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ॐ

शारद नवरात्र 2138: Dallas, Texas

आश्विन शुद्ध प्रतिपदा, देवीची महान शरद नवरात्री

📍 Dallas, Texas, America (United States)
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शारद नवरात्र · 2138
📍 Dallas, Texas, America (United States)
ऑक्टोबर 4, 2138
आश्विन शुद्ध प्रतिपदा, देवीची महान शरद नवरात्री
नऊ रात्री, दिवसागणिक · Dallas
🏔️
ଦିନ 1: ଶୈଳପୁତ୍ରୀ
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 4, 2138
🌙 ପ୍ରତିପଦା (ସମାପ୍ତ 01:25 AM)
⭐ ହସ୍ତ (ସମାପ୍ତ 04:08 PM)
🔔 ଘଟସ୍ଥାପନା
🪔 ଘଟସ୍ଥାପନା ମୁହୂର୍ତ୍ତ: 07:25 AM – 11:19 AM (ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟର 10 ଘଟି ମଧ୍ୟରେ, ରାହୁ କାଳ ସହ ମିଶୁଛି, ସମ୍ଭବ ହେଲେ ଏହି ସମୟସୀମା ମଧ୍ୟରେ ବଦଳାନ୍ତୁ)
🔁 ବିକଳ୍ପ: ଅଭିଜିତ ମୁହୂର୍ତ୍ତ: 12:52 PM – 01:39 PM
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 3
07:24:10 AM
🌒 ପ୍ରତିପଦା ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 4
12:03:30 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 4
07:24:52 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 4
07:07:24 PM
🌓 ପ୍ରତିପଦା ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 5
01:25:27 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 5
07:25:33 AM
🙏
ଦିନ 2: ବ୍ରହ୍ମଚାରିଣୀ
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 5, 2138
🌙 ଦ୍ୱିତୀୟା (ସମାପ୍ତ 02:21 AM)
⭐ ଚିତ୍ରା (ସମାପ୍ତ 05:48 PM)
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 4
07:24:52 AM
🌒 ଦ୍ୱିତୀୟା ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 5
01:25:27 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 5
07:25:33 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 5
07:06:06 PM
🌓 ଦ୍ୱିତୀୟା ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 6
02:20:54 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 6
07:26:14 AM
🌙
ଦିନ 3: ଚନ୍ଦ୍ରଘଣ୍ଟା
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 6, 2138
🌙 ତୃତୀୟା (ସମାପ୍ତ 02:50 AM)
⭐ ସ୍ୱାତୀ (ସମାପ୍ତ 07:03 PM)
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 5
07:25:33 AM
🌒 ତୃତୀୟା ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 6
02:20:54 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 6
07:26:14 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 6
07:04:48 PM
🌓 ତୃତୀୟା ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 7
02:50:15 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 7
07:26:56 AM
🎃
ଦିନ 4: କୁଷ୍ମାଣ୍ଡା
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 7, 2138
🌙 ଚତୁର୍ଥୀ (ସମାପ୍ତ 02:54 AM)
⭐ ବିଶାଖା (ସମାପ୍ତ 07:53 PM)
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 6
07:26:14 AM
🌒 ଚତୁର୍ଥୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 7
02:50:15 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 7
07:26:56 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 7
07:03:31 PM
🌓 ଚତୁର୍ଥୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 8
02:54:07 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 8
07:27:39 AM
🕊️
ଦିନ 5: ସ୍କନ୍ଦମାତା
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 8, 2138
🌙 ପଞ୍ଚମୀ (ସମାପ୍ତ 02:33 AM)
⭐ ଅନୁରାଧା (ସମାପ୍ତ 08:18 PM)
🔔 ଲଳିତା ପଞ୍ଚମୀ
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 7
07:26:56 AM
🌒 ପଞ୍ଚମୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 8
02:54:07 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 8
07:27:39 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 8
07:02:14 PM
🌓 ପଞ୍ଚମୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 9
02:32:55 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 9
07:28:21 AM
⚔️
ଦିନ 6: କାତ୍ୟାୟନୀ
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 9, 2138
🌙 ଷଷ୍ଠୀ (ସମାପ୍ତ 01:46 AM)
⭐ ଜ୍ୟେଷ୍ଠା (ସମାପ୍ତ 08:18 PM)
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 8
07:27:39 AM
🌒 ଷଷ୍ଠୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 9
02:32:55 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 9
07:28:21 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 9
07:00:58 PM
🌓 ଷଷ୍ଠୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 10
01:46:42 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 10
07:29:04 AM
🌑
ଦିନ 7: କାଳରାତ୍ରି
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 10, 2138
🌙 ସପ୍ତମୀ (ସମାପ୍ତ 12:35 AM)
⭐ ମୂଳା (ସମାପ୍ତ 07:54 PM)
🔔 ସରସ୍ୱତୀ ଆବାହନ, ଭଦ୍ରା ଦେବୀ ପୂଜା: ଅକ୍ଟୋବର/11 06:12 AM
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 9
07:28:21 AM
🌒 ସପ୍ତମୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 10
01:46:42 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 10
07:29:04 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 10
06:59:43 PM
🌓 ସପ୍ତମୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 11
12:35:21 AM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 11
07:29:47 AM
⚪
ଦିନ 8: ମହାଗୌରୀ
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 11, 2138
🌙 ଅଷ୍ଟମୀ (ସମାପ୍ତ 10:59 PM)
⭐ ପୂର୍ବାଷାଢ଼ା (ସମାପ୍ତ 07:05 PM)
🔔 ଦୁର୍ଗାଷ୍ଟମୀ, ସରସ୍ୱତୀ ପୂଜା, ସନ୍ଧି ପୂଜା: 10:35 PM – 11:22 PM
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 10
07:29:04 AM
🌒 ଅଷ୍ଟମୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 11
12:35:21 AM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 11
07:29:47 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 11
06:58:28 PM
🌓 ଅଷ୍ଟମୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 11
10:58:57 PM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 12
07:30:31 AM
✨
ଦିନ 9: ସିଦ୍ଧିଦାତ୍ରୀ
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 12, 2138
🌙 ନବମୀ (ସମାପ୍ତ 08:58 PM)
⭐ ଉତ୍ତରାଷାଢ଼ା (ସମାପ୍ତ 05:52 PM)
🔔 ମହା ନବମୀ, ବଳିଦାନ, ସରସ୍ୱତୀ ବଳିଦାନ, ସରସ୍ୱତୀ ବିସର୍ଜନ
🌅 ପୂର୍ବ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 11
07:29:47 AM
🌒 ନବମୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 11
10:58:57 PM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 12
07:30:31 AM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 12
06:57:14 PM
🌓 ନବମୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 12
08:58:16 PM
🌅 ପରବର୍ତ୍ତୀ ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 13
07:31:15 AM
🏹
ଦିନ 10: ବିଜୟ ଦଶମୀ (ଦଶହରା)
🗓 ଅକ୍ଟୋବର 13, 2138
🌙 ଦଶମୀ (ସମାପ୍ତ 06:35 PM)
⭐ ଶ୍ରବଣା (ସମାପ୍ତ 04:16 PM)
🏆 ବିଜୟ ମୁହୂର୍ତ୍ତ: 03:07 PM – 03:53 PM
⭐ ନକ୍ଷତ୍ର ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 12
05:51:54 PM
🌒 ଦଶମୀ ଆରମ୍ଭ
ଅକ୍ଟୋବର 12
08:58:16 PM
🌅 ସୂର୍ଯ୍ୟୋଦୟ
ଅକ୍ଟୋବର 13
07:31:15 AM
⭐ ନକ୍ଷତ୍ର ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 13
04:16:02 PM
🌓 ଦଶମୀ ସମାପ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 13
06:35:16 PM
🌇 ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତ
ଅକ୍ଟୋବର 13
06:56:00 PM
या दिवसाचे पंचांग · Dallas
🌓 तिथी
प्रतिपदा
⭐ नक्षत्र
हस्त
🔯 योग
ऐंद्र
🌅 सूर्योदय
07:24:52 AM
🌇 सूर्यास्त
07:07:24 PM
परिचय

