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दिवाली 2140: Los Angeles, California

पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व

📍 Los Angeles, California, America (United States)
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दिवाली · 2140
📍 Los Angeles, California, America (United States)
नवम्बर 8, 2140
पूर्णिमांत कार्तिक कृष्ण अमावस्या और अमावस्यांत आश्विन अमावस्या: दीपों का पर्व
Diwali Week, Day by Day · Los Angeles
🏅
धनतेरस
🗓 November 6, 2140
🔔 यम दीप दान, 🔱 प्रदोष
🕉 प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ (वृषभ स्थिर लग्न): नवम्बर/6 05:25:55 PM – नवम्बर/6 07:19:59 PM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ: वृषभ स्थिर लग्न
नवम्बर/6 05:25:55 PM
समाप्त नवम्बर/6 07:19:59 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
नवम्बर 5
07:18:08 AM
🌘 त्रयोदशी शुरू
नवम्बर 6
01:23:43 AM
🌅 सूर्योदय
नवम्बर 6
06:19:03 AM
🌇 सूर्यास्त
नवम्बर 6
04:54:26 PM
🌘 त्रयोदशी समाप्त
नवम्बर 7
03:25:35 AM
🌅 अगला सूर्योदय
नवम्बर 7
06:19:59 AM
स्थिर लग्नसेतक
वृश्चिकनवम्बर/6 08:16:30 AMनवम्बर/6 10:37:20 AM
कुंभनवम्बर/6 01:14:59 PMनवम्बर/6 02:35:59 PM
वृषभनवम्बर/6 05:25:55 PMनवम्बर/6 07:20:00 PM
चौघड़ियासेतक
चलनवम्बर/6 06:38:29 AMनवम्बर/6 07:57:54 AM
लाभनवम्बर/6 07:57:54 AMनवम्बर/6 09:17:19 AM
अमृतनवम्बर/6 09:17:19 AMनवम्बर/6 10:36:45 AM
शुभनवम्बर/6 11:56:10 AMनवम्बर/6 01:15:36 PM
शुभनवम्बर/6 03:54:26 PMनवम्बर/6 05:35:08 PM
अमृतनवम्बर/6 05:35:08 PMनवम्बर/6 07:15:49 PM
चलनवम्बर/6 07:15:49 PMनवम्बर/6 08:56:31 PM
लाभनवम्बर/7 12:17:54 AMनवम्बर/7 01:58:36 AM
शुभनवम्बर/7 03:39:17 AMनवम्बर/7 05:19:59 AM
इस दिन का पूरा पंचांग देखें →
🪔
नरक चतुर्दशी / काली चौदस
🗓 November 7, 2140
🔔 मास शिवरात्रि
🕉 अभ्यंग स्नान (तेल स्नान, चंद्रोदय → सूर्योदय): 05:31:06 AM – 06:19:59 AM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
अभ्यंग स्नान (तेल स्नान, चंद्रोदय → सूर्योदय)
05:31:06 AM
समाप्त 06:19:59 AM
निशीथ काल (काली पूजा)
नवम्बर/7 11:10:21 PM
समाप्त नवम्बर/8 12:04:11 AM
🌘 चतुर्दशी शुरू
नवम्बर 7
03:25:35 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
नवम्बर 7
06:19:59 AM
🌑 चतुर्दशी समाप्त
नवम्बर 8
05:43:09 AM
🌅 सूर्योदय
नवम्बर 8
06:20:54 AM
🌙 चंद्रोदय
नवम्बर 8
06:27:43 AM
🌇 सूर्यास्त
नवम्बर 8
04:52:50 PM
🌅 अगला सूर्योदय
नवम्बर 9
06:21:50 AM
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✨
दिवाली (लक्ष्मी पूजा)
🗓 November 8, 2140
🕉 प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ (वृषभ स्थिर लग्न): नवम्बर/8 05:18:04 PM – नवम्बर/8 07:12:08 PM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
प्रदोष काल स्थिर लग्न के साथ: वृषभ स्थिर लग्न
नवम्बर/8 05:18:04 PM
समाप्त नवम्बर/8 07:12:08 PM
