Every Sankashti of the year for your city, the Tuesday ones marked
| तारीख | चंद्रोदय |
|---|---|
| 20 January 1965 (बुधवार) | 09:15:53 PM |
| 19 February 1965 (शुक्रवार) | 09:42:45 PM |
| 20 March 1965 (शनिवार) | 09:13:01 PM |
| 19 April 1965 (सोमवार) | 09:38:24 PM |
| 19 May 1965 (बुधवार) | 10:05:00 PM |
| 17 June 1965 (गुरुवार) | 09:35:09 PM |
| 17 July 1965 (शनिवार) | 09:38:09 PM |
| 15 August 1965 (रविवार) | 08:53:18 PM |
| 🔴 14 September 1965 (मंगळवार) | 08:47:05 PM |
| 13 October 1965 (बुधवार) | 08:12:07 PM |
| 12 November 1965 (शुक्रवार) | 08:48:00 PM |
| 11 December 1965 (शनिवार) | 08:42:29 PM |
संकष्टी चतुर्थी ही कृष्ण पक्षातील चतुर्थी असून ती दर महिन्याला विघ्नहर्ता श्री गणेशासाठी पाळली जाते. भाविक दिवसभर उपवास करतात आणि चंद्रोदय झाल्यावर चंद्राचे दर्शन घेऊन त्याला अर्घ्य देतात, गणेशाची प्रार्थना करतात आणि मग उपवास सोडतात.
संकष्टी मंगळवारी, म्हणजे अंगारक (मंगळ) यांच्या दिवशी आली, तर ती अंगारकी संकष्टी होते. ती वर्षातून काही वेळाच येते आणि सर्व संकष्टींमध्ये सर्वाधिक शुभ मानली जाते: एक अंगारकी केल्याने वर्षभर संकष्टीचा उपवास केल्याचे पुण्य मिळते असे म्हणतात. मुंबईतील सिद्धिविनायक आणि अष्टविनायक मंदिरांसारख्या गणेश मंदिरांत मोठी गर्दी होते.
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