mypanchang.com 📖 Articles
ॐ

ऋग्वेद उपाकर्म 2133: Lucknow, Uttar Pradesh

ऋग्वेदियों के लिए यज्ञोपवीत के वार्षिक नवीनीकरण की तिथि, आपके शहर के लिए

📍 Lucknow, Uttar Pradesh, India
‹ 2133 ›
ऋग्वेद उपाकर्म · 2133
📍 Lucknow, Uttar Pradesh, India
पुनरावृत्ति
प्रतिवर्ष करने वाला
August 15, 2133
प्रथम बार
उपनयन के बाद
September 11, 2133
ऋग्वेदियों के लिए यज्ञोपवीत के वार्षिक नवीनीकरण की तिथि, आपके शहर के लिए
Rigveda Upakarma Dates · Lucknow
पुनरावृत्ति
August 15, 2133
Shravana Nakshatra
प्रथम बार
September 11, 2133
Shravana Nakshatra
Guru Modhyami started before Sep 11, 2133, ends at Aug 19, 2133
🌅 पिछला सूर्योदय
Aug 14
05:38:58 AM
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
Aug 14
05:16:15 PM
🌅 सूर्योदय
Aug 15
05:39:27 AM
🌇 सूर्यास्त
Aug 15
06:43:02 PM
⭐ नक्षत्र समाप्त
Aug 15
08:06:13 PM
🌅 अगला सूर्योदय
Aug 16
05:39:56 AM
About

ऋग्वेद उपाकर्म

ऋग्वेद उपाकर्म यज्ञोपवीत (पवित्र जनेऊ) का वार्षिक नवीनीकरण है, जो ऋग्वेद अनुयायी परिवारों द्वारा मनाया जाता है, और परंपरागत रूप से श्रावण शुक्ल पक्ष में श्रवण नक्षत्र पर आधारित होता है।

कालतत्त्व-विवेचन के संग्रहीत श्लोकों के अनुसार, मुख्य समय श्रवण नक्षत्र है; यदि यह उपलब्ध न हो या ग्रहण, संक्रांति, अथवा गुरु/शुक्र अस्त से बाधित हो, तो अगला विकल्प पंचमी तिथि है, फिर हस्त नक्षत्र -- और यदि इनमें से कोई भी श्रावण मास में संभव न हो, तो यही क्रम भाद्रपद शुक्ल पक्ष में पुनः आज़माया जाता है।

नीचे दी गई तालिका में गणना की गई तिथि दिखाई गई है -- उन दोनों के लिए जो इस व्रत को प्रतिवर्ष दोहराते हैं और उनके लिए भी जो पहली बार इसे कर रहे हैं।

Tradition & Practice
⭐
श्रवण नक्षत्र पर आधारित
मुख्य समय श्रावण शुक्ल पक्ष में श्रवण नक्षत्र है।
🕉️
तीन समय विकल्प
श्रवण नक्षत्र, पंचमी तिथि, और हस्त नक्षत्र, इसी प्राथमिकता क्रम में।
📅
श्रावण, फिर भाद्रपद
यदि तीनों में से कोई भी श्रावण मास में उपयुक्त न हो, तो यही क्रम भाद्रपद शुक्ल पक्ष में पुनः आज़माया जाता है।
शास्त्री जी से पूछें
📅 ऋग्वेद उपाकर्म 2133 कब है? ⏰ August 15, 2133 का मुहूर्त 📖 August 15, 2133 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

Explore today's Panchang, festivals, muhurtha and more

🕉 Open Panchang Chat
Select Language
Loading…
Change Location