निशीथ काल स्थिर लग्न के साथ (मध्यरात्रि): सिंह स्थिर लग्न
नवम्बर/8 11:54:06 PM
समाप्त नवम्बर/9 12:04:18 AM
चोपड़ा पूजन (नई बहीखाता)
नवम्बर/8 05:18:04 PM
समाप्त नवम्बर/8 07:12:08 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
नवम्बर 7
06:19:59 AM
🌑 अमावस्या शुरू
नवम्बर 8
05:43:09 AM
🌅 सूर्योदय
नवम्बर 8
06:20:54 AM
🌇 सूर्यास्त
नवम्बर 8
04:52:50 PM
🌅 अगला सूर्योदय
नवम्बर 9
06:21:50 AM
🌒 अमावस्या समाप्त
नवम्बर 9
08:12:22 AM
स्थिर लग्नसेतक
वृश्चिकनवम्बर/8 07:08:38 AMनवम्बर/8 09:29:28 AM
कुंभनवम्बर/8 01:07:07 PMनवम्बर/8 02:28:07 PM
वृषभनवम्बर/8 05:18:04 PMनवम्बर/8 07:12:08 PM
चौघड़ियासेतक
लाभनवम्बर/8 10:17:53 AMनवम्बर/8 11:36:52 AM
लाभनवम्बर/8 06:33:58 PMनवम्बर/8 08:15:05 PM
शुभनवम्बर/8 09:56:13 PMनवम्बर/8 11:37:20 PM
अमृतनवम्बर/8 11:37:20 PMनवम्बर/9 01:18:28 AM
चलनवम्बर/9 01:18:28 AMनवम्बर/9 02:59:35 AM
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📒
बलि प्रतिपदा
🗓 November 9, 2140
🔔 गोवर्धन पूजा, अन्नकूट
🕉 लाभ चौघड़िया (मिति मुहूर्त): नवम्बर/9 06:21:50 AM – नवम्बर/9 07:40:37 AM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
स्थिर लग्नसेतक
वृश्चिकनवम्बर/9 07:04:42 AMनवम्बर/9 09:25:32 AM
कुंभनवम्बर/9 01:03:11 PMनवम्बर/9 02:24:11 PM
वृषभनवम्बर/9 05:14:08 PMनवम्बर/9 07:08:12 PM
चौघड़ियासेतक
लाभनवम्बर/9 06:21:50 AMनवम्बर/9 07:40:37 AM
चलनवम्बर/9 02:14:31 PMनवम्बर/9 03:33:18 PM
लाभनवम्बर/9 03:33:18 PMनवम्बर/9 04:52:05 PM
शुभनवम्बर/9 06:33:25 PMनवम्बर/9 08:14:45 PM
अमृतनवम्बर/9 08:14:45 PMनवम्बर/9 09:56:05 PM
चलनवम्बर/9 09:56:05 PMनवम्बर/9 11:37:25 PM
लाभनवम्बर/10 03:00:06 AMनवम्बर/10 04:41:26 AM
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👫
यम द्वितीया / भैया दूज
🗓 November 11, 2140
🔔 कांची महापेरियवा अनुषम
🕉 अपराह्न काल: नवम्बर/11 12:39:52 PM – नवम्बर/11 02:45:15 PM
▸ अधिक मुहूर्त और पूर्ण पंचांग के लिए टैप करें
अपराह्न काल
नवम्बर/11 12:39:52 PM
समाप्त नवम्बर/11 02:45:15 PM
चौघड़ियासेतक
चलनवम्बर/11 06:23:43 AMनवम्बर/11 07:42:04 AM
अमृतनवम्बर/11 09:10:53 AMनवम्बर/11 10:18:48 AM
शुभनवम्बर/11 11:37:10 AMनवम्बर/11 11:58:04 AM
शुभनवम्बर/11 12:39:52 PMनवम्बर/11 12:55:32 PM
चलनवम्बर/11 03:32:16 PMनवम्बर/11 04:50:38 PM
लाभनवम्बर/11 08:14:08 PMनवम्बर/11 09:55:53 PM
शुभनवम्बर/11 11:37:38 PMनवम्बर/12 01:19:23 AM
अमृतनवम्बर/12 01:19:23 AMनवम्बर/12 03:01:09 AM
चलनवम्बर/12 03:01:09 AMनवम्बर/12 04:42:54 AM
इस दिन का पूरा पंचांग देखें →
🌅 पिछला सूर्योदय
नवम्बर 7
06:19:59 AM
🌘 तिथि शुरू
नवम्बर 8
05:43:09 AM
🌅 सूर्योदय
नवम्बर 8
06:20:54 AM
🌇 सूर्यास्त
नवम्बर 8
04:52:50 PM
🌅 अगला सूर्योदय
नवम्बर 9
06:21:50 AM
🌒 तिथि समाप्त
नवम्बर 9
08:12:22 AM
इस दिन का पंचांग · Los Angeles
🌓 तिथि
अमावस्या
⭐ नक्षत्र
स्वाती
🔯 योग
आयुष्मान
परिचय

