ॐ
उपाकर्म 2170: London, England
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
📍
London, England, United Kingdom
उपाकर्म · 2170
📍 London, England, United Kingdom
ऋग्वेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 25, 2170
पूरा पृष्ठ →
ऋग्वेद उपाकर्म
प्रथम बार
अगस्त 25, 2170 (parihara)
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अगस्त 26, 2170 (parihara)
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
जुलाई 27, 2170
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
जुलाई 27, 2170
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
पूरा पृष्ठ →
कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म · प्रथम बार
अगस्त 26, 2170 (parihara)
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
सितम्बर 12, 2170
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
प्रथम बार
सितम्बर 12, 2170 (Parihara)
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
पुनरावृत्ति
सितम्बर 12, 2170
पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
प्रथम बार
अक्तूबर 9, 2170
पूरा पृष्ठ →
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · London
ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
पुनरावृत्ति
अगस्त 25, 2170
श्रवण नक्षत्र
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 25, 2170
गुरु अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
शुक्र अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 24
06:03:04 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 24
08:38:51 पूर्वाह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 25
06:04:39 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 25
10:31:15 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 25
08:01:30 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 26
06:06:14 पूर्वाह्न
यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 26, 2170
गुरु अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
शुक्र अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 27, 2170
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Guru Modhyami अगस्त 14, 2170 को आरंभ, अक्तूबर 3, 2170 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
जुलाई 27, 2170
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
Guru Modhyami अगस्त 14, 2170 को आरंभ, अक्तूबर 3, 2170 को समाप्त
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
पुनरावृत्ति
अगस्त 26, 2170
श्रावण पूर्णिमा
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 26, 2170
गुरु अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
शुक्र अस्त: उपाकर्म करने से पहले उचित उपाय के लिए कृपया अपने कुल पुरोहित (पुजारी/वाद्यार) से संपर्क करें.
गायत्री जप
अगस्त 27, 2170
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 25
06:04:39 पूर्वाह्न
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 25
12:15:12 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 26
06:06:14 पूर्वाह्न
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 26
01:52:40 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 26
07:59:21 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 27
06:07:49 पूर्वाह्न
सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
सितम्बर 12, 2170
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रथम बार
परिहार सहित: सितम्बर 12, 2170
इस दिन फिर भी यज्ञोपवीत धारण (जनेऊ बदलना) करें, मानक मंत्र का उच्चारण कर पुराना जनेऊ त्यागें। इससे संध्यावंदन जैसे नित्यकर्म वैध बने रहते हैं, भले ही पूर्ण उपाकर्म शुभ समय पर न हो सके।
निर्णयसिंधु के अनुसार, चूके हुए कर्म के परिहार हेतु उपवास या प्राजापत्य कृच्छ्र करें।
नदी या पवित्र जलाशय में स्नान करें और सरल ऋषि तर्पण अर्पित करें। कहा जाता है कि इससे शेष दोष शुद्ध हो जाता है।
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
पुनरावृत्ति
सितम्बर 12, 2170
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रथम बार
अक्तूबर 9, 2170
कन्या मास कृष्ण पक्ष हस्त नक्षत्र
🌅 पिछला सूर्योदय
सितम्बर 11
06:31:29 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
सितम्बर 11
08:57:59 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
सितम्बर 12
06:33:04 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
सितम्बर 12
06:06:43 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
सितम्बर 12
07:21:16 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
सितम्बर 13
06:34:38 पूर्वाह्न
परिचय
उपाकर्म
उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।
ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।
जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।
परंपरा और विधि
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
पूर्ण शास्त्रीय तर्क पढ़ें
Upākarma Nirṇaya: The Śāstric Determination of the Upākarma Day
हिन्दी में पढ़ें
उपाकर्म-निर्णय: उपाकर्म-दिन का शास्त्रीय निर्णय
पंचांग खोलें
London का दैनिक पंचांग
अन्वेषण करें
सभी लेख
आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें
🕉 पंचांग चैट खोलें