mypanchang.com 📖 लेख
ॐ

विजया एकादशी 1902

Magha Krishna Ekadashi: the fast dedicated to Lord Vishnu (Sri Rama)

📍 Bangalore, India
‹ 1902 ›
विजया एकादशी · 1902
📍 Bangalore, India
मार्च 6, 1902
Magha Krishna Ekadashi: the fast dedicated to Lord Vishnu (Sri Rama)
समय · Bangalore
सूर्योदय
06:25:35 AM
सूर्यास्त
06:19:35 PM
🌅 पिछला सूर्योदय
मार्च 5
06:26:10 AM
🌙 एकादशी प्रारंभ
मार्च 5
09:21:21 AM
🌅 सूर्योदय
मार्च 6
06:25:35 AM
🌙 एकादशी समाप्त
मार्च 6
10:28:41 AM
🌇 सूर्यास्त
मार्च 6
06:19:35 PM
🌅 अगला सूर्योदय
मार्च 7
06:24:59 AM
परिचय

विजया एकादशी

श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को वह कथा सुनाई जो कभी ब्रह्मा ने नारद को सुनाई थी। जब श्रीराम लक्ष्मण और वानर सेना के साथ रावण से सीता को छुड़ाने के मार्ग में समुद्र तट पर पहुँचे, तो उन्हें विशाल जलराशि पार करने का कोई उपाय नहीं दिखा।

लक्ष्मण ने उन्हें पास ही रहने वाले प्राचीन ऋषि बकदाल्भ्य के विषय में बताया। राम उनके पास गए, और ऋषि ने उन्हें इस कृष्ण पक्ष की विजया एकादशी का व्रत करने को कहा। दशमी को सोने, चाँदी, ताँबे या मिट्टी का एक कलश जल से भरकर पत्तों, अनाज और भगवान की प्रतिमा से सजाया जाता है। एकादशी को उपवास और रात्रि जागरण के साथ उसकी पूजा होती है, और द्वादशी को उसे जल के पास ले जाकर ब्राह्मण को दान कर दिया जाता है।

राम ने अपनी सेना के साथ यह व्रत किया। उन्होंने समुद्र पार किया, रावण को पराजित किया और सीता को वापस पाया। विजया का अर्थ है विजय: यह उपवास हर धर्मसम्मत प्रयास में सफलता के लिए किया जाता है।

परंपरा और विधि
🏹
राम की विजय
लंका के लिए समुद्र पार करने से पहले राम ने यह उपवास किया।
🏺
कलश की पूजा
सजाए गए जल कलश की पूजा की जाती है और द्वादशी को उसका दान किया जाता है।
🧘
महर्षि बकदाल्भ्य
ऋषि ने समुद्र तट पर राम को यह व्रत सिखाया।
शास्त्री जी से पूछें
📅 विजया एकादशी 1902 कब है? ⏰ विजया एकादशी मुहूर्त 📖 मार्च 6, 1902 का पंचांग 💬 पंचांग चैट खोलें

आज का पंचांग, त्योहार, मुहूर्त और बहुत कुछ देखें

🕉 पंचांग चैट खोलें
भाषा चुनें
लोड हो रहा है…
स्थान बदलें