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शारद नवरात्रि 1944: Abu Dhabi, Abu Dhabi

आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, देवी की महान शरद नवरात्रि

📍 Abu Dhabi, Abu Dhabi, United Arab Emirates
‹ 1944 ›
शारद नवरात्रि · 1944
📍 Abu Dhabi, Abu Dhabi, United Arab Emirates
September 18, 1944
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, देवी की महान शरद नवरात्रि
Nine Nights, Day by Day · Abu Dhabi
🏔️
दिन 1: Shailaputri
🗓 September 18, 1944
🌙 Prathama (ends 07:05 PM)
⭐ U.Phalguni (ends 10:02 AM)
🔔 Ghatasthapana
🪔 घटस्थापना मुहूर्त: 06:10 AM – 10:14 AM (within 10 Ghatis of sunrise -- overlaps Rahu Kalam, adjust within window if possible)
🔁 Backup -- Abhijit Muhurta: 11:52 AM – 12:41 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 17
06:10:26 AM
🌒 Prathama Begins
Sep 17
04:37:19 PM
🌅 सूर्योदय
Sep 18
06:10:47 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 18
06:23:00 PM
🌓 Prathama Ends
Sep 18
07:05:04 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 19
06:11:08 AM
🙏
दिन 2: Brahmacharini
🗓 September 19, 1944
🌙 Dvitiiya (ends 09:25 PM)
⭐ Hasta (ends 12:57 PM)
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 18
06:10:47 AM
🌒 Dvitiiya Begins
Sep 18
07:05:04 PM
🌅 सूर्योदय
Sep 19
06:11:08 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 19
06:21:56 PM
🌓 Dvitiiya Ends
Sep 19
09:25:14 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 20
06:11:30 AM
🌙
दिन 3: Chandraghanta
🗓 September 20, 1944
🌙 Tritiiya (ends 11:33 PM)
⭐ Chitra (ends 03:41 PM)
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 19
06:11:08 AM
🌒 Tritiiya Begins
Sep 19
09:25:14 PM
🌅 सूर्योदय
Sep 20
06:11:30 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 20
06:20:52 PM
🌓 Tritiiya Ends
Sep 20
11:33:20 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 21
06:11:51 AM
🎃
दिन 4: Kushmanda
🗓 September 21, 1944
🌙 Chaturthi (ends 01:24 AM)
⭐ Swaati (ends 06:10 PM)
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 20
06:11:30 AM
🌒 चतुर्थी शुरू
Sep 20
11:33:20 PM
🌅 सूर्योदय
Sep 21
06:11:51 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 21
06:19:49 PM
🌓 चतुर्थी समाप्त
Sep 22
01:24:10 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 22
06:12:12 AM
🕊️
दिन 5: Skandamata
🗓 September 22, 1944
🌙 Panchami (ends 02:51 AM)
⭐ Visakha (ends 08:19 PM)
🔔 Lalitha Panchami
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 21
06:11:51 AM
🌒 पंचमी प्रारंभ
Sep 22
01:24:10 AM
🌅 सूर्योदय
Sep 22
06:12:12 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 22
06:18:45 PM
🌓 पंचमी समाप्त
Sep 23
02:51:45 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 23
06:12:34 AM
⚔️
दिन 6: Katyayani
🗓 September 23, 1944
🌙 Shashti (ends 03:49 AM)
⭐ Anuraadha (ends 10:00 PM)
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 22
06:12:12 AM
🌒 षष्ठी शुरू
Sep 23
02:51:45 AM
🌅 सूर्योदय
Sep 23
06:12:34 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 23
06:17:42 PM
🌓 षष्ठी समाप्त
Sep 24
03:49:33 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 24
06:12:55 AM
🌑
दिन 7: Kaalratri
🗓 September 24, 1944
🌙 Saptami (ends 04:11 AM)
⭐ Jyeshtha (ends 11:08 PM)
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 23
06:12:34 AM
🌒 सप्तमी प्रारंभ
Sep 24
03:49:33 AM
🌅 सूर्योदय
Sep 24
06:12:55 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 24
06:16:38 PM
🌓 सप्तमी समाप्त
Sep 25
04:11:18 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 25
06:13:17 AM
⚪
दिन 8: Mahagauri
🗓 September 25, 1944
🌙 Ashtami (ends 03:52 AM)
⭐ Moola (ends 11:37 PM)
🔔 Durga Ashtami, Saraswati Ahvahan, Bhadra Devi Puja: 10:09 AM, Sandhi Puja: 03:28 AM – 04:16 AM
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 24
06:12:55 AM
🌒 अष्टमी शुरू
Sep 25
04:11:18 AM
🌅 सूर्योदय
Sep 25
06:13:17 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 25
06:15:35 PM
🌓 अष्टमी समाप्त
Sep 26
03:52:03 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 26
06:13:39 AM
✨
दिन 9: Siddhidatri
🗓 September 26, 1944
🌙 Navami (ends 02:49 AM)
⭐ P.Ashadha (ends 11:23 PM)
🔔 महा नवमी, Balidan, Saraswati Puja
🌅 पिछला सूर्योदय
Sep 25
06:13:17 AM
🌒 नवमी शुरू
Sep 26
03:52:03 AM
🌅 सूर्योदय
Sep 26
06:13:39 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 26
06:14:32 PM
🌓 नवमी समाप्त
Sep 27
02:49:01 AM
🌅 अगला सूर्योदय
Sep 27
06:14:02 AM
🏹
दिन 10: Vijayadashami (Dussehra)
🗓 September 27, 1944
🌙 Dashami (ends 01:02 AM)
⭐ U.Ashada (ends 10:26 PM)
🔔 Saraswati Balidan
🏆 विजय मुहूर्त: 02:13 PM – 03:01 PM
🌒 दशमी शुरू
Sep 27
02:49:01 AM
🌅 सूर्योदय
Sep 27
06:14:02 AM
🌇 सूर्यास्त
Sep 27
06:13:29 PM
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
Sep 27
10:26:06 PM
🌓 दशमी समाप्त
Sep 28
01:02:15 AM
⭐ नक्षत्र समाप्त
Sep 28
08:47:45 PM
इस दिन का पंचांग · Abu Dhabi
🌓 तिथि
प्रतिपदा
⭐ नक्षत्र
उत्तराफाल्गुनी
🔯 योग
शुक्ल
🌅 सूर्योदय
06:10:47 AM
🌇 सूर्यास्त
06:23:00 PM
About

