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अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम 2042

इस वर्ष श्री अहोबिल मठ के सभी अऴगियसिंगर तिरुनक्षत्रम, आपके शहर के लिए

📍 Bangalore, India
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अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम · 2042
📍 Bangalore, India
इस वर्ष श्री अहोबिल मठ के सभी अऴगियसिंगर तिरुनक्षत्रम, आपके शहर के लिए
इस वर्ष की तिरुनक्षत्रम तिथियाँ · Bangalore
1 जनवरी 2042
बुधवार
8वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
मर्गली · अश्विनी
4 जनवरी 2042
शनिवार
16वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
मर्गली · मृगशिरा
21 जनवरी 2042
मंगलवार
42वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीरंग शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, इंजिमेडु)
थइ · उत्तराषाढ़ा
22 जनवरी 2042
बुधवार
3वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
थइ · श्रवण
25 जनवरी 2042
शनिवार
6वें अऴगियसिंगर (श्री षष्ठ परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
थइ · पूर्वाभाद्रपद
2 फ़रवरी 2042
रविवार
38वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
थइ · आर्द्रा
11 फ़रवरी 2042
मंगलवार
15वें अऴगियसिंगर (श्री कल्याण वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
थइ · चित्रा
3 मार्च 2042
सोमवार
37वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, पिळ्ळैप्पाक्कम)
मासी · पुष्य
5 मार्च 2042
बुधवार
19वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
मासी · मघा
5 अप्रैल 2042
शनिवार
21वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
पंगुनी · हस्त
17 अप्रैल 2042
गुरुवार
32वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
चित्तिरै · पूर्वाभाद्रपद
26 अप्रैल 2042
शनिवार
24वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश रामानुज यतीन्द्र महादेशिक)
चित्तिरै · पुनर्वसु
3 मई 2042
शनिवार
29वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश रामानुज यतीन्द्र महादेशिक)
चित्तिरै · चित्रा
18 मई 2042
रविवार
39वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
वैकासी · भरणी
2 जून 2042
सोमवार
10वें अऴगियसिंगर
वैकासी · विशाखा
2 जून 2042
सोमवार
7वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
वैकासी · विशाखा
4 जून 2042
बुधवार
35वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, कळत्तूर)
वैकासी · ज्येष्ठा
9 जून 2042
सोमवार
27वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
वैकासी · धनिष्ठा
23 जून 2042
सोमवार
46वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · मघा
4 जुलाई 2042
शुक्रवार
13वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · उत्तराषाढ़ा
9 जुलाई 2042
बुधवार
23वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · उत्तराभाद्रपद
16 जुलाई 2042
बुधवार
9वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आनी · आर्द्रा
21 जुलाई 2042
सोमवार
26वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · पूर्वाफाल्गुनी
25 जुलाई 2042
शुक्रवार
25वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · स्वाती
1 अगस्त 2042
शुक्रवार
14वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · उत्तराषाढ़ा
10 अगस्त 2042
रविवार
22वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · रोहिणी
14 अगस्त 2042
गुरुवार
36वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
आडी · पुष्य
25 अगस्त 2042
सोमवार
2वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
आवणी · ज्येष्ठा
26 अगस्त 2042
मंगलवार
28वें अऴगियसिंगर (श्री रंगनाथ शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
आवणी · मूल
16 सितंबर 2042
मंगलवार
44वें अऴगियसिंगर (श्री वेदान्त देशिक यतीन्द्र महादेशिक, मुक्कूर)
आवणी · हस्त
21 सितंबर 2042
रविवार
1वें अऴगियसिंगर (श्री आदिवण् शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · ज्येष्ठा
22 सितंबर 2042
सोमवार
20वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · मूल
27 सितंबर 2042
शनिवार
17वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव वेदान्त यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · शतभिषा
9 अक्टूबर 2042
गुरुवार
18वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · आश्लेषा
11 अक्टूबर 2042
शनिवार
12वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · पूर्वाफाल्गुनी
16 अक्टूबर 2042
गुरुवार
33वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
पुरट्टासी · विशाखा
16 नवंबर 2042
रविवार
11वें अऴगियसिंगर (श्री श्रीनिवास यतीन्द्र महादेशिक)
अइप्पसी · मूल
23 नवंबर 2042
रविवार
45वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण यतीन्द्र महादेशिक, विल्लिवलम)
कार्तिकई · उत्तराभाद्रपद
26 नवंबर 2042
बुधवार
5वें अऴगियसिंगर (श्री सर्वतन्त्र स्वतन्त्र शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
कार्तिकई · कृत्तिका
3 दिसंबर 2042
बुधवार
31वें अऴगियसिंगर (श्री नारायण वेदान्त यतीन्द्र महादेशिक)
कार्तिकई · मघा
14 दिसंबर 2042
रविवार
43वें अऴगियसिंगर (श्री वीरराघव शठकोप यतीन्द्र महादेशिक, देवनार्विळागम)
कार्तिकई · पूर्वाषाढ़ा
15 दिसंबर 2042
सोमवार
34वें अऴगियसिंगर (श्री रामानुज यतीन्द्र महादेशिक)
कार्तिकई · उत्तराषाढ़ा
19 दिसंबर 2042
शुक्रवार
41वें अऴगियसिंगर (श्री लक्ष्मीनृसिंह शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
मर्गली · पूर्वाभाद्रपद
22 दिसंबर 2042
सोमवार
8वें अऴगियसिंगर (श्री परांकुश यतीन्द्र महादेशिक)
मर्गली · अश्विनी
26 दिसंबर 2042
शुक्रवार
16वें अऴगियसिंगर (श्री शठकोप यतीन्द्र महादेशिक)
मर्गली · मृगशिरा
दृश्य गणित क्या है?

