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ॐ

वट सावित्री पूर्णिमा 2022

ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत

📍 बेंगलुरु, भारत
वट सावित्री पूर्णिमा · 2022
📍 बेंगलुरु, भारत
जून 14, 2022
ज्येष्ठ पूर्णिमा: वट वृक्ष के नीचे सावित्री का व्रत
समय · बेंगलुरु
सूर्योदय
05:54:32 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
06:45:31 अपराह्न
चंद्रोदय
06:49:03 अपराह्न
चंद्रास्त
05:23:38 पूर्वाह्न
🌅 पिछला सूर्योदय
जून 13
05:54:23 पूर्वाह्न
🌳 पूर्णिमा शुरू
जून 13
09:03:10 अपराह्न
🌅 सूर्योदय
जून 14
05:54:32 पूर्वाह्न
🌳 पूर्णिमा समाप्त
जून 14
05:21:34 अपराह्न
🌇 सूर्यास्त
जून 14
06:45:31 अपराह्न
🌅 अगला सूर्योदय
जून 15
05:54:42 पूर्वाह्न
परिचय

वट सावित्री पूर्णिमा

वट सावित्री पूर्णिमा सुहागिनें ज्येष्ठ की पूर्णिमा को मनाती हैं, विशेषकर महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और कर्नाटक में। यह सावित्री का स्मरण है, जिनकी निष्ठा ने उनके पति को मृत्यु से वापस जीत लिया।

यह कथा महाभारत में कही गई है। राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री ने अंधे और निर्वासित राजा द्युमत्सेन के पुत्र सत्यवान को अपने पति के रूप में चुना, यह जानते हुए भी कि ऋषि नारद ने चेतावनी दी थी कि सत्यवान एक वर्ष के भीतर मर जाएँगे। जैसे जैसे वह दिन निकट आया, उन्होंने कठोर उपवास किया। जब वन में सत्यवान एक वट वृक्ष के नीचे गिर पड़े और यम उनके प्राण लेने आए, तो सावित्री उनके पीछे चल पड़ीं। उनकी बुद्धिमत्ता और दृढ़ता से यम इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने उन्हें वर दिए, और अंत में सत्यवान के प्राण लौटा दिए।

स्त्रियाँ उपवास करती हैं, वट (बरगद) वृक्ष की पूजा करती हैं, उसकी परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटती हैं, फल और फूल अर्पित करती हैं, और अपने पतियों की दीर्घायु की प्रार्थना करते हुए सावित्री की कथा सुनती हैं।

परंपरा और विधि
🌳
वट वृक्ष
इसकी दीर्घ आयु और फैलती जड़ें स्थायी दांपत्य का प्रतीक हैं।
🧵
सूत और परिक्रमा
वृक्ष की परिक्रमा करते हुए उसके तने पर कच्चा सूत लपेटा जाता है।
⚖️
सावित्री और यम
वह निष्ठा और बुद्धिमत्ता जिसने सत्यवान के प्राण वापस जीत लिए।
शुभ समय

चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़ियासेतक
लाभ जून/14/2022 10:43:39 AM जून/14/2022 12:20:02 PM
लाभ जून/14/2022 08:09:10 PM जून/14/2022 09:32:49 PM
शुभ जून/14/2022 10:56:28 PM जून/15/2022 12:20:06 AM
अमृत जून/15/2022 12:20:06 AM जून/15/2022 01:43:45 AM
चल जून/15/2022 01:43:45 AM जून/15/2022 03:07:24 AM
गौरी पंचांग
दिन
लाभम जून/14/2022 07:30:55 AM – जून/14/2022 08:28:44 AM
सुगम जून/14/2022 10:43:39 AM – जून/14/2022 12:20:02 PM
उत्ती जून/14/2022 01:56:24 PM – जून/14/2022 03:32:46 PM
अमृता जून/14/2022 05:09:09 PM – जून/14/2022 06:45:31 PM
रात
उत्ती जून/14/2022 08:09:10 PM – जून/14/2022 09:32:49 PM
अमृता जून/14/2022 10:56:28 PM – जून/15/2022 12:20:06 AM
लाभम जून/15/2022 01:43:45 AM – जून/15/2022 03:07:24 AM
धनम जून/15/2022 03:07:24 AM – जून/15/2022 04:31:03 AM
सुगम जून/15/2022 04:31:03 AM – जून/15/2022 05:54:42 AM
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