शारद नवरात्र

शारदीय नवरात्र (शरद ऋतूतील नऊ पवित्र रात्री) हे चारही नवरात्रांपैकी सर्वाधिक व्यापकपणे साजरे होणारे नवरात्र आहे, म्हणूनच त्याला महानवरात्र असेही म्हटले जाते. याची सुरुवात आश्विन शुक्ल प्रतिपदेला (आश्विन महिन्याच्या शुक्ल पक्षाच्या पहिल्या दिवशी) होते आणि नवमीला याची सांगता होते, त्यानंतर दहाव्या दिवशी विजयादशमी (दसरा) येतो. या नऊ रात्रींमध्ये संपूर्ण उपखंडाचे लक्ष देवीच्या नऊ रूपांकडे, नवदुर्गेकडे, वळते. उपवास, प्रार्थना, नृत्य आणि भव्य सार्वजनिक उत्सवांद्वारे तिची आराधना केली जाते.

भारतभर या नऊ रात्रींचे स्वरूप नाट्यमयरीत्या वेगवेगळे असते. गुजरातमध्ये नवरात्र म्हणजे गरबा आणि दांडिया रास: अंबा मातेच्या मूर्तीभोवती किंवा मध्यवर्ती दिव्याभोवती फेर धरून केले जाणारे वर्तुळाकार लोकनृत्य, जे नऊ रात्री रात्रभर चालते. पश्चिम बंगाल आणि आसाममध्ये हा दुर्गापूजेचा सण असतो: जगातील सर्वात भव्य धार्मिक उत्सवांपैकी एक, ज्यात महिषासुराचा वध करणाऱ्या दुर्गेच्या विस्तृत मातीच्या मूर्ती प्रत्येक परिसरातील सजवलेल्या मंडपांमध्ये (तात्पुरत्या देवालयांमध्ये) स्थापित केल्या जातात. कर्नाटकात म्हैसूर दसरा हा राजेशाही उत्सव आहे: हत्तींच्या मिरवणुका, रोषणाईने उजळलेले राजवाडे आणि नाडा हब्बा (राज्य उत्सव) यांची ४०० वर्षे जुनी परंपरा. दक्षिण भारतात गोलू (बोम्मई कोलू) मध्ये घरे दैवी कथा दर्शवणाऱ्या बाहुल्या आणि मूर्तींच्या थरांनी भरलेली असतात.