शारद नवरात्रि

शरद नवरात्रि (शरद ऋतु की नौ पवित्र रातें) चारों नवरात्रियों में सबसे व्यापक रूप से मनाई जाती है, और इसे महा नवरात्रि की उपाधि प्राप्त है। यह आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (आश्विन के शुक्ल पक्ष के पहले दिन) से आरंभ होकर नवमी को समाप्त होती है, और इसके बाद दसवें दिन विजयादशमी (दशहरा) आता है। नौ रातों तक पूरा उपमहाद्वीप देवी के नौ रूपों, नवदुर्गा, पर अपना ध्यान केंद्रित करता है, और व्रत, प्रार्थना, नृत्य, तथा भव्य सार्वजनिक समारोहों के माध्यम से उनकी आराधना करता है।

यह नौ रातें भारत भर में नाटकीय रूप से भिन्न रूप धारण करती हैं। गुजरात में नवरात्रि गरबा और डांडिया रास का पर्याय है: केंद्रीय दीपक या अंबा माता की प्रतिमा के चारों ओर किए जाने वाले वृत्ताकार लोकनृत्य, जो नौ रातों तक रातभर चलते हैं। पश्चिम बंगाल और असम में यह दुर्गा पूजा है: विश्व के महानतम धार्मिक तमाशों में से एक, जिसमें महिषासुर का वध करती दुर्गा की भव्य मिट्टी की प्रतिमाएँ हर मोहल्ले के सजे हुए पंडालों (अस्थायी मंदिरों) में स्थापित की जाती हैं। कर्नाटक में मैसूर दशहरा राजसी उत्सव है: 400 वर्ष पुरानी परंपरा जिसमें हाथियों की शोभायात्रा, रोशनी से जगमगाते महल, और नाडा हब्बा (राज्य पर्व) शामिल हैं। दक्षिण भारत में गोलू (बोम्मई कोलू) घरों को दिव्य कथाओं को दर्शाती गुड़ियों और मूर्तियों की सीढ़ीदार सजावट से भर देता है।

