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ॐ

उपाकर्म 2168: London, England

आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ

📍 London, England, United Kingdom
उपाकर्म तिथियाँ · London

ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

अगस्त 17, 2168
श्रवण नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 16
05:51:13 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 17
04:24:53 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 17
05:52:47 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 17
08:17:13 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 18
05:54:22 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 18
06:58:01 पूर्वाह्न
☀️ संक्रांति
अगस्त 18
12:55:00 अपराह्न

यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

शुक्ल यजुर्वेद
सितम्बर 16, 2168
भाद्रपद पूर्णिमा
संक्रांति (सिंह): अगस्त 18, 2168 12:55 PM
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
सितम्बर 16, 2168
भाद्रपद पूर्णिमा
संक्रांति (सिंह): अगस्त 18, 2168 12:55 PM
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
सितम्बर 16, 2168
भाद्रपद पूर्णिमा
संक्रांति (सिंह): अगस्त 18, 2168 12:55 PM
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
अगस्त 8, 2168
हस्त नक्षत्र, श्रावण शुक्ल
संक्रांति (सिंह): अगस्त 18, 2168 12:55 PM
गायत्री जप
अगस्त 19, 2168
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 17
05:52:47 पूर्वाह्न
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 17
06:57:39 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 18
05:54:22 पूर्वाह्न
☀️ संक्रांति
अगस्त 18
12:55:00 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 18
08:15:10 अपराह्न
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 18
08:42:30 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 19
05:55:56 पूर्वाह्न

सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →

सामवेद उपाकर्म
सितम्बर 4, 2168
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 3
06:19:37 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
सितम्बर 3
07:49:21 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 4
06:21:12 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 4
07:07:24 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 4
07:38:23 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 5
06:22:46 पूर्वाह्न

उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति

  • ☀️ सिंह संक्रांति: गुरुवार, अगस्त 18, 2168, 12:55 PM BST · उपाकर्म के 1 पंचांग दिवस बाद (अगस्त 17, 2168)
  • ☀️ कन्या संक्रांति: रविवार, सितम्बर 18, 2168, 12:57 PM BST · उपाकर्म के 2 पंचांग दिवस बाद (सितम्बर 16, 2168)
परिचय

उपाकर्म

उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।

ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।

जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।

परंपरा और विधि
⭐
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
🌕
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
🌾
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
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