दिवाली

दिवाली (दीपावली, "दीपों की पंक्ति") हिंदू जगत का सबसे व्यापक रूप से मनाया जाने वाला पर्व है, जो अमावस्या यानी अमावस की रात को पड़ता है -- दक्षिण और पश्चिम भारत में प्रचलित अमांत मास गणना के अनुसार आश्विन अमावस्या, और उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत मास गणना के अनुसार कार्तिक कृष्ण अमावस्या। एक ही रात में अमावस्या का अंधकार लाखों मिट्टी के दीयों, बिजली की रोशनी, आतिशबाज़ी, और हर घर के देवी लक्ष्मी को अपने जीवन में आमंत्रित करने के सामूहिक संकल्प से पूरी तरह उलट जाता है।

इस पर्व की सबसे प्रचलित कथा है 14 वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम की अयोध्या वापसी और रावण पर उनकी विजय। अयोध्यावासियों ने अमावस्या के अंधकार में उनका स्वागत करने के लिए दीपों की पंक्तियाँ (दीपावली) जलाईं। दक्षिण भारत में यह दिन कृष्ण द्वारा नरकासुर के वध (अंधकार के असुर) और उसके बंदीगृह से 16,100 स्त्रियों की मुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में इस रात काली पूजा की जाती है।

इस पर्व का मुख्य अनुष्ठान लक्ष्मी पूजा है, जो परंपरा के अनुसार प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) या निशीथ काल (मध्यरात्रि) में की जाती है। धन और शुभता की देवी को एक तनिक भी मैल रहित, दीपों से जगमगाते घर में आमंत्रित किया जाता है। व्यापारी परिवारों में नए बही-खाते, सोना, चाँदी, और उपहार उनकी प्रतिमा के सामने रखे जाते हैं। पूजा के बाद प्रसाद वितरण, आतिशबाज़ी, और पड़ोसियों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान होता है।

नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्।।
"Salutations, O beloved of Hari, who grants boons to all the gods: may I attain the same liberation that your devotees attain through worship of you."
Lakshmi Ashtottara
परंपरा और विधि
🪔
प्रदोष काल पूजा
लक्ष्मी पूजा का समय प्रदोष काल (संध्या का धुंधलका) रखा जाता है, जब देवी पृथ्वी पर विचरण करती हैं। कुछ परंपराओं में निशीथ काल (मध्यरात्रि) का प्रयोग होता है: पंचांग का समय ही यह तय करता है कि कौन-सा मुहूर्त शुभ है।
🏠
सफ़ाई और दीपसज्जा
लक्ष्मी के आगमन से पहले कई दिनों तक घरों की गहन सफ़ाई की जाती है: अव्यवस्था, जाले, और धूल का पूरी तरह सफ़ाया होना चाहिए। हर कमरे, दहलीज़, और बालकनी को दीयों और रंगीन रोशनी से सजाया जाता है।
🎆
आतिशबाज़ी
दिवाली की रात पटाखे फोड़ने की परंपरा मूलतः ध्वनि और प्रकाश के माध्यम से बुरी आत्माओं को दूर भगाने के लिए थी। आधुनिक प्रचलन में रासायनिक पटाखों की जगह पर्यावरण-अनुकूल दीयों को अधिकाधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
🍬
मिठाई और उपहार
दिवाली भारत का सबसे बड़ा उपहार-मौसम है। परिवारों, मित्रों, और सहकर्मियों के बीच मिठाइयों और मेवों के डिब्बों का आदान-प्रदान होता है। लोकप्रिय मिठाइयों में काजू कतली, लड्डू, बर्फ़ी, और गुलाब जामुन शामिल हैं।
📒
नए बही-खाते
गुजराती और मराठी व्यापारी परंपराओं में, दिवाली की रात नए बही-खातों (चोपड़ा पूजन) को पवित्र किया जाता है: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होने वाले नए वित्तीय वर्ष का आशीर्वाद लेने के लिए।
🌸
दिवाली के पाँच दिन
यह पर्व पाँच दिनों तक फैला रहता है: धनतेरस → काली चौदस → दिवाली → गोवर्धन पूजा/बलिप्रतिपदा → भाई दूज। प्रत्येक दिन का अपना अनुष्ठान, देवता, और क्षेत्रीय रंग होता है।
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