विषु 2067
मेष संक्रांती: शुभ प्रथम दर्शनाचे केरळचे नववर्ष
विषु
विषू (केरळचे नववर्ष) सूर्य मेष राशीत प्रवेश करतो त्या दिवशी येते, ज्याला मेष संक्रांती म्हणतात. विषू हे नाव संस्कृत विषुवम् या शब्दावरून आले आहे, ज्याचा अर्थ 'समान' असा होतो: या दिवशी दिवस आणि रात्र समान लांबीचे असतात (एक विषुवदिनाची परंपरा) अशी प्राचीन समजूत आहे. केरळसाठी हे सौर संक्रमण म्हणजे काळाच्या नव्या चक्राची, नव्या कृषी वर्षाची आणि प्रत्येक घरात नव्याने ओसंडणाऱ्या दैवी कृपेची सुरुवात आहे.
विषूचा सर्वात महत्त्वाचा विधी म्हणजे विषुकणी: सकाळी उठल्यावर दिसणारी पहिली शुभ दृश्ये. आदल्या रात्री घरातील सर्वांत ज्येष्ठ स्त्री एका मोठ्या पंचधातूच्या उरळीत शुभ वस्तूंची काळजीपूर्वक मांडणी करते: सोनेरी काकडी (कणी वेल्लरीक्का), नारळ, फणस, विड्याची पाने आणि सुपारी, ताजे तांदूळ, नाणी, सोन्याचे दागिने, पिवळी फुले (कण्णा, बहावा - Cassia fistula), तेवत असलेला दिवा (निलाविलक्कू) आणि एक छोटा आरसा. ती हे झाकून ठेवते आणि पहाटेपूर्वी उठून दिवा लावते. त्यानंतर घरातील प्रत्येक सदस्याला डोळे बंद करून त्या खोलीत आणले जाते आणि विषुकणीसमोर उभे राहिल्यावरच डोळे उघडू दिले जातात: म्हणजे नववर्षात दिसणारी पहिलीच गोष्ट ही शुभ मांडणी असते. असे मानले जाते की विषूच्या दिवशी प्रथम जे दिसते तेच संपूर्ण वर्षाचा सूर ठरवते.
विषू आणखी दोन आवडत्या परंपरांसह साजरी होते. कैनीटम (धनाची भेट) म्हणजे वडीलधारी मंडळी मुलांना, लहान नातेवाईकांना आणि घरकाम करणाऱ्यांना पैसे भेट देतात. ही भेट नवीन चलनी नोटांची असावी लागते; रकमेपेक्षा देण्याची कृती अधिक महत्त्वाची मानली जाते. आणि सद्या (केळीच्या पानावरील भव्य मेजवानी) मध्ये संपूर्ण कुटुंब एकत्र येऊन परिप्पु (डाळ), सांबार, रसम, अवियल, थोरन, ओलन, लोणचे, पायसम आणि पापड अशा २०-३० पदार्थांचा आस्वाद घेते. हीच मेजवानी तमिळ नववर्षाशी (पुत्तांडु) एकाच सौर घटनेच्या निमित्ताने जुळून येते.
चौघडिया मुहूर्त
| चौघडिया | पासून | पर्यंत |
|---|---|---|
| चल | एप्रिल/15/2067 06:08:08 AM | एप्रिल/15/2067 07:41:04 AM |
| अमृत | एप्रिल/15/2067 09:26:23 AM | एप्रिल/15/2067 10:46:55 AM |
| शुभ | एप्रिल/15/2067 12:19:51 PM | एप्रिल/15/2067 12:44:37 PM |
| शुभ | एप्रिल/15/2067 01:34:11 PM | एप्रिल/15/2067 01:52:46 PM |
| चल | एप्रिल/15/2067 04:58:37 PM | एप्रिल/15/2067 06:31:33 PM |
| लाभ | एप्रिल/15/2067 09:25:33 PM | एप्रिल/15/2067 10:52:33 PM |
| शुभ | एप्रिल/16/2067 12:19:33 AM | एप्रिल/16/2067 01:46:33 AM |
| अमृत | एप्रिल/16/2067 01:46:33 AM | एप्रिल/16/2067 03:13:33 AM |
| चल | एप्रिल/16/2067 03:13:33 AM | एप्रिल/16/2067 04:40:34 AM |
| सुगम | एप्रिल/15/2067 06:08:08 AM – एप्रिल/15/2067 07:41:04 AM | |
| उत्ती | एप्रिल/15/2067 09:26:23 AM – एप्रिल/15/2067 10:46:55 AM | |
| अमृता | एप्रिल/15/2067 12:19:51 PM – एप्रिल/15/2067 12:44:37 PM | |
| अमृता | एप्रिल/15/2067 01:34:11 PM – एप्रिल/15/2067 01:52:46 PM | |
| धनम | एप्रिल/15/2067 04:58:37 PM – एप्रिल/15/2067 06:31:33 PM |
| लाभम | एप्रिल/15/2067 07:58:33 PM – एप्रिल/15/2067 09:25:33 PM | |
| धनम | एप्रिल/15/2067 09:25:33 PM – एप्रिल/15/2067 10:52:33 PM | |
| सुगम | एप्रिल/15/2067 10:52:33 PM – एप्रिल/16/2067 12:19:33 AM | |
| उत्ती | एप्रिल/16/2067 01:46:33 AM – एप्रिल/16/2067 03:13:33 AM | |
| अमृता | एप्रिल/16/2067 04:40:34 AM – एप्रिल/16/2067 06:07:34 AM |
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