मुख्य सामग्री पर जाएँ
mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

मकर संक्रांति 1886: अहमदाबाद, गुजरात

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ

📍 अहमदाबाद, गुजरात, भारत
मकर संक्रांति · 1886
📍 अहमदाबाद, गुजरात, भारत
जनवरी 12, 1886
सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ
संक्रांति विवरण · अहमदाबाद
☀️
🗓 मंगलवार, जनवरी 12, 1886 · 📅 इस दिन का पूरा पंचांग देखें
🌅 सूर्योदय
07:15:22 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
06:03:32 अपराह्न
🙏 संक्रांति पुण्यकाल
05:06:15 अपराह्न
समाप्त 06:03:32 PM
🍚 पोंगल मुहूर्त
05:06:15 अपराह्न
समाप्त 06:03:32 PM
समय · अहमदाबाद
सूर्योदय
07:15:22 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
06:03:32 अपराह्न
चंद्रोदय
10:55:23 पूर्वाह्न
चंद्रास्त
11:11:36 अपराह्न
संक्रांति
05:06:15 अपराह्न
पोंगल मुहूर्त
05:06:15 अपराह्न
समाप्त 06:03:32 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
जनवरी 11
07:15:18 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
जनवरी 12
07:15:22 पूर्वाह्न
☀️ संक्रांति
जनवरी 12
05:06:15 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
जनवरी 12
06:03:32 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
जनवरी 13
07:15:25 पूर्वाह्न
इस दिन का पंचांग · अहमदाबाद
🌓 तिथि
सप्तमी
⭐ नक्षत्र
उत्तराभाद्रपद
🔯 योग
परिघ
परिचय

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश और उत्तरायण (सूर्य के उत्तर दिशा में गमन) के आरंभ को चिह्नित करती है, जो दोनों अयन संक्रांतियों (कर्क संक्रांति के साथ) में से एक है, प्रत्येक का अपना विशिष्ट पुण्यकाल नियम है। इसे पूरे भारत में कई क्षेत्रीय नामों से मनाया जाता है: तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण (पतंग महोत्सव), पंजाब में लोहड़ी, असम में माघ बिहू, और कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में केवल संक्रांति, सभी एक ही दिन एक ही सौर घटना को चिह्नित करते हैं।

पुण्यकाल संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय है, जिसे परंपरागत रूप से दान, पवित्र स्नान और पूजा के लिए विशेष रूप से पुण्यदायी माना जाता है। विशेष रूप से मकर संक्रांति के लिए, यह पृष्ठ पोंगल पॉट मुहूर्त भी दिखाता है: कांची कामकोटि पीठ वेद धर्म शास्त्र परिपालन सभा के प्रकाशित नियम के अनुसार, पर्व की मीठी चावल की डिश पकाने के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय (पूर्ण पोंगल-विशिष्ट सांस्कृतिक सामग्री और चार-दिवसीय कार्यक्रम के लिए pongal.php देखें)।

परंपरा और विधि
☀️
उत्तरायण का आरंभ
मकर संक्रांति उत्तरायण की शुरुआत को चिह्नित करती है, सूर्य का छह महीने का उत्तर दिशा में गमन, जिसे परंपरागत रूप से वर्ष का शुभ आधा भाग माना जाता है, जो कर्क संक्रांति (दक्षिणायन के आरंभ) पर समाप्त होता है।
🙏
संक्रांति पुण्यकाल
ठीक संक्रांति क्षण के आसपास का शुभ समय, आपके अपने शहर के सूर्योदय/सूर्यास्त के लिए गणना किया गया। यह विश्व भर में एक ही क्षण नहीं है।
🍚
पोंगल पॉट मुहूर्त
मकर संक्रांति के दिन ही पोंगल की मीठी चावल की भेंट के लिए बर्तन रखने का अनुशंसित समय। पूर्ण तमिल चार-दिवसीय पोंगल उत्सव के लिए pongal.php देखें।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
लाभ जनवरी/12/1886 11:18:26 AM जनवरी/12/1886 12:39:27 PM
लाभ जनवरी/12/1886 07:42:32 PM जनवरी/12/1886 09:21:31 PM
शुभ जनवरी/12/1886 11:00:30 PM जनवरी/13/1886 12:39:29 AM
अमृत जनवरी/13/1886 12:39:29 AM जनवरी/13/1886 02:18:28 AM
चल जनवरी/13/1886 02:18:28 AM जनवरी/13/1886 03:57:27 AM
गौरी पंचांग
दिन
लाभम जनवरी/12/1886 08:36:23 AM – जनवरी/12/1886 09:25:00 AM
सुगम जनवरी/12/1886 11:18:26 AM – जनवरी/12/1886 12:39:27 PM
उत्ती जनवरी/12/1886 02:00:29 PM – जनवरी/12/1886 03:21:30 PM
अमृता जनवरी/12/1886 04:42:31 PM – जनवरी/12/1886 06:03:32 PM
रात
उत्ती जनवरी/12/1886 07:42:32 PM – जनवरी/12/1886 09:21:31 PM
अमृता जनवरी/12/1886 11:00:30 PM – जनवरी/13/1886 12:39:29 AM
लाभम जनवरी/13/1886 02:18:28 AM – जनवरी/13/1886 03:57:27 AM
धनम जनवरी/13/1886 03:57:27 AM – जनवरी/13/1886 05:36:26 AM
सुगम जनवरी/13/1886 05:36:26 AM – जनवरी/13/1886 07:15:25 AM
शास्त्री जी से पूछें
💬 पंचांग चैट खोलें

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें