने शहर के सूर्योदय/सूर्यास्त के लिए गणना किया गया। यह विश्व भर में एक ही क्षण नहीं है।
🍚
पोंगल पॉट मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन ही पोंगल की मीठी चावल की भेंट के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय। पूर्ण तमिल चार-दिवसीय पोंगल उत्सव के लिए pongal.php देखें।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
चल जनवरी/13/1887 11:09:24 AM जनवरी/13/1887 12:16:18 PM
लाभ जनवरी/13/1887 12:16:18 PM जनवरी/13/1887 01:39:55 PM
शुभ जनवरी/13/1887 04:27:08 PM जनवरी/13/1887 05:50:45 PM
अमृत जनवरी/13/1887 05:50:45 PM जनवरी/13/1887 07:27:09 PM
चल जनवरी/13/1887 07:27:09 PM जनवरी/13/1887 09:03:33 PM
लाभ जनवरी/14/1887 12:16:21 AM जनवरी/14/1887 01:52:45 AM
शुभ जनवरी/14/1887 03:29:09 AM जनवरी/14/1887 05:05:33 AM
अमृत जनवरी/14/1887 05:05:33 AM जनवरी/14/1887 06:41:57 AM
गौरी पंचांग
दिन
सुगम जनवरी/13/1887 08:05:27 AM – जनवरी/13/1887 09:29:04 AM
उत्ती जनवरी/13/1887 11:09:24 AM – जनवरी/13/1887 12:16:18 PM
अमृता जनवरी/13/1887 12:16:18 PM – जनवरी/13/1887 01:39:55 PM
लाभम जनवरी/13/1887 04:27:08 PM – जनवरी/13/1887 05:50:45 PM
रात
अमृता जनवरी/13/1887 05:50:45 PM – जनवरी/13/1887 07:27:09 PM
लाभम जनवरी/13/1887 10:39:57 PM – जनवरी/14/1887 12:16:21 AM
धनम जनवरी/14/1887 12:16:21 AM – जनवरी/14/1887 01:52:45 AM
सुगम जनवरी/14/1887 01:52:45 AM – जनवरी/14/1887 03:29:09 AM
उत्ती जनवरी/14/1887 05:05:33 AM – जनवरी/14/1887 06:41:57 AM
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