ॐ
उपाकर्म 2115: बेंगलुरु, कर्नाटक
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
📍
बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
उपाकर्म · 2115
📍 बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
ऋग्वेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 2115
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ऋग्वेद उपाकर्म
प्रथम बार
सितम्बर 29, 2115
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शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
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शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अक्तूबर 3, 2115
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कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
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कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अक्तूबर 3, 2115
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कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
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कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अक्तूबर 3, 2115
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कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
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कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अगस्त 5, 2115 (parihara)
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सामवेद उपाकर्म
सितम्बर 19, 2115 (Parihara)
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सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
सितम्बर 19, 2115 (Parihara)
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आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · बेंगलुरु
ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
पुनरावृत्ति
अगस्त 6, 2115
श्रवण नक्षत्र
प्रथम बार
सितम्बर 29, 2115
श्रवण नक्षत्र
Shukra Modhyami सितम्बर 29, 2115 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 10, 2115 को समाप्त
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 5
06:07:11 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 5
07:18:54 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 6
06:07:21 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 6
09:54:23 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 6
06:44:32 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 7
06:07:31 पूर्वाह्न
यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
अक्तूबर 3, 2115
भाद्रपद पूर्णिमा
Shukra Modhyami अक्तूबर 3, 2115 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 10, 2115 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
अक्तूबर 3, 2115
भाद्रपद पूर्णिमा
Shukra Modhyami अक्तूबर 3, 2115 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 10, 2115 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
अक्तूबर 3, 2115
भाद्रपद पूर्णिमा
Shukra Modhyami अक्तूबर 3, 2115 से पहले आरंभ हुआ, अगस्त 10, 2115 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 5, 2115
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 5, 2115
शुक्र अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
गायत्री जप
अगस्त 6, 2115
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 4
06:07:00 पूर्वाह्न
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 4
07:49:02 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 5
06:07:11 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 5
06:44:55 अपराह्न
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 5
09:56:02 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 6
06:07:21 पूर्वाह्न
सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
परिहार सहित: सितम्बर 19, 2115
इस दिन फिर भी यज्ञोपवीत धारण (जनेऊ बदलना) करें, मानक मंत्र का उच्चारण कर पुराना जनेऊ त्यागें। इससे संध्यावंदन जैसे नित्यकर्म वैध बने रहते हैं, भले ही पूर्ण उपाकर्म शुभ समय पर न हो सके।
निर्णयसिंधु के अनुसार, चूके हुए कर्म के परिहार हेतु उपवास या प्राजापत्य कृच्छ्र करें।
नदी या पवित्र जलाशय में स्नान करें और सरल ऋषि तर्पण अर्पित करें। कहा जाता है कि इससे शेष दोष शुद्ध हो जाता है।
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 18
06:09:50 पूर्वाह्न
☀️ संक्रांति
सितम्बर 19
03:28:07 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 19
06:09:50 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
सितम्बर 19
07:37:09 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 19
06:17:55 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 20
06:09:50 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 20
06:45:51 पूर्वाह्न
उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति
- ☀️ कन्या संक्रांति: गुरुवार, सितम्बर 19, 2115, 3:28 AM IST · उपाकर्म से 1 पंचांग दिवस पहले (सितम्बर 19, 2115)
परिचय
उपाकर्म
उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।
ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।
जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।
परंपरा और विधि
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
पूर्ण शास्त्रीय तर्क पढ़ें
Upākarma Nirṇaya: The Śāstric Determination of the Upākarma Day
हिन्दी में पढ़ें
उपाकर्म-निर्णय: उपाकर्म-दिन का शास्त्रीय निर्णय
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