ॐ
मीनाक्षी तिरुकल्याणम् 1899
देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर का दिव्य विवाह
मीनाक्षी तिरुकल्याणम् · 1899
📍 Bangalore, India
रविवार, अप्रैल 23, 1899
देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर का दिव्य विवाह
उत्सव कार्यक्रम · Bangalore
🗓 तिरुकल्याणम्: रविवार, अप्रैल 23, 1899
🌅 सूर्योदय
05:54:58 AM
🌇 सूर्यास्त
06:23:32 PM
📅 कोडी येट्रम (ध्वजारोहण)
शुक्रवार, अप्रैल 14, 1899
📅 पट्टाभिषेकम्
शुक्रवार, अप्रैल 21, 1899
📅 दिग्विजयम्
शनिवार, अप्रैल 22, 1899
📅 तिरुकल्याणम्
रविवार, अप्रैल 23, 1899
📅 थेरोट्टम् (रथ यात्रा)
सोमवार, अप्रैल 24, 1899
📅 तीर्थम्
मंगलवार, अप्रैल 25, 1899
🌅 पिछला सूर्योदय
अप्रैल 22
05:55:30 AM
⭐ उत्तराफाल्गुनी शुरू
अप्रैल 22
10:52:17 AM
🌅 सूर्योदय
अप्रैल 23
05:54:58 AM
⭐ उत्तराफाल्गुनी समाप्त
अप्रैल 23
12:21:08 PM
🌇 सूर्यास्त
अप्रैल 23
06:23:32 PM
🌅 अगला सूर्योदय
अप्रैल 24
05:54:28 AM
मीनाक्षी तिरुकल्याणम 12 दिन के मदुरै चित्तिरै तिरुविळा का अंग है।
समय · Bangalore
सूर्योदय
05:54:58 AM
सूर्यास्त
06:23:32 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
अप्रैल 22
05:55:30 AM
🌘 तिथि शुरू
अप्रैल 22
10:52:17 AM
🌅 सूर्योदय
अप्रैल 23
05:54:58 AM
🌒 तिथि समाप्त
अप्रैल 23
12:21:08 PM
🌇 सूर्यास्त
अप्रैल 23
06:23:32 PM
🌅 अगला सूर्योदय
अप्रैल 24
05:54:28 AM
परिचय
मीनाक्षी तिरुकल्याणम्
मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर के चित्तिरई तिरुविझा का केंद्रबिंदु मीनाक्षी तिरुकल्याणम्, देवी मीनाक्षी (पार्वती का अवतार) और सुंदरेश्वर (शिव) के दिव्य विवाह का उत्सव है। मीनाक्षी के भाई अलगर के रूप में पूजे जाने वाले भगवान विष्णु अलगर कोविल से आकर कन्यादान करते हैं; यह जुलूस उत्सव के सबसे प्रसिद्ध क्षणों में से एक है।
यह पूरा उत्सव बारह दिनों तक चलता है: ध्वजारोहण (कोडी येट्रम) से लेकर पट्टाभिषेकम्, दिग्विजयम्, विवाह (तिरुकल्याणम्), रथ यात्रा (थेरोट्टम्), और अंत में पवित्र स्नान उत्सव (तीर्थम्) तक।
परंपरा और विधि
दिव्य विवाह
देवी मीनाक्षी सुंदरेश्वर से विवाह करती हैं, भगवान विष्णु (अलगर) कन्यादान करते हैं।
चित्तिरई तिरुविझा
मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर में बारह दिनों का उत्सव, तमिलनाडु के सबसे बड़े मंदिर उत्सवों में से एक।
शास्त्री जी से पूछें
चित्तिरै तिरुविळा
चित्तिरै तिरुविळा
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