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राघवेंद्र वर्धंती जयंती 2005
फाल्गुन शुक्ल सप्तमी: श्री राघवेंद्र स्वामी का प्राकट्य दिवस
📍
बेंगलुरु, भारत
राघवेंद्र वर्धंती जयंती · 2005
📍 बेंगलुरु, भारत
गुरुवार, मार्च 17, 2005
फाल्गुन शुक्ल सप्तमी: श्री राघवेंद्र स्वामी का प्राकट्य दिवस
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
06:26:47 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
06:29:30 अपराह्न
🌅 पिछला सूर्योदय
मार्च 16
06:27:26 पूर्वाह्न
🪈 सप्तमी प्रारंभ
मार्च 16
10:05:27 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
मार्च 17
06:26:47 पूर्वाह्न
🪈 सप्तमी समाप्त
मार्च 17
11:46:55 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
मार्च 17
06:29:30 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
मार्च 18
06:26:08 पूर्वाह्न
परिचय
राघवेंद्र वर्धंती जयंती
राघवेंद्र वर्धंती जयंती माधव संप्रदाय के पूजनीय संत एवं द्वैत दार्शनिक श्री राघवेंद्र स्वामी के प्राकट्य दिवस का स्मरण कराती है, जो फाल्गुन शुक्ल सप्तमी को मनाई जाती है।
माधव संप्रदाय के प्रमुख पीठाधीश्वर श्री राघवेंद्र स्वामी द्वैत वेदांत पर अपनी टीकाओं के लिए पूजनीय हैं और आज भी मंत्रालयम में अपने बृंदावन में पूजे जाते हैं। उनका प्राकट्य दिवस माधव मठों तथा उनसे संबंधित मंदिरों में विशेष सेवा और प्रार्थना के साथ मनाया जाता है।
परंपरा और विधि
श्री राघवेंद्र स्वामी
पूजनीय माधव संत एवं द्वैत दार्शनिक, जिन्हें मंत्रालयम स्थित उनके बृंदावन में पूजा जाता है।
द्वैत वेदांत
श्री राघवेंद्र स्वामी ने द्वैत दर्शन की रक्षा एवं विस्तार करने वाली प्रभावशाली टीकाएं रचीं।
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