ॐ
उपाकर्म 1884: लखनऊ, उत्तर प्रदेश
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
📍
लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत
उपाकर्म · 1884
📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश, भारत
ऋग्वेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
पूरा पृष्ठ →
ऋग्वेद उपाकर्म
प्रथम बार
सितम्बर 3, 1884
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 5, 1884
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 5, 1884
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 5, 1884
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अगस्त 24, 1884
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
अगस्त 24, 1884
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
अगस्त 24, 1884
पूरा पृष्ठ →
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · लखनऊ
ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
श्रवण नक्षत्र
प्रथम बार
सितम्बर 3, 1884
श्रवण नक्षत्र
Guru Modhyami सितम्बर 3, 1884 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 19, 1884 को समाप्त
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 5
05:25:13 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 6
04:47:29 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 6
05:25:43 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 6
06:40:56 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 7
05:26:14 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 7
05:55:10 पूर्वाह्न
यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 5, 1884
भाद्रपद पूर्णिमा
Guru Modhyami सितम्बर 5, 1884 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 19, 1884 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 5, 1884
भाद्रपद पूर्णिमा
Guru Modhyami सितम्बर 5, 1884 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 19, 1884 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 5, 1884
भाद्रपद पूर्णिमा
Guru Modhyami सितम्बर 5, 1884 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 19, 1884 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 1884
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
अगस्त 24, 1884
हस्त नक्षत्र, भाद्रपद
Guru Modhyami अगस्त 24, 1884 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 19, 1884 को समाप्त
गायत्री जप
अगस्त 7, 1884
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 5
05:25:13 पूर्वाह्न
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 6
03:59:14 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 6
05:25:43 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 6
06:40:56 अपराह्न
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 7
04:27:51 पूर्वाह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 7
05:26:14 पूर्वाह्न
सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
अगस्त 24, 1884
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रातःकाल/सांगव काल विकल्प: भाद्रपद हस्त नक्षत्र (सांगव काल): अगस्त 23, 1884
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 23
05:34:02 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 23
04:26:58 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 24
05:34:30 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 24
05:36:19 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 24
06:25:08 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 25
05:34:57 पूर्वाह्न
परिचय
उपाकर्म
उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।
ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।
जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।
परंपरा और विधि
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
पूर्ण शास्त्रीय तर्क पढ़ें
Upākarma Nirṇaya: The Śāstric Determination of the Upākarma Day
हिन्दी में पढ़ें
उपाकर्म-निर्णय: उपाकर्म-दिन का शास्त्रीय निर्णय
पंचांग खोलें
लखनऊ का दैनिक पंचांग
अन्वेषण करें
सभी लेख
आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें
🕉 पंचांग चैट खोलें