ॐ
उपाकर्म 2166: बेंगलुरु, कर्नाटक
आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
📍
बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
उपाकर्म · 2166
📍 बेंगलुरु, कर्नाटक, भारत
ऋग्वेद उपाकर्म
अगस्त 1, 2166
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शुक्ल यजुर्वेद
यजुर् उपाकर्म
अगस्त 11, 2166 (parihara)
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कृष्ण यजुर्वेद (बौधायन)
यजुर् उपाकर्म
जुलाई 12, 2166
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कृष्ण यजुर्वेद (आपस्तम्ब)
यजुर् उपाकर्म
जुलाई 12, 2166
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कृष्ण यजुर्वेद (हिरण्यकेशी)
यजुर् उपाकर्म
अगस्त 2, 2166
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सामवेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 29, 2166
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सामवेद उपाकर्म
प्रथम बार
अगस्त 1, 2166
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सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
पुनरावृत्ति
अगस्त 29, 2166
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सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
प्रथम बार
अगस्त 29, 2166 (Parihara)
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आपके शहर के लिए ऋग्वेद, यजुर्वेद और सामवेद उपाकर्म की तिथियाँ
उपाकर्म तिथियाँ · बेंगलुरु
ऋग्वेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
अगस्त 1, 2166
Panchami Tithi
ग्रहण: Total Lunar Eclipse, अगस्त 11, 2166 06:58 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 10
06:08:11 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 10
10:32:14 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 11
06:08:19 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 11
06:42:12 अपराह्न
🌑 ग्रहण
अगस्त 11
06:57:53 अपराह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 11
09:16:47 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 12
06:08:27 पूर्वाह्न
यजुर् उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
शुक्ल यजुर्वेद
परिहार सहित: अगस्त 11, 2166
उपाकर्म करने से पहले निम्नलिखित मंत्र के साथ चंद्र पूजा और होम करें:
ॐ आप्यायस्व समेतु ते विश्वतः सोम वृष्ण्यम् । भवा वाजस्य संगथे ।।
कृष्ण यजुर्वेद, बौधायन सूत्र
जुलाई 12, 2166
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
ग्रहण: Total Lunar Eclipse, अगस्त 11, 2166 06:58 PM
कृष्ण यजुर्वेद, आपस्तम्ब सूत्र
जुलाई 12, 2166
गुरु (आषाढ़) पूर्णिमा
ग्रहण: Total Lunar Eclipse, अगस्त 11, 2166 06:58 PM
कृष्ण यजुर्वेद, हिरण्यकेशी सूत्र
अगस्त 2, 2166
हस्त नक्षत्र, श्रावण शुक्ल
ग्रहण: Total Lunar Eclipse, अगस्त 11, 2166 06:58 PM
गायत्री जप
अगस्त 12, 2166
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 10
06:08:11 पूर्वाह्न
🌕 पूर्णिमा शुरू
अगस्त 10
10:39:36 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 11
06:08:19 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 11
06:42:12 अपराह्न
🌑 ग्रहण
अगस्त 11
06:57:53 अपराह्न
🌖 पूर्णिमा समाप्त
अगस्त 11
08:37:46 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 12
06:08:27 पूर्वाह्न
सामवेद उपाकर्म पूरा पृष्ठ →
सामवेद उपाकर्म
पुनरावृत्ति
अगस्त 29, 2166
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रथम बार
अगस्त 1, 2166
श्रावण पंचमी
प्रातःकाल/सांगव काल विकल्प: श्रावण हस्त नक्षत्र (सांगव काल): अगस्त 2, 2166
सामवेद उपाकर्म (तमिल सम्प्रदाय)
पुनरावृत्ति
अगस्त 29, 2166
भाद्रपद हस्त नक्षत्र
प्रथम बार
परिहार सहित: अगस्त 29, 2166
इस दिन फिर भी यज्ञोपवीत धारण (जनेऊ बदलना) करें, मानक मंत्र का उच्चारण कर पुराना जनेऊ त्यागें। इससे संध्यावंदन जैसे नित्यकर्म वैध बने रहते हैं, भले ही पूर्ण उपाकर्म शुभ समय पर न हो सके।
निर्णयसिंधु के अनुसार, चूके हुए कर्म के परिहार हेतु उपवास या प्राजापत्य कृच्छ्र करें।
नदी या पवित्र जलाशय में स्नान करें और सरल ऋषि तर्पण अर्पित करें। कहा जाता है कि इससे शेष दोष शुद्ध हो जाता है।
🌅 पिछला सूर्योदय
अगस्त 28
06:09:44 पूर्वाह्न
⭐ नक्षत्र प्रारंभ
अगस्त 28
04:09:39 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
अगस्त 29
06:09:46 पूर्वाह्न
🌇 सूर्यास्त
अगस्त 29
06:32:05 अपराह्न
⭐ नक्षत्र समाप्त
अगस्त 29
07:02:35 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
अगस्त 30
06:09:48 पूर्वाह्न
उपाकर्म के 48 घंटों के भीतर ग्रहण या संक्रांति
- 🌕 पूर्ण चंद्र ग्रहण: सोमवार, अगस्त 11, 2166, 5:59 PM to 11:23 PM IST · मध्य 8:41 PM · उपाकर्म के पंचांग दिवस में (अगस्त 11, 2166) · इस शहर से दिखाई देगा
परिचय
उपाकर्म
उपाकर्म यज्ञोपवीत का वार्षिक नवीकरण और वेदाध्ययन का पुनरारंभ है। प्रत्येक वेद इसे अपने दिन मनाता है: ऋग्वेद उपाकर्म, यजुर् उपाकर्म (श्रावणी उपाकर्म, आवणि अवित्तम्) और सामवेद उपाकर्म।
ऊपर दी गई तिथियाँ आपके नगर और वर्ष के लिए हैं, अनुष्ठान दोहराने वालों के लिए भी और इसे पहली बार करने वालों के लिए भी। प्रत्येक वेद के पूरे पृष्ठ पर संपूर्ण तालिका दी गई है।
जहाँ विभिन्न संप्रदायों के मत भिन्न हों, वहाँ कृपया अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा का पालन करें।
परंपरा और विधि
ऋग्वेद उपाकर्म
श्रावण मास में श्रवण नक्षत्र पर आधारित।
यजुर् उपाकर्म
श्रावण पूर्णिमा पर आधारित, शुक्ल यजुर्वेद और कृष्ण यजुर्वेद के लिए।
सामवेद उपाकर्म
भाद्रपद में हस्त नक्षत्र पर आधारित।
शास्त्री जी से पूछें
पूर्ण शास्त्रीय तर्क पढ़ें
Upākarma Nirṇaya: The Śāstric Determination of the Upākarma Day
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उपाकर्म-निर्णय: उपाकर्म-दिन का शास्त्रीय निर्णय
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