ॐ
उपाकर्म 1896: बेंगलुरु, कर्नाटक
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
📍
बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
उपाकर्म · 1896
📍 बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
ऋग्वेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 13, 1896
पूरा पृष्ठ →
ऋग्वेद उपाकर्म
प्रथम बार
सितम्बर 18, 1896
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 21, 1896
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 21, 1896
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 21, 1896
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
सितम्बर 9, 1896
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
सितम्बर 9, 1896
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
सितम्बर 9, 1896
पूरा पृष्ठ →
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · बेंगलुरु
ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
पुनरावृत्ति
अगस्त 13, 1896
Panchami Tithi
प्रथम बार
सितम्बर 18, 1896
श्रवण नक्षत्र
Guru Modhyami सितम्बर 18, 1896 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 23, 1896 को समाप्त
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 20
05:59:59 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 21
06:00:04 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 21
06:17:54 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 21
06:27:34 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 22
06:00:09 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 22
07:39:32 पूर्वाह्न
यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 21, 1896
भाद्रपद पूर्णिमा
Guru Modhyami सितम्बर 21, 1896 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 23, 1896 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 21, 1896
भाद्रपद पूर्णिमा
Guru Modhyami सितम्बर 21, 1896 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 23, 1896 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 21, 1896
भाद्रपद पूर्णिमा
Guru Modhyami सितम्बर 21, 1896 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 23, 1896 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 23, 1896
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
सितम्बर 9, 1896
हस्त नक्षत्र, भाद्रपद
Guru Modhyami सितम्बर 9, 1896 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 23, 1896 को समाप्त
गायत्री जप
अगस्त 24, 1896
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 22
06:00:09 पूर्वाह्न
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 22
11:11:48 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 23
06:00:13 पूर्वाह्न
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 23
12:25:31 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 23
06:26:24 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 24
06:00:17 पूर्वाह्न
सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
सितम्बर 9, 1896
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 8
06:00:46 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
सितम्बर 8
10:18:50 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 9
06:00:46 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 9
06:15:17 अपराह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 9
07:34:49 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 10
06:00:47 पूर्वाह्न
उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति
- ☀️ सिंह संक्रांति: शनिवार, अगस्त 15, 1896, 12:18 AM MMT · उपाकर्म के 1 पंचांग दिवस बाद (अगस्त 13, 1896)
परिचय
उपाकर्म
उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।
ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।
जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।
परंपरा और विधि
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
पूर्ण शास्त्रीय तर्क पढ़ें
Upākarma Nirṇaya: The Śāstric Determination of the Upākarma Day
हिन्दी में पढ़ें
उपाकर्म-निर्णय: उपाकर्म-दिन का शास्त्रीय निर्णय
पंचांग खोलें
बेंगलुरु का दैनिक पंचांग
अन्वेषण करें
सभी लेख
आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें
🕉 पंचांग चैट खोलें