सिंह राशि में सूर्य, श्रवण नक्षत्र: केरल का फसल पर्व और राजा महाबलि का स्वागत
थिरु ओणम (तिरुवोणम्) केरल के सबसे प्रसिद्ध उत्सव ओणम का भव्य शिखर है, जो तब मनाया जाता है जब सूर्य सिंह राशि (मलयालम मास चिंगम्) में हों और श्रवण नक्षत्र व्याप्त हो।
ओणम महान राजा महाबलि के वार्षिक घर लौटने का स्मरण है, एक उदार असुर शासक, जिनके राज्य को केरल की लोक परंपरा समृद्धि और समानता के स्वर्ण युग के रूप में याद करती है। कथा के अनुसार विष्णु ने अपने वामन अवतार में महाबलि को पाताल भेज दिया, किंतु उन्हें एक वर दिया: हर वर्ष एक बार अपनी प्रजा से मिलने लौटने का। थिरु ओणम उसी वार्षिक आगमन का दिन है, और विश्व भर के केरलवासी विस्तृत उत्सव के साथ उनका स्वागत करते हैं।
थिरु ओणम से पहले के दस दिन तैयारी से भरे रहते हैं: द्वारों पर पूक्कलम् नामक सुंदर पुष्प कालीन बिछाए जाते हैं जो हर दिन बड़े होते जाते हैं, घरों की सफाई और सजावट होती है, और नए वस्त्र (ओणक्कोडि) तैयार किए जाते हैं। स्वयं थिरु ओणम ओणम सद्या से मनाया जाता है, केले के पत्तों पर परोसा जाने वाला भव्य शाकाहारी भोज जिसमें दो दर्जन तक व्यंजन होते हैं, और वल्लमकळि से, केरल की प्रसिद्ध सर्प नौका दौड़, साथ ही पुलिकळि (बाघ नृत्य) और तिरुवातिरा कळि जैसी लोक प्रस्तुतियों से।
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