नवरात्राच्या केंद्रस्थानी असते देवीच्या नऊ रूपांची, नवदुर्गेची, आराधना. प्रत्येक दिवस एका रूपाला समर्पित असतो: शैलपुत्री (पर्वतकन्या), ब्रह्मचारिणी (तपस्विनी), चंद्रघंटा (चंद्रकोरधारी), कूष्मांडा (विश्वांडाची निर्माती), स्कंदमाता (कार्तिकेयाची माता), कात्यायनी (योद्धा देवी), कालरात्री (काळरात्र), महागौरी (तेजस्वी गौरवर्णी) आणि सिद्धिदात्री (सिद्धी देणारी). भक्त उपवास करतात, फुले अर्पण करतात आणि देवीच्या स्तुतीपर सातशे श्लोकांची, दुर्गा सप्तशतीची, पारायणे करतात.

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
"जी देवी सर्व प्राण्यांमध्ये शक्तीरूपाने वास करते, तिला नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार."
दुर्गा सप्तशती
परंपरा आणि आचरण
🌺
दुर्गेची ९ रूपे
नऊ रात्रींपैकी प्रत्येक रात्र नवदुर्गेच्या एका रूपाला समर्पित असते: शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्री, महागौरी आणि सिद्धिदात्री. भक्त प्रत्येक रूपाची विशिष्ट रंग, फूल आणि नैवेद्य अर्पण करून पूजा करतात, आणि दुर्गा सप्तशतीचा संबंधित अध्याय पठण करतात.
💃
गरबा आणि दांडिया रास
गुजरात आणि बहुतांश उत्तर भारतात नवरात्राच्या रात्री म्हणजे गरबा (मातीच्या दिव्याभोवती फेर धरून केले जाणारे भक्तिनृत्य) आणि दांडिया रास (उत्साही काठ्यांचे नृत्य). दोन्ही सामूहिक मैदानांवर सलग नऊ रात्री खेळले जातात, ज्यात रंगीबेरंगी पारंपरिक चनिया चोली (स्त्रिया) आणि केडियु (पुरुष) परिधान केलेले हजारो सहभागी असतात.
🏮
बंगालची दुर्गापूजा
पश्चिम बंगालमध्ये दुर्गापूजा पाच दिवसांसाठी संपूर्ण राज्याचे रूप पालटते. महिषासुराचा वध करणाऱ्या दहा हातांच्या दुर्गेच्या विस्तृत मातीच्या मूर्ती कुशल कारागीर घडवतात आणि सजवलेल्या सार्वजनिक मंडपांमध्ये स्थापित करतात. विजयादशमीला या मूर्तींचे नद्या आणि तलावांमध्ये भावनिक विसर्जन केले जाते.
🐘
म्हैसूर दसरा
म्हैसूर दसरा (४०० वर्षे जुना) हा कर्नाटकचा राजेशाही नवरात्रोत्सव आहे. दहा दिवस दररोज संध्याकाळी म्हैसूर राजवाडा एक लाख दिव्यांनी उजळवला जातो. विजयादशमीला, सजवलेल्या हत्तींसह सुवर्ण सिंहासनाची मिरवणूक, लोककलाकार आणि हजारो सैनिकांसह जांबू सवारी शहरातून जाते.
🪆
बोम्मई कोलू
तामिळनाडू, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक आणि केरळमध्ये, गोलू (बोम्मई कोलू / बोम्मला कोलुवू) ही परंपरा आहे, ज्यात कापडाने झाकलेल्या थरांच्या पायऱ्या उभारून त्यावर शेकडो बाहुल्या (देव, देवी, पौराणिक प्रसंग, ग्रामजीवन) मांडल्या जातात. कुटुंबे शेजाऱ्यांना ही मांडणी पाहण्यासाठी आमंत्रित करतात; मुलांना तांबूलम (विडयाची पाने, हळद आणि भेटवस्तू) दिले जाते.
🌿
उपवास आणि व्रत परंपरा
नवरात्रातील उपवास प्रदेशानुसार वेगवेगळे असतात. काही भक्त दिवसातून एकदाच साबुदाणा, फळे आणि सैंधव मीठ यांचे भोजन घेतात. काही ठराविक दिवशी पूर्ण उपवास करतात. नऊही दिवस अखंड तेवत ठेवलेली अखंड ज्योत बहुतांश घरगुती व्रतांच्या केंद्रस्थानी असते आणि व्रत पूर्ण होईपर्यंत ती विझवली जात नाही.
शास्त्रीजींना विचारा
📅 शारद नवरात्र 2138 कधी आहे? ⏰ शारद नवरात्र मुहूर्त 📖 ऑक्टोबर 4, 2138 चे पंचांग 💬 पंचांग चॅट उघडा

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