नवरात्रि के केंद्र में है देवी के नौ रूपों, नवदुर्गा, की पूजा। हर दिन एक रूप को समर्पित है: शैलपुत्री (पर्वत की पुत्री), ब्रह्मचारिणी (तपस्विनी), चंद्रघंटा (अर्धचंद्र से सुशोभित), कूष्मांडा (ब्रह्मांडीय अंड की रचयिता), स्कंदमाता (कार्तिकेय की माता), कात्यायनी (योद्धा देवी), कालरात्रि (अंधकारमय रात्रि), महागौरी (तेजस्वी श्वेत), और सिद्धिदात्री (अलौकिक शक्तियों की दात्री)। भक्तजन व्रत रखते हैं, पुष्प अर्पित करते हैं, और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं: देवी की स्तुति में 700 श्लोक।

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
Yā devī sarvabhūteṣu śaktirūpeṇa saṃsthitā, namastasyai namastasyai namastasyai namo namaḥ.
"Salutations, salutations, salutations to that Goddess who abides in all beings in the form of power."
Durga Saptashati
Tradition & Practice
🌺
दुर्गा के 9 रूप
नौ रातों में से हर एक नवदुर्गा के एक रूप को समर्पित है: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, और सिद्धिदात्री। भक्तजन हर रूप की पूजा एक विशेष रंग, पुष्प, और भोग के साथ करते हैं, और दुर्गा सप्तशती के संबंधित अध्याय का पाठ करते हैं।
💃
गरबा और डांडिया रास
गुजरात और उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में नवरात्रि की रातों का अर्थ है गरबा (मिट्टी के दीपक-पात्र के चारों ओर किया जाने वाला वृत्ताकार भक्ति नृत्य) और डांडिया रास (ऊर्जावान डंडा नृत्य)। दोनों सामुदायिक मैदानों में नौ रातों तक किए जाते हैं, जिनमें हज़ारों लोग पारंपरिक चनिया चोली (महिलाएँ) और केडियु (पुरुष) पहनकर चटख रंगों में शामिल होते हैं।
🏮
बंगाल की दुर्गा पूजा
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पूरे राज्य को पाँच दिनों के लिए रूपांतरित कर देती है। महिषासुर का वध करती दस भुजाओं वाली दुर्गा की भव्य मिट्टी की प्रतिमाएँ निपुण कारीगरों द्वारा बनाई जाती हैं और सजे हुए सामुदायिक पंडालों में स्थापित की जाती हैं। विजयादशमी को प्रतिमाओं को नदियों और झीलों में भावुक विसर्जन अनुष्ठान के साथ प्रवाहित किया जाता है।
🐘
मैसूर दशहरा
मैसूर दशहरा (400 वर्ष पुराना) कर्नाटक की राजसी नवरात्रि है। दस दिनों तक मैसूर महल को हर शाम 1,00,000 बल्बों से रोशन किया जाता है। विजयादशमी को सज्जित हाथियों, लोक कलाकारों, और हज़ारों सैनिकों के साथ स्वर्ण सिंहासन की शोभायात्रा जंबू सवारी में शहर से होकर गुज़रती है।
🪆
बोम्मई कोलू
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, और केरल में गोलू (बोम्मई कोलू / बोम्मला कोलुवु) कपड़े से ढकी सीढ़ीदार लकड़ी की पायदानों को सजाने की परंपरा है, जिन पर सैकड़ों गुड़िया (देवी-देवता, पौराणिक दृश्य, ग्राम जीवन) सजाई जाती हैं। परिवार पड़ोसियों को यह सजावट देखने आमंत्रित करते हैं; बच्चों को तांबूलम (पान के पत्ते, हल्दी, और उपहार) दिया जाता है।
🌿
व्रत और उपवास परंपराएँ
नवरात्रि का उपवास क्षेत्र के अनुसार भिन्न होता है। कुछ भक्तजन दिन में केवल एक बार साबूदाना, फल, और सेंधा नमक से बना भोजन करते हैं। कुछ विशेष दिनों में पूर्ण उपवास रखते हैं। अखंड ज्योति (नौ दिनों तक निरंतर जलता रहने वाला दीपक) अधिकांश घरेलू अनुष्ठानों का केंद्र है, और व्रत पूर्ण होने तक इसे बुझने नहीं दिया जाता।
शास्त्री जी से पूछें
📅 शारद नवरात्रि 1944 कब है? ⏰ शारद नवरात्रि मुहूर्त 📖 September 18, 1944 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

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