mypanchang.com 📖 Articles
ॐ

मीनाक्षी तिरुकल्याणम् 1944

देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर का दिव्य विवाह

📍 Bangalore, India
‹ 1944 ›
मीनाक्षी तिरुकल्याणम् · 1944
📍 Bangalore, India
Thursday, May 4, 1944
देवी मीनाक्षी और भगवान सुंदरेश्वर का दिव्य विवाह
उत्सव कार्यक्रम · Bangalore
💍
🗓 तिरुकल्याणम्: Thursday, May 4, 1944
🌅 सूर्योदय
06:58:46 AM
🌇 सूर्यास्त
07:34:14 PM
📅 कोडी येट्रम (ध्वजारोहण)
Tuesday, April 25, 1944
📅 पट्टाभिषेकम्
Tuesday, May 2, 1944
📅 दिग्विजयम्
Wednesday, May 3, 1944
📅 तिरुकल्याणम्
Thursday, May 4, 1944
📅 थेरोट्टम् (रथ यात्रा)
Friday, May 5, 1944
📅 तीर्थम्
Saturday, May 6, 1944
🌅 पिछला सूर्योदय
May 3
06:59:10 AM
⭐ उत्तराफाल्गुनी शुरू
May 3
09:35:46 PM
🌅 सूर्योदय
May 4
06:58:46 AM
🌇 सूर्यास्त
May 4
07:34:14 PM
⭐ उत्तराफाल्गुनी समाप्त
May 5
12:17:25 AM
🌅 अगला सूर्योदय
May 5
06:58:23 AM
मीनाक्षी तिरुकल्याणम 12 दिन के मदुरै चित्तिरै तिरुविळा का अंग है।
📜 पूरा चित्तिरै तिरुविळा कार्यक्रम देखें🛕 मदुरै चित्तिरै तिरुविळा 1944 देखें →
समय · Bangalore
सूर्योदय
06:58:46 AM
सूर्यास्त
07:34:14 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
May 3
06:59:10 AM
🌘 तिथि शुरू
May 3
09:35:46 PM
🌅 सूर्योदय
May 4
06:58:46 AM
🌇 सूर्यास्त
May 4
07:34:14 PM
🌒 तिथि समाप्त
May 5
12:17:25 AM
🌅 अगला सूर्योदय
May 5
06:58:23 AM
About

मीनाक्षी तिरुकल्याणम्

मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर के चित्तिरई तिरुविझा का केंद्रबिंदु मीनाक्षी तिरुकल्याणम्, देवी मीनाक्षी (पार्वती का अवतार) और सुंदरेश्वर (शिव) के दिव्य विवाह का उत्सव है। मीनाक्षी के भाई अलगर के रूप में पूजे जाने वाले भगवान विष्णु अलगर कोविल से आकर कन्यादान करते हैं; यह जुलूस उत्सव के सबसे प्रसिद्ध क्षणों में से एक है।

यह पूरा उत्सव बारह दिनों तक चलता है: ध्वजारोहण (कोडी येट्रम) से लेकर पट्टाभिषेकम्, दिग्विजयम्, विवाह (तिरुकल्याणम्), रथ यात्रा (थेरोट्टम्), और अंत में पवित्र स्नान उत्सव (तीर्थम्) तक।

Tradition & Practice
💍
दिव्य विवाह
देवी मीनाक्षी सुंदरेश्वर से विवाह करती हैं, भगवान विष्णु (अलगर) कन्यादान करते हैं।
🎉
चित्तिरई तिरुविझा
मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर में बारह दिनों का उत्सव, तमिलनाडु के सबसे बड़े मंदिर उत्सवों में से एक।
शास्त्री जी से पूछें
📅 मीनाक्षी तिरुकल्याणम् 1944 कब है? ⏰ मीनाक्षी तिरुकल्याणम् मुहूर्त 📖 Thursday, May 4, 1944 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

Explore today's Panchang, festivals, muhurtha and more

🕉 Open Panchang Chat
Select Language
Loading…
Change Location