दृश्य का अर्थ है "जो दिखाई दे" और गणित का अर्थ है "गणना"। दृश्य गणित पंचांग वह है जिसकी बात आप अपनी आँखों से परख सकें। जब वह कहता है कि चंद्रमा किसी नक्षत्र में है, तो रात के आकाश में आप उसे वहीं पाएँगे। जब वह ग्रहण, अमावस्या या पूर्णिमा का समय बताता है, तो आकाश उसी समय वह दृश्य दिखाता है।

हमारा पंचांग इसी सिद्धांत पर चलता है। यह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध JPL ग्रह सारणी (एफ़ेमेरिस) के आधार पर आधुनिक खगोल विज्ञान से सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों की स्थिति की गणना करता है (यह साइट नासा या JPL से संबद्ध नहीं है और न ही उनके द्वारा समर्थित है), ताकि हर तिथि, नक्षत्र और पर्व का दिन स्वयं आकाश से मेल खाए।

सदियों से बड़े यत्न से संजोए गए पारंपरिक वाक्य पंचांग अपनी प्राचीन पद्धति का पालन करते हैं। इसलिए कभी-कभी यहाँ की कोई तिथि वाक्य पंचांग से एक दिन भिन्न हो सकती है। ऐसे हर अवसर पर कृपया अपने परिवार या मंदिर की परंपरा का पालन करें।

About

अहोबिल मठ तिरुनक्षत्रम

The Sri Ahobila Mutt is one of the great Sri Vaishnava mutts of South India. Tradition holds that it began around 1398 at Ahobilam, in the hills of present-day Andhra Pradesh, where Lord Lakshmi Nrisimha Himself initiated the young scholar Srinivasacharya into sannyasa as Srivan Satakopa Swami, the first Jeeyar of the Mutt.

The Jeeyars of the Mutt are lovingly called Azhagiyasingar, "the beautiful lion," after the Lord of Ahobilam. Each Azhagiyasingar worships the Mutt's own deity, Sri Malola Nrisimha, and carries Him from place to place on sancharam, teaching Visishtadvaita and the Sri Vaishnava way of life. The line has continued without a break for more than six centuries; the present Azhagiyasingar is the 46th, Srivan Satakopa Sri Ranganatha Yatindra Mahadesikan.

The Mutt remembers every Azhagiyasingar on his Thirunakshatram, the day of his star in the Tamil month of his birth, with special worship, recitation of the Divya Prabandham and offerings at the Mutt and its branches.

The list above gives every Azhagiyasingar Thirunakshatram this year for your city, month by month.

लक्ष्मीनाथसमारम्भां नाथयामुनमध्यमाम् ।
अस्मदाचार्यपर्यन्तां वन्दे गुरुपरंपराम् ॥
lakṣmīnāthasamārambhāṃ nāthayāmunamadhyamām |
asmadācāryaparyantāṃ vande guruparaṃparām ||
"I bow to the line of our Acharyas, which begins with Lakshminatha, Lord Sriman Narayana, has Sriman Nathamuni and Sri Yamunacharya in its middle, and reaches down to our own Acharya."
Guru Parampara Taniyan
केशवार्यकृपापात्रं धीशमादिगुणार्णवम् |
श्री शठारियतीशानं देशिकेन्द्रमहं भजे ||

प्रपद्ये निरवद्यानां निषद्यां गुणसम्पदाम् |
शरणं भवभीतानां शठकोप मुनीश्वरम् ||
keśavāryakṛpāpātraṃ dhīśamādiguṇārṇavam |
śrī śaṭhāriyatīśānaṃ deśikendramahaṃ bhaje ||

prapadye niravadyānāṃ niṣadyāṃ guṇasampadām |
śaraṇaṃ bhavabhītānāṃ śaṭhakopa munīśvaram ||
"I worship the great teacher Sri Satakopa Yati, vessel of the grace of Kesavarya and an ocean of wisdom, self-mastery and every virtue. I take refuge in Satakopa Muni, the home of flawless virtues and the refuge of those who fear the round of births."
Taniyan of Srivan Satakopa Swami (Adivan Satakopa Yatindra Mahadesikan), founder and 1st Azhagiyasingar (text as printed in the Sri Ahobila Mutt's Sri Sannidhi Thaniyans)
Tradition & Practice
🦁
Azhagiyasingar
"The beautiful lion": the title of every Jeeyar of the Sri Ahobila Mutt, after Lord Nrisimha of Ahobilam.
🛕
Sri Malola Nrisimha
The Mutt's own deity, worshipped by each Azhagiyasingar and carried with him on sancharam.
📿
46 Azhagiyasingars
An unbroken line of Jeeyars from Srivan Satakopa Swami (about 1398) to the present 46th.
🙏
Thirunakshatram
Each Azhagiyasingar is remembered on his birth star in his Tamil month.
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